Samachar Nama
×

रिपोर्टर टीवी के एमडी की गिरफ्तारी पर यूडीएफ सरकार का पक्ष, इस कार्रवाई का संबंध पत्रकारिता नहीं

रिपोर्टर टीवी के एमडी की गिरफ्तारी पर यूडीएफ सरकार का पक्ष, इस कार्रवाई का संबंध पत्रकारिता नहीं
रिपोर्टर टीवी के एमडी की गिरफ्तारी पर यूडीएफ सरकार का पक्ष, इस कार्रवाई का संबंध पत्रकारिता नहीं

तिरुवनंतपुरम, 18 सितंबर (आईएएनएस)। केरल में आबकारी विभाग ने वायनाड के वाझावट्टा स्थित पैतृक घर से शराब बरामद होने के मामले में रिपोर्टर टीवी के प्रबंध निदेशक एंटो ऑगस्टीन को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद शुक्रवार को गृह मंत्री रमेश चेन्नीथला ने कहा कि कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूडीएफ सरकार कभी मीडिया पर दबाव नहीं डालेगी और न ही पत्रकारों को डराने-धमकाने का काम करेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि एंटो ऑगस्टीन के खिलाफ की गई कार्रवाई का चैनल की पत्रकारिता या उसके कामकाज से कोई संबंध नहीं है।

दरअसल एंटो ऑगस्टीन पर ये कार्रवाई फुटबॉल स्टार लियोनेल मेसी और अर्जेंटीना टीम के केरल दौरे से जुड़ी वित्तीय अनियमितताओं की जांच कर रही विशेष जांच टीम (एसआईटी) द्वारा रिपोर्टर ब्रॉडकास्टिंग कंपनी के कार्यालय और कोच्चि व वायनाड में एंटो ऑगस्टीन तथा उनके भाइयों से जुड़े परिसरों पर तलाशी लेने के कुछ ही घंटों बाद की गई।

केरल के गृह मंत्री रमेश चेन्नीथला ने पत्रकारों से कहा कि यूडीएफ सरकार मीडिया पर किसी भी तरह का दबाव नहीं डालेगी। मीडिया अपना काम करने के लिए पूरी तरह स्वतंत्र है और इस मुद्दे पर सरकार का रुख बिल्कुल स्पष्ट है। यूडीएफ सरकार कभी मीडिया पर दबाव नहीं बनाएगी।

चेन्नीथला की यह टिप्पणी उस समय आई है, जब रिपोर्टर टीवी के प्रबंध निदेशक को आबकारी मामले में गिरफ्तार किया गया है। सुल्तान बथेरी की न्यायिक प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट अदालत ने शुक्रवार को उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी।

चेन्नीथला ने कहा कि पिछली पिनाराई विजयन सरकार के दौरान कई पत्रकारों को उनकी रिपोर्टिंग के कारण दबाव का सामना करना पड़ा था। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले एक दशक में कई पत्रकार समाचार कवरेज को लेकर प्रताड़ित किए गए।

उन्होंने कहा, "रिपोर्टर टीवी के मामले का समाचारों या पत्रकारिता से कोई संबंध नहीं है।" जांच के तहत जब पुलिस और अन्य एजेंसियां रिपोर्टर टीवी के कार्यालय में पहुंचीं, तब उनके पास कानूनन सभी जरूरी दस्तावेज और अधिकार मौजूद थे।

उन्होंने कहा, "रिपोर्टर टीवी के दफ्तर में प्रवेश के समय पुलिस के पास कानून के अनुसार सभी आवश्यक कागजात थे।"

बथेरी अदालत ने गुरुवार को उन्हें 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया था और शुक्रवार को उनकी जमानत याचिका भी खारिज कर दी।

सरकार का कहना है कि आबकारी विभाग का मामला और मेसी के प्रस्तावित दौरे से जुड़ी वित्तीय अनियमितताओं की एसआईटी जांच, दोनों अलग-अलग मामले हैं।

चेन्नीथला ने बताया कि एडीजीपी पी. विजयन के नेतृत्व में गठित एसआईटी का गठन खेल सचिव की रिपोर्ट के आधार पर किया गया था, जिसे मुख्यमंत्री वी. डी. सतीशन ने उन्हें सौंपा था।

उन्होंने कहा, "एसआईटी कानून के मुताबिक अपना काम कर रही है। उसने अब तक जो भी कदम उठाए हैं, वे पूरी तरह प्रचलित कानूनों के अनुरूप हैं। गृह मंत्री जांच में कोई हस्तक्षेप नहीं करते।"

--आईएएनएस

एसडी/वीसी

Share this story