Samachar Nama
×

कमजोर मानसून से सिरुवानी बांध की जलापूर्ति पर असर, तमिलनाडु के कोयंबटूर में चिंता बढ़ी

कमजोर मानसून से सिरुवानी बांध की जलापूर्ति पर असर, तमिलनाडु के कोयंबटूर में चिंता बढ़ी
कमजोर मानसून से सिरुवानी बांध की जलापूर्ति पर असर, तमिलनाडु के कोयंबटूर में चिंता बढ़ी

कोयंबटूर, 23 अगस्त (आईएएनएस)। केरल में सिरुवानी बांध के कैचमेंट एरिया में कम बारिश के कारण तमिलनाडु जल आपूर्ति और जल निकासी बोर्ड (टीडब्ल्यूएडी) को कोयंबटूर शहर में पीने के पानी की सप्लाई की मात्रा कम करनी पड़ी है।

पिछले सप्ताह जलाशय से रोजाना लगभग 65 मिलियन लीटर पानी की सप्लाई होती थी, जिसे इस हफ्ते घटाकर 55 एमएलडी कर दिया गया है। अधिकारियों ने इस कमी की वजह कमजोर दक्षिण-पश्चिम मानसून और उसके कारण डैम के जलस्तर में आई गिरावट को बताया है।

सिरुवानी में पानी के भंडार में अच्छी-खासी बढ़ोतरी के लिए इसके कैचमेंट एरिया में लगातार और भारी बारिश की जरूरत होती है। हालांकि, मौजूदा मानसून सीजन में इस इलाके में सिर्फ हल्की बारिश ही हुई है।

टीडब्ल्यूएडी बोर्ड के एक सीनियर अधिकारी ने कहा कि जलाशय के जलस्तर में काफी बढ़ोतरी के लिए कैचमेंट एरिया में 50 से 100 एमएम के बीच बारिश होनी चाहिए थी। मानसून के दौरान सिर्फ 7 से 8 एमएम बारिश दर्ज की गई, जिससे पानी की आवक कम रही और पानी की उपलब्धता भी घट गई। शनिवार तक, सिरुवानी डैम का जलस्तर 26.7 फीट था, जबकि इसकी पूरी क्षमता 50 फीट है।

कोयंबटूर में पीने के पानी की सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ गई है, क्योंकि सिरुवानी शहर के पानी के मुख्य स्रोतों में से एक है। अधिकारियों ने कहा कि अभी उपलब्ध पानी के आधार पर सप्लाई को नियंत्रित किया जा रहा है।

इस बीच, बांध से पानी के रिसाव और और ज्यादा नुकसान को रोकने के लिए प्रस्तावित मरम्मत का काम अभी शुरू नहीं हुआ है। तमिलनाडु और केरल सरकारें जरूरी कामों की पहचान करने और जरूरी प्रशासनिक और वित्तीय मंजूरी हासिल करने के लिए मिलकर काम कर रही हैं।

कोयंबटूर सिटी म्युनिसिपल कॉरपोरेशन ने हाल ही में टीडब्ल्यूएडी बोर्ड को पानी के बकाया शुल्क के तौर पर लगभग 11 करोड़ रुपये का भुगतान किया है। इसने जलाशय में मरम्मत और रखरखाव का काम करने के लिए 18 करोड़ रुपये की परियोजना की मंजूरी के लिए तमिलनाडु सरकार को एक प्रस्ताव भी सौंपा है।

केरल सरकार के अधिकारी बांध की हालत और जरूरी कामों की जानकारी देने वाली एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर रहे हैं। रिपोर्ट जमा होने के बाद, सबसे जरूरी मरम्मत के कामों की पहचान की जाएगी और मंजूरी व फंड के आवंटन के लिए प्रस्ताव टीडब्ल्यूएडी बोर्ड के मैनेजिंग डायरेक्टर को भेजा जाएगा।

पानी के रिसाव को रोकने और पानी की और बर्बादी को रोकने को प्राथमिकता दी जाएगी। जरूरी फंड केरल के अधिकारियों को दिया जाएगा, जो ये काम पूरा करेंगे।

दक्षिण-पश्चिम मानसून के खत्म होने के करीब होने के कारण, अधिकारियों को उम्मीद है कि मंजरी मिलने के बाद पानी की सप्लाई में ज्यादा रुकावट डाले बिना मरम्मत का काम किया जा सकेगा।

--आईएएनएस

ओपी/पीएम

Share this story

Tags