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संयुक्त राष्ट्र में आतंकवाद पर सवालों से बचते नजर आए शहबाज शरीफ, हाफिज सईद पर नहीं दिया जवाब

संयुक्त राष्ट्र में आतंकवाद पर सवालों से बचते नजर आए शहबाज शरीफ, हाफिज सईद पर नहीं दिया जवाब
संयुक्त राष्ट्र में आतंकवाद पर सवालों से बचते नजर आए शहबाज शरीफ, हाफिज सईद पर नहीं दिया जवाब

न्यूयॉर्क, 25 सितंबर (आईएएनएस)। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ 81वीं संयुक्त राष्ट्र महासभा में हिस्सा लेने के लिए संयुक्त राष्ट्र (यूएन) मुख्यालय पहुंचे थे लेकिन वहां आतंकवाद को लेकर पूछे गए सवालों से बचते नजर आए। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक उन्होंने लश्कर-ए-तैयबा प्रमुख हाफिज सईद को लेकर पूछे गए सवालों का कोई जवाब नहीं दिया।

सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में पाकिस्तानी पीएम यूएन मुख्यालय पहुंचते दिख रहे हैं, तभी रिपोर्टर्स ने उनसे पूछा, "आप आतंकियों को पनाह देना कब बंद करेंगे?" शहबाज शरीफ ने इसका कोई जवाब नहीं दिया और आगे बढ़ गए।

यूएन से निकलते वक्त भी उनसे यही सवाल दोहराया गया। रिपोर्टर्स ने पूछा, "आप लश्कर-ए-तैयबा प्रमुख हाफिज सईद पर मुकदमा कब चलाएंगे?" इस बार भी शरीफ बिना कुछ बोले पत्रकारों के सामने से निकल गए।

हाफिज सईद पाकिस्तान स्थित प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा का संस्थापक है और भारत के सबसे वांछित वैश्विक आतंकियों में से एक है। वह यूएन द्वारा घोषित वैश्विक आतंकी है और अमेरिकी सरकार ने उस पर 1 करोड़ डॉलर का इनाम रखा है।

इससे पहले बुधवार को भारत ने संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान को कड़ी फटकार लगाई। भारत ने कहा कि इस्लामाबाद को क्षेत्रीय महत्वाकांक्षा पालने या सीमा पार आतंकवाद को समर्थन देने के बजाय अपनी कर्ज पर टिकी और संघर्षरत अर्थव्यवस्था पर ध्यान देना चाहिए।

यूएन मानवाधिकार परिषद में भारतीय राजनयिक क्षितिज त्यागी ने पाकिस्तान के ध्यान भटकाने वाले प्रयासों पर जवाब देते हुए कहा कि आक्रामक रवैया उसकी कमजोर अर्थव्यवस्था को नहीं बचा सकता।

क्षितिज त्यागी ने कहा, "पाकिस्तान अपनी जनता की बेहतर सेवा तब करेगा जब वह दूसरों की जमीन हड़पने या आतंक निर्यात करने के बजाय विकास पर ध्यान दे क्योंकि न तो ये हरकतें और न ही परिषद में उसका नाटक उसकी अर्थव्यवस्था को बचाने वाले कर्ज चुकाने में मदद करेगा।"

उन्होंने पाकिस्तान के घरेलू रिकॉर्ड को भी उजागर किया। उन्होंने पीओके में नागरिकों के हिंसक दमन का हवाला दिया, जहां बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शनों को घातक बल से दबाया गया और लोगों को जरूरी खाना, ईंधन और दवाइयों तक से वंचित रखा गया।

क्षितिज त्यागी ने कहा, "पिछले शुक्रवार को इस परिषद को बताया गया था कि पाकिस्तान के कब्जे वाले क्षेत्र में जून से अब तक कई नागरिक मारे गए हैं, इस्लामाबाद और रावलपिंडी में छात्रों को गिरफ्तार किया गया है और खाद्य सामग्री तथा दवाओं को रोका गया है।

--आईएएनएस

वीकेयू/पीएम

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