सऊदी अरब के नज्रान एयरपोर्ट पर ड्रोन हमले की हूती समूह ने ली जिम्मेदारी, लाल सागर में तनाव बढ़ा
सना, 4 अगस्त (आईएएनएस)। यमन के हूती समूह ने मंगलवार को दावा किया कि उसने सऊदी अरब के दक्षिण-पश्चिमी क्षेत्र में स्थित नज्रान एयरपोर्ट पर ड्रोन हमला किया है। हूतियों का कहना है कि यह कार्रवाई यमन के हवाई क्षेत्र में सऊदी ड्रोन की कथित घुसपैठ के जवाब में की गई।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर जारी एक बयान में हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सारेया ने कहा कि ड्रोन हमले में एयरपोर्ट के एक 'संवेदनशील' ठिकाने को निशाना बनाया गया और हमला पूरी सटीकता के साथ सफल रहा।
सारेया ने लिखा, "यमनी सशस्त्र बलों ने ड्रोन के जरिए नज्रान एयरपोर्ट पर सऊदी दुश्मन की एक महत्वपूर्ण संपत्ति को सफलतापूर्वक निशाना बनाया। यह हमला बेहद सटीक रहा।"
उन्होंने कहा, "यह कार्रवाई सऊदी दुश्मन की ओर से सादा और हज्जाह प्रांतों के हवाई क्षेत्र में अपने ड्रोन भेजकर किए गए उल्लंघन के जवाब में की गई है। हम सऊदी पक्ष को साफ बता देना चाहते हैं कि हमारे हवाई क्षेत्र का कोई भी उल्लंघन बिना जवाब या सजा के नहीं रहेगा।"
सिन्हुआ समाचार एजेंसी के अनुसार, हूतियों के इस दावे पर सऊदी अधिकारियों की ओर से तुरंत कोई प्रतिक्रिया नहीं आई।
यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब हूतियों और सऊदी अरब के बीच तनाव तेजी से बढ़ रहा है। 20 जुलाई को हूती समूह ने लाल सागर में सऊदी अरब से जुड़े जहाजों के खिलाफ समुद्री प्रतिबंध लगाने की घोषणा की थी। समूह का आरोप था कि सऊदी अरब हूती नियंत्रण वाले इलाकों की नाकेबंदी कर रहा है।
इसके बाद से हूती कई बार दावा कर चुके हैं कि उन्होंने लाल सागर में सऊदी से जुड़े जहाजों और ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर मिसाइल तथा ड्रोन हमले किए हैं। दूसरी ओर, सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने भी यमन में हूती सैन्य ठिकानों पर हवाई हमले फिर से शुरू कर दिए हैं।
बढ़ते संघर्ष ने लाल सागर और बाब-अल-मंदेब स्ट्रेट की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं। इससे क्षेत्र में बड़े सैन्य टकराव का खतरा भी बढ़ गया है, जबकि पिछले कुछ वर्षों में यमन में अपेक्षाकृत शांति बनी हुई थी।
बाब-अल-मंदेब स्ट्रेट दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक माना जाता है। यह अदन की खाड़ी को लाल सागर के दक्षिणी हिस्से से जोड़ता है और स्वेज नहर के जरिए होने वाले वैश्विक व्यापार तथा ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद अहम रास्ता है।
इस बीच, शनिवार को हूती समूह ने उन खबरों को खारिज कर दिया जिनमें कहा गया था कि वह बाब-अल-मंदेब स्ट्रेट से गुजरने वाले व्यापारिक जहाजों से शुल्क वसूलने की योजना बना रहा है।
सिन्हुआ के मुताबिक, समूह ने कहा कि इस मार्ग से गुजरने वाले जहाजों के लिए कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा।
एक प्रेस बयान में हूती प्रशासन के तहत काम करने वाले ह्यूमैनिटेरियन ऑपरेशंस कोऑर्डिनेशन सेंटर (एचओसीसी) ने कहा कि जहाजों से ट्रांजिट फीस लेने का न तो कोई फैसला किया गया है और न ही इस पर विचार चल रहा है।
--आईएएनएस
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