वोल्टैम्प ट्रांसफॉर्मर्स का मुनाफा वित्त वर्ष 26 की चौथी तिमाही में आधा हुआ, शेयर करीब 19 प्रतिशत फिसला
मुंबई, 5 मई (आईएएनएस)। वोल्टैम्प ट्रांसफॉर्मर्स की ओर से मंगलवार को वित्त वर्ष 26 की चौथी तिमाही के नतीजे पेश किए है। जनवरी-मार्च अवधि में कंपनी का मुनाफा सालाना आधार पर घटकर करीब आधा हो गया है।
कंपनी ने एक्सचेंज फाइलिंग में कहा कि मार्च तिमाही में मुनाफा 48 करोड़ करोड़ रुपए रहा है, जो कि पिछले साल समान अवधि के आंकड़े 97 करोड़ रुपए से 50.51 प्रतिशत कम है।
इस दौरान कंपनी का एबिटा सालाना आधार पर 30 प्रतिशत घटकर 79.77 करोड़ रुपए रह गया है। वहीं, मार्जिन 18.63 प्रतिशत से कम होकर 13.17 प्रतिशत रह गया है।
वहीं, कंपनी ने आय के मोर्चे पर भी कमजोर प्रदर्शन किया है। मार्च तिमाही में कंपनी की आय 617.22 करोड़ रुपए रही है, जो कि पिछले साल की समान अवधि की आय 624.81 करोड़ रुपए से कम है।
तिमाही आधार पर कमजोर प्रदर्शन के चलते कंपनी के शेयर में बड़ी गिरावट देखी गई है और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) पर शेयर 18.79 प्रतिशत कम होकर 10,168 रुपए पर बंद हुआ।
यह शेयर में हाल के महीनों में देखी गई अब तक की सबसे बड़ी गिरावट है। हालांकि, कंपनी के शेयर ने बीते एक महीने में 13 प्रतिशत, बीते छह महीने में 43 प्रतिशत और बीते एक साल में 24 प्रतिशत का रिटर्न दिया है।
वार्षिक आधार पर वोल्टैम्प ट्रांसफॉर्मर्स का प्रदर्शन सबसे मजबूत रहा है। वित्त वर्ष 26 में कंपनी की शुद्ध बिक्री और सेवा से आय 11.34 प्रतिशत बढ़कर 2,153.68 करोड़ रुपए हो गई है।
कंपनी के बोर्ड ने 100 रुपए प्रति शेयर के डिविडेंड का ऐलान किया है।
वोल्टैम्प ने बताया कि नए वित्त वर्ष में उसके पास 1,200 करोड़ रुपए का मजबूत ऑर्डर बैकलॉग था और अप्रैल में उसे 310 करोड़ रुपए के अतिरिक्त ऑर्डर मिले।
कंपनी ने तिमाही मुनाफे में आई भारी गिरावट का कारण कई कारकों को बताया, जिनमें उसके निवेश पोर्टफोलियो में प्रतिकूल बदलाव भी शामिल हैं।
पिछले दो वर्षों में, वोल्टैम्प ने लंबी अवधि की सरकारी प्रतिभूतियों और म्यूचुअल फंडों में काफी निवेश किया था, जिनसे पहले मजबूत मार्क-टू-मार्केट लाभ प्राप्त हुए थे।
हालांकि, मार्च तिमाही के दौरान लंबी अवधि के सरकारी बॉन्ड यील्ड में वृद्धि के कारण नकारात्मक एमटीएम समायोजन हुआ, जिससे रिपोर्ट किए गए मुनाफे पर असर पड़ा।
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