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यूपी महिला आयोग की अध्यक्ष ने ममता बनर्जी के आरोपों को किया खारिज, कहा- हार से ध्यान हटाने का प्रयास

लखनऊ, 5 मई (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष बबीता सिंह चौहान ने मंगलवार को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा चुनाव प्रक्रिया के दौरान गड़बड़ी के आरोपों को निराधार और राजनीतिक रूप से प्रेरित बताते हुए खारिज कर दिया। उन्होंने महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तिकरण को मजबूत करने के लिए भाजपा को श्रेय दिया।
यूपी महिला आयोग की अध्यक्ष ने ममता बनर्जी के आरोपों को किया खारिज, कहा- हार से ध्यान हटाने का प्रयास

लखनऊ, 5 मई (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष बबीता सिंह चौहान ने मंगलवार को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा चुनाव प्रक्रिया के दौरान गड़बड़ी के आरोपों को निराधार और राजनीतिक रूप से प्रेरित बताते हुए खारिज कर दिया। उन्होंने महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तिकरण को मजबूत करने के लिए भाजपा को श्रेय दिया।

चुनाव के दौरान महिलाओं पर कथित शारीरिक हमले के बारे में बनर्जी के दावों पर प्रतिक्रिया देते हुए चौहान ने कहा कि ऐसे बयान चुनावी हार से ध्यान हटाने का प्रयास हैं।

बबीता सिंह चौहान ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत करते हुए ​​कहा, "जब उनके पास कुछ नहीं बचता तो कुछ न कुछ कहना ही पड़ता है। अगर एजेंसियां ​​वाकई में गलत काम में शामिल होतीं तो भाजपा के पक्ष में इतना बड़ा बहुमत नहीं आता।"

उन्होंने आगे कहा कि पश्चिम बंगाल में जनता की भावना तृणमूल कांग्रेस सरकार के खिलाफ हो गई है, जिसका कारण उन्होंने नागरिकों में व्यापक असंतोष बताया।

उन्होंने कहा, "कहते हैं कि किसी भी चीज की अति हानिकारक होती है। मैं अक्सर बंगाल जाती हूं और खासकर कोलकाता में, वहां लोग शासन से बेहद परेशान थे। जनता की निराशा के स्तर को पूरी तरह से बयान करना मुश्किल है।"

चौहान ने यह भी दावा किया कि समाज का एक वर्ग भले ही 'स्वार्थ' के कारण बनर्जी का समर्थन कर रहा हो, लेकिन व्यापक जनमानस निराश था, जो उनके अनुसार मतदान के रुझानों में परिलक्षित हुआ। जनता परेशान थी और यह मतदान प्रतिशत में स्पष्ट है।

महिला मतदाताओं के खिलाफ हिंसा के आरोपों पर महिला आयोग की अध्यक्ष ने कहा, "वे जो कह रही हैं, वह पूरी तरह गलत है। जब सबूत स्पष्ट हैं तो अतिरिक्त प्रमाण की कोई आवश्यकता नहीं है। महिला मतदाताओं की भागीदारी अत्यधिक रही है, जो स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि महिलाएं सुरक्षित और समर्थित महसूस करती हैं।"

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की उन नीतियों की सराहना की, जिनमें महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तिकरण को प्राथमिकता दी गई है।

चौहान ने कहा, "प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने और उन्हें आवश्यक सुविधाएं प्रदान करने पर विशेष ध्यान दिया गया है। हिंसा का तो कोई सवाल ही नहीं उठता, महिलाओं के प्रति अनादर भी बर्दाश्त नहीं किया जाता।"

उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि आज महिला मतदाता राजनीतिक रूप से जागरूक हैं और उन्हें अतिरिक्त लामबंदी की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा, "महिलाएं पहले से ही जागरूक हैं और मतदान में सक्रिय रूप से भाग लेती हैं। वे समझती हैं कि यदि वे अपने अधिकारों की रक्षा करना चाहती हैं या अवसर सुरक्षित करना चाहती हैं तो उन्हें सही राजनीतिक मंच का समर्थन करना होगा।"

उत्तर प्रदेश में की गई पहलों पर प्रकाश डालते हुए चौहान ने महिला सशक्तिकरण के उद्देश्य से लागू की गई योजनाओं के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रशंसा की। उन्होंने कहा, "समाज में महिलाओं की स्थिति को मजबूत करने के लिए उत्तर प्रदेश में कई कार्यक्रम शुरू किए गए हैं। सभी महिलाओं की ओर से मैं मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करती हूं।"

--आईएएनएस

ओपी/डीकेपी

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