Samachar Nama
×

हार देख सीपीआई-एम ने फिर पुरानी 'बोगस वोटिंग' की चाल अपनाई : केसी वेणुगोपाल

कन्नूर, 2 अप्रैल (आईएएनएस)। कांग्रेस महासचिव और सांसद के.सी. वेणुगोपाल ने गुरुवार को आरोप लगाया कि केरल विधानसभा चुनावों में अपनी आसन्न हार को देखते हुए, सीपीआई-एम का नेतृत्व पय्यानूर में फर्जी मतदान को आसान बनाने के लिए नकली आधार कार्ड बनाने का समर्थन कर रहा है।
हार देख सीपीआई-एम ने फिर पुरानी 'बोगस वोटिंग' की चाल अपनाई : केसी वेणुगोपाल

कन्नूर, 2 अप्रैल (आईएएनएस)। कांग्रेस महासचिव और सांसद के.सी. वेणुगोपाल ने गुरुवार को आरोप लगाया कि केरल विधानसभा चुनावों में अपनी आसन्न हार को देखते हुए, सीपीआई-एम का नेतृत्व पय्यानूर में फर्जी मतदान को आसान बनाने के लिए नकली आधार कार्ड बनाने का समर्थन कर रहा है।

उन्होंने कहा कि पय्यानूर और तलिपरम्बा (दोनों कन्नूर में) से सामने आ रहे घटनाक्रम इस बात के साफ संकेत हैं कि सीपीआई-एम, जो मतदान के दिन करीब आने के साथ ही हार के डर से घिरी हुई है, अपनी पुरानी चालें फिर से चलने लगी है।

उनके अनुसार, ये गतिविधियां पय्यानूर में स्थित सीपीआई-एम के एक दफ्तर से चलाई जा रही हैं।

उन्होंने कहा कि कथित तौर पर कल्लियस्सेरी के वोटों की नकल करके उन्हें पय्यानूर में जोड़ दिया गया है, जिससे दोहरी वोटिंग करना संभव हो गया है।

खबरों के मुताबिक, इन नकली वोटों को डालने के लिए फर्जी आधार कार्ड बनाए जा रहे हैं।

वेणुगोपाल ने आगे आरोप लगाया कि लोकतंत्र को कमजोर करने के उद्देश्य से की जा रही ऐसी हरकतें पार्टी के शीर्ष नेताओं की मंजूरी से हो रही हैं।

इस संबंध में उम्मीदवार ने चुनाव आयोग को एक शिकायत सौंपी है, और उन्होंने चुनाव आयोग से आग्रह किया है कि वे इस मामले को गंभीरता से लें।

वेणुगोपाल ने 'घबराई हुई' मार्क्सवादी पार्टी पर न केवल पय्यानूर में, बल्कि पलक्कड़ और त्रिक्करिपुर में भी हिंसा और डराने-धमकाने का सहारा लेने का आरोप लगाया।

उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी उम्मीदवारों के पोस्टर फाड़े जा रहे हैं, त्रिक्करिपुर में संदीप वारियर को रोका गया, और जी. सुधाकरन के ड्राइवर को जान से मारने की धमकियां दी गईं।

उन्होंने आगे कहा कि जिन लोगों ने सीपीआई-एम छोड़ दी है, उन्हें मारे गए बागी नेता टी.पी. चंद्रशेखरन के हश्र की याद दिलाकर डराया-धमकाया जा रहा है।

उन्होंने जोर देकर कहा कि चाहे कोई भी रणनीति अपनाई जाए, एलडीएफ यह चुनाव नहीं जीतेगी, और यहां तक कि सच्चे कम्युनिस्टों ने भी इस सच्चाई को मान लिया है।

उन्होंने दावा किया कि सीपीआई-एम को इस बात का डर है कि शायद उसके पारंपरिक समर्थक भी उसे वोट न दें।

उन्होंने मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन की भी आलोचना की, और उन पर विभाजनकारी तुष्टीकरण की राजनीति करने, गलत जानकारी फैलाने और निचले स्तर के हमले करने का आरोप लगाया।

सुधाकरन के बारे में की गई टिप्पणियों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को ऐसे बयान देने से पहले "आईने में अपना चेहरा देखना चाहिए", और यह भी जोड़ा कि सुधाकरन जैसे धर्मनिरपेक्ष नेता को सांप्रदायिक रंग देना दुर्भाग्यपूर्ण है।

--आईएएनएस

एससीएच

Share this story

Tags