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ईद के त्योहार के बाद एक मजबूत राजनीतिक संदेश देंगे: सीएम उमर अब्दुल्ला

श्रीनगर, 6 मई (आईएएनएस)। जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने बुधवार को कहा कि ईद के त्योहार के बाद वह एक बड़ा राजनीतिक संदेश देंगे, क्योंकि वह बादल फटने की तरह बरसना चाहते हैं।
ईद के त्योहार के बाद एक मजबूत राजनीतिक संदेश देंगे: सीएम उमर अब्दुल्ला

श्रीनगर, 6 मई (आईएएनएस)। जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने बुधवार को कहा कि ईद के त्योहार के बाद वह एक बड़ा राजनीतिक संदेश देंगे, क्योंकि वह बादल फटने की तरह बरसना चाहते हैं।

बारामूला जिले के तंगमर्ग इलाके में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उमर अब्दुल्ला ने कहा कि वह फिलहाल संयम बरत रहे हैं, क्योंकि आज का मौका राजनीतिक भाषण देने के लिए सही नहीं है। वह ईद के त्योहार के बाद एक कड़ा राजनीतिक संदेश देंगे। उन्होंने यह भी कहा कि वह खुद को रोककर रखे हुए हैं, लेकिन जब फटेंगे तो बादल फटने की तरह होंगे।

ईद का त्योहार 28 मई को है और सूत्रों के अनुसार उमर अब्दुल्ला इसके खत्म होने के बाद एक बड़ी जनसभा आयोजित करने की योजना बना रहे हैं।

युवाओं पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि छात्र जम्मू-कश्मीर के भविष्य के केंद्र में हैं और सरकार शिक्षा, रोजगार और आर्थिक अवसरों को मजबूत करने की दिशा में काम कर रही है।

उन्होंने इस क्षेत्र में पर्याप्त निजी विश्वविद्यालयों की कमी को उजागर किया, जिसके कारण परिवारों को अपने बच्चों को जम्मू-कश्मीर से बाहर भेजना पड़ता है, जिसमें उन्हें भारी आर्थिक बोझ उठाना पड़ता है। उन्होंने बताया कि इस समस्या के समाधान के लिए सरकार ने एक 'निजी विश्वविद्यालय विधेयक' पारित किया है और इसके कार्यान्वयन के लिए नियम बनाए जा रहे हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि पूरे क्षेत्र में निजी विश्वविद्यालय स्थापित होंगे, और तांगमर्ग जैसे स्थान इसके लिए अनुकूल परिस्थितियां प्रदान करेंगे।

उमर अब्दुल्ला ने यह स्वीकार किया कि सिर्फ सरकारी नौकरियों से बेरोजगारी की समस्या हल नहीं हो सकती, लेकिन राहत देने के लिए इस साल 20 हजार से 25 हजार सरकारी नौकरियां देने का लक्ष्य रखा गया है। इस दौरान उन्होंने 'मिशन युवा' जैसी स्वरोजगार की पहलों पर भी जोर दिया, जिसका मकसद युवा उद्यमियों, जिनमें पर्यटन और छोटे व्यवसायों से जुड़े लोग भी शामिल हैं, के लिए कर्ज की उपलब्धता को बेहतर बनाना है।

उन्होंने आगे कहा कि कौशल विकास कार्यक्रमों का विस्तार किया जा रहा है, ताकि प्रशिक्षण को बाजार की जरूरतों के अनुरूप बनाया जा सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसका व्यापक लक्ष्य एक आत्मनिर्भर जम्मू-कश्मीर का निर्माण करना है, जिसकी स्थानीय आर्थिक नींव मजबूत हो, जिससे इस क्षेत्र के भीतर ही रोज़गार के अवसर पैदा हों और केंद्र पर लंबे समय तक बनी रहने वाली निर्भरता कम हो।

मुख्यमंत्री ने सत्ताधारी नेशनल कॉन्फ्रेंस के भीतर किसी भी तरह के मतभेद की अफवाहों को भी खारिज कर दिया और कहा कि कोई भी पार्टी छोड़कर नहीं जा रहा है।

--आईएएनएस

पीएसके

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