सीईसी के खिलाफ विरोध पर सीजेपी के आशुतोष रांका बोले, हम जरूरी बदलाव लाएंगे
नई दिल्ली, 23 अक्टूबर (आईएएनएस)। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के नेता आशुतोष रांका ने शुक्रवार को कहा कि उनका संगठन जरूरत के हिसाब से खुद में बदलाव लाएगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में अनियमितताओं को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग वाला विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।
सीजेपी के सह संयोजक आशुतोष रांका और सौरव दास और राष्ट्रीय संगठन प्रभारी अजिंक्य शिंदे शुक्रवार को मंदिर मार्ग पुलिस स्टेशन पहुंचे। उनके साथ सीजेपी की कानूनी मामलों की प्रमुख रत्ना सिंह भी थीं।
सौरव दास, आशुतोष रांका और अजिंक्य शिंदे को गुरुवार दोपहर राजौरी गार्डन स्थित दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच के कार्यालय में पेश होने के लिए कहा गया था, हालांकि उन्होंने दिल्ली पुलिस से और समय की मांग की थी।
पुलिस स्टेशन से बाहर आने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए आशुतोष रांका ने कहा, "हमें अभी तक अगली तारीख नहीं मिली है। हमें जो पहली तारीख दी गई थी, उस दिन हम नहीं जा सके, इसलिए हमने उन्हें सूचित कर दिया था। उन्होंने कहा कि वे समय की पुष्टि करेंगे, इसलिए हम क्राइम ब्रांच के जवाब का इंतजार कर रहे हैं।"
उन्होंने कहा, "आज हमारी जमानत के लिए सत्यापन प्रक्रिया थी। सब कुछ ठीक रहा। हमें अगली तारीख मिल गई है, जो नवंबर के तीसरे सप्ताह में है।"
आशुतोष रांका ने यह भी कहा कि एसआईआर के खिलाफ आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने कहा, "हम नेता नहीं हैं। हम इस मंच के संरक्षक हैं, जो हमें इस देश के लोगों ने दिया है। हम बस अपना सर्वश्रेष्ठ करने की कोशिश कर रहे हैं। आंदोलन तब भी जारी रहता है जब हम जेल के अंदर होते हैं या बाहर। जाहिर है, हमने अपने बारे में और मौजूदा शासन के काम करने के तरीके के बारे में बहुत कुछ सीखा है और हम निश्चित रूप से खुद में जरूरी बदलाव लाएंगे और आगे बढ़ेंगे।"
सौरव दास और आशुतोष रांका को एक सप्ताह तक न्यायिक हिरासत में रहने के बाद बुधवार को तिहाड़ जेल से रिहा किया गया था।
इस सप्ताह की शुरुआत में दिल्ली पुलिस ने सीजेपी नेताओं के खिलाफ दर्ज विरोध प्रदर्शन से जुड़े मामलों को क्राइम ब्रांच को सौंप दिया था। ये मामले 13 अक्टूबर की घटना से जुड़े हैं, जब दास, रांका और शिंदे 11 अन्य लोगों के साथ जंतर-मंतर में घुस गए थे। जंतर-मंतर को अब विरोध प्रदर्शन के लिए निर्धारित जगह के रूप में मान्यता प्राप्त नहीं है।
इन सभी को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया था। जहां शिंदे को जमानत मुचलके पर रिहा कर दिया गया, वहीं दास और रांका एक सप्ताह तक न्यायिक हिरासत में रहे।
--आईएएनएस
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