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नए साल पर जेलेंस्की का संदेश, कहा- हमें युद्ध का अंत चाहिए, यूक्रेन का नहीं

कीव, 1 जनवरी (आईएएनएस)। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने नए साल की पूर्व संध्या पर अपने देश को संबोधित करते हुए कहा कि यूक्रेन युद्ध को खत्म करना चाहता है, लेकिन किसी भी हाल में कमजोर शांति समझौता स्वीकार नहीं करेगा। उनका कहना था कि ऐसा कोई समझौता नहीं होना चाहिए जिससे देश का भविष्य खतरे में पड़ जाए।
नए साल पर जेलेंस्की का संदेश, कहा- हमें युद्ध का अंत चाहिए, यूक्रेन का नहीं

कीव, 1 जनवरी (आईएएनएस)। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने नए साल की पूर्व संध्या पर अपने देश को संबोधित करते हुए कहा कि यूक्रेन युद्ध को खत्म करना चाहता है, लेकिन किसी भी हाल में कमजोर शांति समझौता स्वीकार नहीं करेगा। उनका कहना था कि ऐसा कोई समझौता नहीं होना चाहिए जिससे देश का भविष्य खतरे में पड़ जाए।

जेलेंस्की का यह बयान ऐसे समय आया, जब रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने दोहराया कि उन्हें भरोसा है कि रूस इस युद्ध में जीत हासिल करेगा।

करीब 21 मिनट के अपने टीवी संबोधन में जेलेंस्की ने माना कि लगभग चार साल से चल रहे युद्ध के कारण यूक्रेन के लोग बहुत थक चुके हैं। उन्होंने कहा कि यह समय अवधि दूसरे विश्व युद्ध के दौरान कई यूक्रेनी शहरों पर जर्मनी के कब्जे से भी ज्यादा लंबी रही है। हालांकि, उन्होंने साफ किया कि थकान का मतलब हार मान लेना नहीं है।

उन्होंने कहा, "यूक्रेन शांति चाहता है, लेकिन किसी भी कीमत पर नहीं। हम युद्ध का अंत चाहते हैं, यूक्रेन का अंत नहीं। अगर कोई सोचता है कि यूक्रेन थककर आत्मसमर्पण कर देगा, तो वह पूरी तरह गलत है।"

यूक्रेनी राष्ट्रपति ने चेतावनी दी कि अगर किसी समझौते में मजबूत और भरोसेमंद सुरक्षा गारंटी नहीं होगी, तो वह शांति नहीं बल्कि युद्ध को और लंबा करेगा। उन्होंने कहा, "कमजोर समझौतों पर किया गया कोई भी साइन युद्ध को बढ़ावा देगा, जबकि मैं केवल मजबूत समझौते पर ही हस्ताक्षर करूंगा।"

जेलेंस्की ने बताया कि इस समय कूटनीतिक कोशिशें एक स्थायी और मजबूत शांति समझौते पर केंद्रित हैं। उन्होंने कहा कि हर बैठक, हर फोन कॉल और हर फैसला इसी मकसद से किया जा रहा है, ताकि लंबे समय तक टिकने वाली शांति मिल सके।

उन्होंने यह भी बताया कि अमेरिका की अगुवाई में हुई बातचीत अब अपने अंतिम चरण में है। उन्होंने कहा, "शांति समझौता 90 प्रतिशत तैयार है। बचे हुए 10 प्रतिशत में सब कुछ है। यह शांति का भाग्य, यूक्रेन और यूरोप का भाग्य तय करेगा।" हालांकि, उन्होंने स्वीकार किया कि अनसुलझे क्षेत्रीय मुद्दे अंतिम समझौते में मुख्य बाधा बने हुए हैं।

यूक्रेनी मीडिया के अनुसार, रूस इस समय यूक्रेन के करीब 19 प्रतिशत इलाके पर कब्जा किए हुए है, जो ज्यादातर दक्षिण और पूर्वी हिस्सों में है। रूस चाहता है कि यूक्रेन पूर्वी डोनबास क्षेत्र से पूरी तरह पीछे हट जाए, लेकिन जेलेंस्की ने इस मांग को खारिज कर दिया और इसे धोखा बताया।

दूसरी ओर, रूस के राष्ट्रपति पुतिन ने नए साल के मौके पर अपने सैनिकों को संबोधित करते हुए कहा कि रूस को जीत का पूरा भरोसा है। उन्होंने मोर्चे पर लड़ रहे सैनिकों को हीरो बताया और कहा कि रूस अपने लड़ाकों और कमांडरों पर विश्वास करता है और अंत में जीत हासिल करेगा।

--आईएएनएस

एएस/

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