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अब बिना स्टार रेटिंग लेबल वाले घर के उपकरण नहीं बिकेंगे ,1 जनवरी 2026 से नई सरकार की अहम नियमावली लागू

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भारत सरकार ने 1 जनवरी 2026 से इलेक्ट्रिक उपकरणों के लिए एक नई अनिवार्य नियमावली लागू कर दी है, जिसके तहत घर में इस्तेमाल होने वाले कई उपकरणों पर स्टार रेटिंग लेबल होना अब ज़रूरी है। अगर किसी उपकरण पर यह ऊर्जा दक्षता स्टार लेबल (Energy Efficiency Star Label) नहीं होगा, तो उसे बाजार में बेचा नहीं जा सकता। यह बदलाव मुख्य रूप से उपभोक्ताओं को ऊर्जा-खपत और बिजली के खर्च की जानकारी पहले से उपलब्ध कराने के उद्देश्य से किया गया है। इससे लोग उपकरण खरीदते समय ऊर्जा दक्षता का पैमाना समझकर बिजली का बिल बचा सकते हैं और अधिक स्मार्ट खरीदारी कर सकते हैं।इस नियम के तहत फ्रिज, एयर कंडीशनर, वॉशिंग मशीन, टेलीविजन और अन्य बड़े उपकरण शामिल हैं, जिनके लिए अब ऊर्जा दक्षता का स्टार लेबल अनिवार्य रूप से दिया जाना होगा। सरकार का उद्देश्य यह है कि उपभोक्ता मशीनों की बिजली खपत, ऊर्जा दक्षता और प्रदर्शन की तुलना कर सकें, जिससे बिजली उपयोग का बेहतर नियंत्रण संभव हो सके।

सरकार की नीति के तहत, इन उपकरणों पर स्टार रेटिंग को स्पष्ट रूप से दिखाना आवश्यक होगा, ताकि ग्राहक आसानी से समझ सके कि कौन-सा मॉडल कम ऊर्जा खर्च करता है और कौन-सा नहीं। सामान्य तौर पर, 5-स्टार रेटिंग वाले उपकरण अधिक ऊर्जा-कुशल माने जाते हैं और बिजली का खर्च भी कम होता है। 

नियम का उद्देश्य: खर्च और ऊर्जा बचत

सरकार का यह कदम ऊर्जा दक्षता को बढ़ावा देने तथा पर्यावरण की सुरक्षा के लिए भी है। जैसे-जैसे देश में बिजली की मांग बढ़ रही है, ऊर्जा को बचाना और सही तरीके से इस्तेमाल करना बेहद महत्वपूर्ण हो गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर लोग ज्यादा ऊर्जा-कुशल उपकरण चुनते हैं, तो बिजली के खर्च के साथ-साथ कार्बन उत्सर्जन भी कम होगा। नया नियम ब्यूरो ऑफ़ एनर्जी एफिशिएंसी (BEE) के तहत लागू किया गया है, जो पहले से ही घरेलू उपकरणों के लिये स्टार रेटिंग सिस्टम चलाता आ रहा है। इस स्टार सिस्टम का विस्तार अब और उपकरणों तक किया जा रहा है ताकि उपभोक्ता बेहतर निर्णय ले सकें।

बिना लेबल के उपकरणों की बिक्री पर रोक

1 जनवरी 2026 के बाद, उन उपकरणों को बाज़ार में बेचना पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है जिन पर वानिज्यिक रूप से मान्य स्टार लेबल नहीं होगा। इसका सीधा असर यह होगा कि निर्माताओं और विक्रेताओं को समय रहते अपने उत्पादों को नए लेबलिंग मानकों के अनुरूप बनाना होगा। इस निर्णय के ज़रिये सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि सभी घरेलू उपकरण ऊर्जा-सुरक्षित मानकों के अनुरूप हों। यह नियम न सिर्फ उपभोक्ताओं की बचत बढ़ाएगा बल्कि अनुचित ऊर्जा-उपयोग वाले कम-दक्ष उपकरणों को बाज़ार से बाहर भी करेगा।

उपभोक्ता को मिलेगा स्पष्ट लाभ

उपभोक्ता अब खरीदते वक्त सीधे यह देख सकेंगे कि कौन-सा मॉडल बिजली की बचत करेगा और कौन-सा नहीं। इससे लोगों की बिजली की मासिक लागत में कमी आने की उम्मीद है, खासकर ऐसे घरों में जहाँ एयर कंडीशनर, फ्रिज या वॉशिंग मशीन जैसी वस्तुएँ रोज़मर्रा के काम में आती हैं। सरकार का यह कदम ऊर्जा संरक्षण की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है, जो न सिर्फ उपभोक्ता हित में है बल्कि पर्यावरण के लिये भी लाभदायक है। अब बाज़ार में बिकने वाले हर बड़े इलेक्ट्रिक उपकरण पर स्टार रेटिंग स्पष्ट रूप से उपलब्ध होगी, ताकि लोग सही चुनाव कर सकें और बिजली बचा सकें।

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