सीएम विजय ने डीएमके पर साधा निशाना, त्रिची रैली में स्वच्छ शासन का किया वादा
चेन्नई, 1 जून (आईएएनएस)। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और तमिलगा वेट्री कझगम के अध्यक्ष विजय ने सोमवार को डीएमके और उसके सहयोगी दलों पर निशाना साधा।
उन्होंने कहा कि तमिलनाडु की जनता ने हाल के विधानसभा चुनावों में जाति आधारित राजनीति और पैसे के बल पर होने वाली राजनीति को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। साथ ही उन्होंने दावा किया कि उनकी पार्टी को जनता से ऐतिहासिक जनादेश मिला है।
मुख्यमंत्री पद संभालने के बाद तिरुचिरापल्ली की अपनी पहली यात्रा के दौरान एक विशाल आभार रैली को संबोधित करते हुए विजय ने तिरुचिरापल्ली पूर्व के मतदाताओं और तमिलनाडु की जनता का धन्यवाद किया कि उन्होंने उन्हें और उनकी पार्टी को सत्ता में चुना। उन्होंने खुद को राज्य का 'पहला सेवक' बताया और लोगों के कल्याण के लिए लगातार मेहनत करने का संकल्प लिया।
टीवीके प्रमुख ने कहा कि चुनाव का फैसला आम नागरिकों की इच्छाओं को दर्शाता है, जो बदलाव और बेहतर शासन चाहते थे। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी पार्टी को मिला जनादेश पूर्व मुख्यमंत्री एम जी रामचंद्रन के पहले चुनावी प्रदर्शन से भी आगे निकल गया है। हालांकि, उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि उस महान नेता की राजनीतिक विरासत आज भी बेजोड़ बनी हुई है।
विजय ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि जिन लोगों ने सरकार बनने के बाद छह महीने तक चुप रहने की बात कही थी, वे छह दिन भी चुप नहीं रह पाए। उन्होंने कहा कि राजनीतिक विरोधियों की आलोचना उन्हें शासन और प्रशासन के काम से भटका नहीं पाएगी। उन्होंने यह भी कहा, “आप बोलते रहिए, मैं काम करता रहूंगा।”
विजय ने कहा कि तमिलनाडु में अब मुख्य राजनीतिक मुकाबला उनकी पार्टी और डीएमके के बीच है। उन्होंने डीएमके अध्यक्ष एमके स्टालिन को अपना सीधा राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी बताया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकार बनने से पहले कई पार्टियों ने राजनीतिक चालें चलने की कोशिश की, लेकिन वे जनता के फैसले को बदल नहीं सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष की लगातार निगरानी से अंत में उनकी सरकार को ही फायदा होगा, क्योंकि इससे प्रशासन जवाबदेह बना रहेगा और अपने काम पर ध्यान देगा। उन्होंने विधानसभा की कार्यवाही और शासन में लोगों की बढ़ती रुचि का भी स्वागत किया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र तब और मजबूत होता है, जब नागरिक अपने चुने हुए प्रतिनिधियों पर ध्यान रखते हैं।
सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का उल्लेख करते हुए विजय ने 200 यूनिट मुफ्त बिजली देने की घोषणा का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि पहले 100 यूनिट मुफ्त बिजली की योजना पूर्व मुख्यमंत्री जे. जयललिता के कार्यकाल में शुरू की गई थी। उन्होंने कहा कि सरकार ने टीएएसएमएसी से जुड़े नियमों पर काम शुरू कर दिया है और जहां तक संभव हो सका है, कृषि ऋण माफी भी लागू की गई है।
नशीले पदार्थों के बढ़ते दुरुपयोग और महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों पर चिंता जताते हुए विजय ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा और कल्याण के लिए “सिंगप्पेन” योजना अगले सप्ताह शुरू की जाएगी। उन्होंने किसानों को लगातार समर्थन देने का भरोसा दिया और कहा कि उनका कल्याण सरकार की प्राथमिकता में सबसे ऊपर रहेगा।
विधायकों की खरीद-फरोख्त के आरोपों को खारिज करते हुए विजय ने कहा कि राजनीतिक विरोधियों ने सत्ता पाने के लिए पीछे के रास्तों से तरीके अपनाने की कोशिश की थी, लेकिन उन्होंने जोर देकर कहा कि टीवीके सरकार ने ऐसी किसी भी गतिविधि में हिस्सा नहीं लिया। उन्होंने यह भी कहा कि वोट खरीदने पर रोक लगाने और साफ-सुथरी चुनावी राजनीति को बढ़ावा देने के लिए कदम उठाए गए हैं।
भ्रष्टाचार और रिश्वत से मुक्त प्रशासन का वादा करते हुए विजय ने कहा कि उनकी सरकार बिना किसी भेदभाव के शासन करेगी, तमिलनाडु के अधिकारों की रक्षा करेगी, नदी जल से जुड़े हितों को सुरक्षित रखेगी और सामाजिक न्याय को बनाए रखेगी। उन्होंने कहा कि राज्य की सभी 234 विधानसभा सीटें सरकार के लिए बराबर महत्वपूर्ण हैं और विकास हर क्षेत्र तक पहुंचाया जाएगा।
तिरुचिरापल्ली पूर्व में होने वाले आगामी उपचुनाव का जिक्र करते हुए विजय ने संकेत दिया कि टीवीके संभवतः किसी स्थानीय उम्मीदवार को मैदान में उतारेगी। अपने भाषण के अंत में उन्होंने कहा कि कोई भी राजनीतिक ताकत उन्हें जनता से अलग नहीं कर सकती और तमिलनाडु के मतदाताओं के साथ उनका संबंध अटूट है।
--आईएएनएस
एसएचके/डीकेपी

