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अल नीनो की वजह से कोलंबिया में जंगल की आग का खतरा तेज, हवाई मदद की गुहार

अल नीनो की वजह से कोलंबिया में जंगल की आग का खतरा तेज, हवाई मदद की गुहार
अल नीनो की वजह से कोलंबिया में जंगल की आग का खतरा तेज, हवाई मदद की गुहार

बोगोटा, 25 अगस्त (आईएएनएस)। कोलंबिया की नेशनल यूनिट फॉर डिजास्टर रिस्क मैनेजमेंट ने बताया कि अल नीनो की स्थिति के बीच देश के तीन इलाकों में अभी भी जंगल की आग सक्रिय है।

एजेंसी ने सोमवार (स्थानीय समयानुसार) कहा कि पिछले सात दिन में 84 आग की घटनाओं पर काबू पा लिया गया है। फिलहाल सक्रिय आग की घटनाएं मुख्य रूप से टोलीमा इलाके में हैं, जहां दस स्थानों पर आग लगी हुई है। जबकि काल्डस और हुइला विभागों में एक-एक जगह आग सक्रिय है।

टोलीमा के सबसे अधिक प्रभावित इलाकों में से एक कोएलो नगर पालिका के मेयर सैंटियागो हेरेरा ने आग पर काबू पाने के लिए केंद्र सरकार से तत्काल हवाई सहायता भेजने की अपील की है।

स‍िन्हुआ समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, हेरेरा ने 'नोटिसियास काराकोल' को बताया कि नगर पालिका की स्थिति बेहद गंभीर है। उन्होंने कहा कि तेज गर्मी, तेज हवाएं और कई जगहों पर लगी आग के कारण आग को पूरी तरह नियंत्रित करना मुश्किल हो रहा है।

उन्होंने बताया कि कोएलो के तीन ग्रामीण इलाकों में फिलहाल छह स्थानों पर आग जल रही है। स्थानीय अग्निशमन दल के पास पर्याप्त संसाधन नहीं हैं और सभी प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंचने में उन्हें काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

हेरेरा ने कहा कि बचाव और जंगल की आग बुझाने में विशेषज्ञता रखने वाले लगभग 100 लोग स्थानीय निवासियों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं, लेकिन स्थिति को देखते हुए हेलीकॉप्टर सहायता की तत्काल जरूरत है।

उनके अनुसार, हवाई सहायता ही तापमान कम करने में मदद कर सकती है और जमीन पर काम कर रही टीमों को आग वाले क्षेत्रों तक अधिक प्रभावी ढंग से पहुंचने का मौका दे सकती है।

केवल कोएलो क्षेत्र में ही 2,000 हेक्टेयर से अधिक भूमि आग से प्रभावित हुई है। साथ ही लगभग 7,000 लोग, खासकर चागाला ग्रामीण क्षेत्र के निवासी, इससे प्रभावित हुए हैं।

कोलंबिया में जंगलों की आग अगस्त की शुरुआत से फैलनी शुरू हुई थी। अधिकारियों का कहना है कि इसका मुख्य कारण अल नीनो की स्थिति है, जो देश में मार्च 2027 तक बनी रह सकती है।

अल नीनो एक प्राकृतिक जलवायु घटना है, जिसमें मध्य और पूर्वी उष्णकटिबंधीय प्रशांत महासागर की सतह का तापमान सामान्य से अधिक गर्म हो जाता है।

इस बीच, कोपरनिकस क्लाइमेट चेंज सर्विस (सी3एस) ने सोमवार को बताया कि 22 अगस्त को वैश्विक स्तर पर समुद्र की सतह का औसत दैनिक तापमान 21.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो मार्च 2024 में बने 21.09 डिग्री सेल्सियस के पिछले रिकॉर्ड से भी अधिक है।

--आईएएनएस

एवाई/एएस

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