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बरडिया में बछड़े की संदिग्ध मौत पर बवाल, हिंदूवादी संगठनों का प्रदर्शन, 48 घंटे में कार्रवाई की चेतावनी

बरडिया में बछड़े की संदिग्ध मौत पर बवाल, हिंदूवादी संगठनों का प्रदर्शन, 48 घंटे में कार्रवाई की चेतावनी

जिले के बरडिया क्षेत्र में एक बछड़े की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत को लेकर शुक्रवार को माहौल गरमा गया। घटना से आक्रोशित हिंदूवादी संगठनों ने प्रताप चौक पर जोरदार प्रदर्शन करते हुए प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। मामले की गंभीरता को देखते हुए चिकित्सकों की टीम ने मौके पर पहुंचकर बछड़े का पोस्टमार्टम किया, जिसकी रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, बरडिया में एक बछड़ा मृत अवस्था में मिला था। स्थानीय लोगों ने जब इसकी सूचना हिंदूवादी संगठनों को दी तो क्षेत्र में आक्रोश फैल गया। संगठनों का आरोप है कि बछड़े की मौत स्वाभाविक नहीं है, बल्कि इसके पीछे अमानवीय कृत्य की आशंका है। घटना को लेकर लोगों में गुस्सा इतना बढ़ गया कि शाम होते-होते बड़ी संख्या में कार्यकर्ता प्रताप चौक पर एकत्रित हो गए।

प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने हाथों में तख्तियां लेकर नारेबाजी की और प्रशासन से तुरंत जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि गौवंश के साथ इस तरह की घटनाएं समाज के लिए चिंताजनक हैं और दोषियों को बख्शा नहीं जाना चाहिए। प्रदर्शनकारियों ने इस कृत्य को ‘अमानवीय’ बताते हुए कड़ी निंदा की।

संगठनों के प्रतिनिधियों का कहना है कि यदि इस मामले में 48 घंटे के भीतर प्रशासन द्वारा ठोस और सकारात्मक कार्रवाई नहीं की गई, तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि आवश्यकता पड़ी तो जिला स्तर पर बड़ा विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।

इधर, सूचना मिलने पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों को शांत कराने का प्रयास किया। अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

मामले की तह तक पहुंचने के लिए पशु चिकित्सकों की टीम ने बछड़े का पोस्टमार्टम किया। चिकित्सकों के अनुसार, रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का खुलासा हो सकेगा। प्रशासन का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

घटना के बाद क्षेत्र में पुलिस की निगरानी बढ़ा दी गई है ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति से बचा जा सके। फिलहाल माहौल तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में बताया जा रहा है। स्थानीय लोगों और संगठनों की निगाहें अब प्रशासनिक कार्रवाई और पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी हुई हैं।

इस घटना ने एक बार फिर पशुओं की सुरक्षा और कानून व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि प्रशासन कितनी जल्दी और प्रभावी कदम उठाता है।

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