'डीएससी घोटाले में बेटे को क्यों बचा रहे हैं?', जगन ने चंद्रबाबू नायडू पर साधा निशाना
अमरावती, 4 सितंबर (आईएएनएस)। वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) प्रमुख और आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने शुक्रवार को मेगा डीएससी के जरिए शिक्षक भर्ती में कथित अनियमितताओं की सीबीआई जांच की मांग दोहराते हुए मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू पर उनके बेटे और राज्य के शिक्षा मंत्री नारा लोकेश को बचाने का आरोप लगाया।
जगन मोहन रेड्डी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर चंद्रबाबू नायडू से पूछा कि जब भर्ती प्रक्रिया में कथित तौर पर अयोग्य उम्मीदवारों को नौकरी मिलने के सबूत सामने आ रहे हैं, तब भी वह मामले को सीबीआई को सौंपने से क्यों बच रहे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि मेगा डीएससी योग्य उम्मीदवारों के साथ "धोखा" साबित हुई है और सरकार सत्ता, झूठ तथा प्रचार के जरिए शिक्षा मंत्री नारा लोकेश को बचाने की कोशिश कर रही है।
वाईएसआरसीपी प्रमुख ने दावा किया कि कुरनूल जिले में एक बीसी उम्मीदवार, जिसे टीईटी में 75 अंक लाना जरूरी था, उसे खेल कोटा के तहत केवल 65 अंक होने के बावजूद एसजीटी का पद दे दिया गया।
उन्होंने कहा कि जब प्रमाणपत्रों का व्यक्तिगत सत्यापन किया गया और उम्मीदवार की अयोग्यता स्पष्ट थी, तो उसे नियुक्ति कैसे मिली। आवेदन स्तर पर अयोग्य उम्मीदवार सभी चरण पार कर नौकरी तक कैसे पहुंच गया और इसके पीछे कौन-सी "अदृश्य ताकत" काम कर रही थी।
जगन ने आरोप लगाया कि डीएससी-2025 भर्ती में राज्य के कई जिलों में इसी तरह नियमों का उल्लंघन हुआ है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार के अधीन काम करने वाले अधिकारी इस मामले की निष्पक्ष जांच नहीं कर सकते। उनके मुताबिक जब परिस्थितियां शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग करती हैं, तब सरकार के अधिकारी स्वतंत्र जांच नहीं कर पाएंगे। इसी वजह से उनकी पार्टी शुरू से ही सीबीआई जांच की मांग कर रही है और योग्य अभ्यर्थियों को न्याय दिलाने के लिए अदालत में भी लड़ाई लड़ रही है।
जगन मोहन रेड्डी ने आरोप लगाया कि डीएससी भर्ती में कथित अनियमितताओं के बाद सरकार ने यही तरीका आंध्र प्रदेश लोक सेवा आयोग (एपीपीएससी) की भर्तियों में भी अपनाया।
उन्होंने दावा किया कि उनकी सरकार के कार्यकाल में वित्तीय मंजूरी प्राप्त 814 वन विभाग पदों के लिए अधिसूचना जारी हो चुकी थी और मुख्य परीक्षा भी पूरी हो गई थी, लेकिन मौजूदा सरकार ने डीएससी में लागू जीओ नंबर-4 के आधार पर 40 खेल कोटा पद बिना परीक्षा केवल प्रमाणपत्रों के आधार पर भर दिए।
उन्होंने आरोप लगाया कि डीएससी भर्ती में कथित अनियमितताएं उजागर होने के बाद इसी तरह की गड़बड़ियां सामने आने के डर से सरकार ने बाकी भर्ती प्रक्रिया बीच में रोक दी।
जगन ने कहा कि ईमानदार नौकरी अभ्यर्थियों के साथ हुए कथित अन्याय को सरकार रैलियां और प्रचार अभियान चलाकर नहीं छिपा सकती।
वाईएसआरसीपी प्रमुख ने पारदर्शी भर्ती और निष्पक्ष परीक्षाओं की मांग कर रहे युवाओं को समर्थन देने का भरोसा जताते हुए कहा कि मेगा डीएससी से जुड़े पूरे मामले- पेपर लीक, खेल कोटा, टीईटी पात्रता, पोस्टिंग आदेश और जीओ नंबर-4 के आधार पर हुई सभी भर्तियों की सीबीआई जांच कराई जानी चाहिए।
--आईएएनएस
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