‘किसी दुस्साहस पर पाकिस्तान दुनिया के नक्शे से मिट जाएगा’, भारत ने सिंधु जल संधि पर दी कड़ी प्रतिक्रिया
नई दिल्ली, 14 अगस्त (आईएएनएस)। पाकिस्तान की ओर से सिंधु जल संधि (आईडब्ल्यूटी) को लेकर दी गई कथित धमकी पर भारत में राजनीतिक दलों के नेताओं ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि पाकिस्तान ने कोई दुस्साहस किया तो उसे इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी और वह “दुनिया के नक्शे से मिट जाएगा।”
यह प्रतिक्रिया पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के उस बयान के बाद आई है, जिसमें उन्होंने सिंधु जल के मुद्दे को देश की “रेड लाइन” बताते हुए कहा कि पाकिस्तान इस मामले में कोई समझौता नहीं करेगा।
भारत का स्पष्ट रुख रहा है कि जब तक पाकिस्तान सीमा पार आतंकवाद को पूरी तरह बंद नहीं करता, तब तक सिंधु जल संधि को स्थगित रखा जाएगा।
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने इस मुद्दे पर आईएएनएस से कहा कि भारत अपने राष्ट्रीय हितों के अनुसार काम करता है और अपने हितों की मजबूती से रक्षा करता है। उन्होंने कहा, “दुनिया में चाहे कोई भी ताकत हो, पाकिस्तान की हैसियत ही क्या है? हम अपने हित में काम करते हैं और अपने हितों की दृढ़ता से रक्षा करते हैं।”
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता आर.पी. सिंह ने पाकिस्तान को चेतावनी देते हुए कहा कि शहबाज शरीफ शायद पिछले साल ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान की स्थिति भूल गए हैं। उन्होंने कहा कि उस दौरान पाकिस्तान के आतंकवादी ढांचे और एयरपोर्ट्स को भारी नुकसान पहुंचाया गया था। उन्होंने कहा, “अगर उन्होंने कोई दुस्साहस किया तो पाकिस्तान हमेशा के लिए दुनिया के नक्शे से मिट जाएगा।”
कांग्रेस नेता तारिक अनवर ने भी पाकिस्तान के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि भारत ने सिंधु जल संधि को एक वजह से स्थगित किया है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की ओर से लगातार आतंकवादी गतिविधियां और कश्मीर में हालिया हमलों में निर्दोष लोगों की जान जाने के कारण भारत के लिए पाकिस्तान के साथ संबंध बनाए रखना बेहद मुश्किल है।
आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने कहा कि हाल ही में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय सशस्त्र बलों ने पाकिस्तान को हर तरह की “रेड, येलो और ब्लू लाइन” दिखा दी है।
उन्होंने आईएएनएस से कहा कि भारत को पाकिस्तान की किसी भी बात को गंभीरता से नहीं लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत के पास पाकिस्तान की किसी भी कार्रवाई का “हजार गुना ज्यादा ताकत” से मुंहतोड़ जवाब देने की क्षमता है। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर पूरा देश केंद्र सरकार और भारतीय सशस्त्र बलों के साथ मजबूती से खड़ा है।
इससे पहले अमेरिका में भारत के राजदूत विनय क्वात्रा ने कहा था कि 1960 में सिंधु जल संधि सद्भावना और मित्रता की भावना से हुई थी। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने पांच दशकों में इस भावना को खत्म करने का काम किया और संधि को स्थगित करना केवल इस वास्तविकता को स्वीकार करता है कि पाकिस्तान के आचरण ने पहले ही उस भावना को नष्ट कर दिया था।
--आईएएनएस
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