हरियाणा: यमुनानगर में महिलाओं ने आरक्षण बिल के समर्थन में निकाली स्कूटी रैली
यमुनानगर, 15 अप्रैल (आईएएनएस)। हरियाणा के यमुनानगर में बुधवार को महिलाओं ने महिला आरक्षण बिल के समर्थन में एक स्कूटी रैली निकाली और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताया।
रैली में बड़ी संख्या में महिलाओं ने अपने-अपने स्कूटर पर शहर के प्रमुख इलाकों में भाग लिया। इस दौरान महिलाओं में राजनीतिक जागरूकता और सशक्तीकरण की भावना स्पष्ट रूप से देखने को मिली।
प्रतिभागियों ने कहा कि यह आयोजन देश की राजनीतिक व्यवस्था में महिलाओं की अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
यमुनानगर की मेयर सुमन बहमनी ने कहा कि महिलाओं में बहुत उत्साह देखने को मिला।
उन्होंने आईएएनएस से कहा, ''स्कूटी रैली में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला, जिसमें महिलाओं ने बड़ी संख्या में भाग लिया। यह कार्यक्रम प्रधानमंत्री को ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ के लिए धन्यवाद देने के लिए आयोजित किया गया था।''
उन्होंने इस कानून को शासन और नीति-निर्माण में महिलाओं की भूमिका को मजबूत करने वाला एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर बताया। बहमनी ने कहा कि वर्तमान में लोकसभा में महिलाओं की भागीदारी लगभग 14 प्रतिशत है, जबकि प्रस्तावित 33 प्रतिशत आरक्षण से बड़ा बदलाव आएगा।
उन्होंने कहा, ''आज के समय में यह बहुत जरूरी है, खासकर जब प्रधानमंत्री विभिन्न योजनाओं और पहलों के जरिए महिलाओं के सशक्तीकरण के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। नीति-निर्माण में महिलाओं की अधिक भागीदारी से शासन अधिक प्रभावी और समावेशी होगा।''
भाजपा नेता रोजी मलिक आनंद ने कहा कि यमुनानगर जैसे छोटे शहर में भी महिलाओं की बड़ी भागीदारी यह दिखाती है कि इस बिल को व्यापक समर्थन मिल रहा है। महिलाएं लंबे समय से इस कदम का इंतजार कर रही थीं। ऐसा लगता है कि महिलाओं की समानता का एक सकारात्मक दौर शुरू हो गया है। यह बिल पहले भी कई बार संसद में लाया गया, लेकिन आगे नहीं बढ़ पाया।
उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि इतने महत्वपूर्ण सुधार को लागू होने में इतना समय क्यों लगा।
इसी तरह का समर्थन उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में भी देखने को मिला, जहां भाजपा ने ‘नारी शक्ति वंदन बाइक रैली’ का आयोजन किया। इसमें महिलाओं और पार्टी कार्यकर्ताओं ने बड़ी संख्या में भाग लिया और शहर के प्रमुख इलाकों से रैली निकाली।
‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ के तहत लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए एक-तिहाई सीटें आरक्षित करने का प्रावधान है। इसे भारतीय राजनीति में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने और उन्हें सशक्त बनाने के लिए एक ऐतिहासिक सुधार माना जा रहा है।
--आईएएनएस
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