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गेहूं खरीद विवाद : मध्य प्रदेश में सरकार ने एमएसपी कोटा बढ़ने की बात कही, कांग्रेस ने लगाए आरोप

भोपाल, 24 अप्रैल (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश में गेहूं खरीद को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। एक तरफ जहां भाजपा सरकार ने गेहूं खरीद कोटा में हालिया बढ़ोतरी को किसानों के समर्थन में एक बड़ा कदम बताया, वहीं कांग्रेस ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि जमीनी स्तर पर यह व्यवस्था किसानों के खिलाफ काम कर रही है।
गेहूं खरीद विवाद : मध्य प्रदेश में सरकार ने एमएसपी कोटा बढ़ने की बात कही, कांग्रेस ने लगाए आरोप

भोपाल, 24 अप्रैल (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश में गेहूं खरीद को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। एक तरफ जहां भाजपा सरकार ने गेहूं खरीद कोटा में हालिया बढ़ोतरी को किसानों के समर्थन में एक बड़ा कदम बताया, वहीं कांग्रेस ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि जमीनी स्तर पर यह व्यवस्था किसानों के खिलाफ काम कर रही है।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ ने शुक्रवार को राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने यह बयान उस फैसले के एक दिन बाद दिया, जब केंद्र ने राज्य सरकार के गेहूं खरीद लक्ष्य को 78 लाख मीट्रिक टन से बढ़ाकर 100 लाख मीट्रिक टन करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी।

कमल नाथ ने कहा, "भाजपा सरकार ने ऐसा जटिल जाल बिछा दिया है कि किसान अपनी फसल न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर बेच ही नहीं पा रहे हैं।" उन्होंने आरोप लगाया कि शुरुआत में बोरी (गन्नी बैग) की कमी का बहाना बनाकर खरीद में देरी की गई, जिससे छोटे किसानों को मजबूरी में कम कीमत पर गेहूं बेचना पड़ा।

उन्होंने यह भी कहा कि जब खरीद शुरू हुई, तब भी किसानों को स्लॉट बुकिंग में परेशानी झेलनी पड़ी। सैटेलाइट सर्वे के आधार पर किसानों की खड़ी फसल को रिजेक्ट किया जा रहा है, जिसे समझना किसानों के लिए मुश्किल है। अभी वे स्लॉट पाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।

आंकड़ों का हवाला देते हुए कमल नाथ ने बताया कि अब तक 19 लाख से ज्यादा किसानों ने गेहूं खरीद के लिए पंजीकरण कराया है, लेकिन 23 अप्रैल तक केवल करीब 7 लाख किसान ही स्लॉट बुक कर पाए हैं। उन्होंने कहा कि यह बड़ा अंतर सरकार की मंशा पर सवाल खड़ा करता है।

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने गुरुवार को कहा कि खरीद लक्ष्य में 22 लाख मीट्रिक टन की बढ़ोतरी राज्य और केंद्र के बीच बेहतर समन्वय का परिणाम है, जिसका उद्देश्य एमएसपी के तहत किसानों को फायदा पहुंचाना है।

राज्य में गेहूं खरीद 9 अप्रैल से कुछ क्षेत्रों में शुरू हुई थी, जिसे 15 अप्रैल से पूरे प्रदेश में विस्तार दिया गया, ताकि सीजन के दौरान व्यवस्था सुचारू रहे।

सरकारी अधिकारियों का कहना है कि ग्रामीण और खाद्य विभाग मिलकर स्लॉट बुकिंग को आसान बनाने, खरीद केंद्रों पर सुविधाएं सुधारने और किसानों को समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के लिए काम कर रहे हैं।

सरकार का दावा है कि नई रणनीति से ज्यादा से ज्यादा किसान इस प्रक्रिया से जुड़ सकेंगे, लेकिन कांग्रेस इसके क्रियान्वयन और प्रभाव पर लगातार सवाल उठा रही है।

--आईएएनएस

वीकेयू/वीसी

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