मध्य प्रदेश: नगर निकाय की खरीद को लेकर एसीएस का वायरल वीडियो विवाद का कारण बना
भोपाल, 22 अक्टूबर (आईएएनएस)। सोशल मीडिया पर एक वीडियो सामने आया है, जिसमें मध्य प्रदेश के अतिरिक्त मुख्य सचिव संजय दुबे, शहरी स्थानीय निकायों द्वारा की गई खरीद में कथित अनियमितताओं को लेकर अधिकारियों को फटकार लगाते दिख रहे हैं। इस दौरान वरिष्ठ नौकरशाह ने खरीद प्रक्रिया में गड़बड़ी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई करने की चेतावनी भी दी।
यह वायरल वीडियो भोपाल के भौरी स्थित एक प्रशिक्षण संस्थान में हुई समीक्षा बैठक का बताया जा रहा है। इस बैठक में दुबे ने पिछले तीन वर्षों के दौरान शहरी स्थानीय निकायों द्वारा 'गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस' पोर्टल के माध्यम से की गई खरीदारी पर चर्चा की। बैठक में पेश किए गए विश्लेषण के अनुसार, इस अवधि में 374 शहरी स्थानीय निकायों ने पोर्टल के जरिए 1,134 करोड़ रुपए की खरीदारी की।
विश्लेषण में एक जैसी वस्तुओं और उपकरणों की खरीद में कीमतों के बीच भारी अंतर पाया गया।
एक उदाहरण देते हुए दुबे ने बताया कि एक शहरी स्थानीय निकाय ने कचरा उठाने वाला वाहन 2 लाख रुपए में खरीदा, जबकि दूसरे निकाय ने उसी तरह के वाहन के लिए 6 लाख रुपए का भुगतान किया, जिसमें बस एक अतिरिक्त डस्टबिन लगा हुआ था।
विश्लेषण के मुताबिक, अगर ये खरीदारी औसत दरों पर की गई होती तो राज्य सरकार लगभग 250 करोड़ रुपए बचा सकती थी।
यह आंकड़ा संभावित बचत का अनुमान है। इससे यह साबित नहीं होता कि कोई वास्तविक वित्तीय नुकसान हुआ है या भ्रष्टाचार हुआ है।
दुबे ने अधिकारियों को चेतावनी दी कि यदि इस वर्ष से खरीद प्रक्रिया में कोई अनियमितता पाई जाती है तो उनके खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। इस घटना ने शहरी स्थानीय निकायों की खरीद प्रक्रियाओं और सार्वजनिक खर्च की निगरानी पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने राज्य सरकार पर कर्ज के बोझ और मुख्यमंत्री के लिए एक विमान खरीदने के प्रस्ताव को लेकर निशाना साधा।
पटवारी ने कहा, "इतिहास इस बात पर शर्मिंदा होगा कि जब मध्य प्रदेश 6 लाख करोड़ रुपए के कर्ज तले दबा हुआ था, तब मुख्यमंत्री अपनी निजी पसंद पूरी करने के लिए एक विमान पर 350 करोड़ रुपए खर्च कर रहे थे।"
उन्होंने भाजपा पर राज्य में भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने का आरोप लगाया और इसे 'भ्रष्टाचार का कैंसर' करार दिया। साथ ही, उन्होंने मांग की कि गांव के सरपंच से लेकर संसद सदस्यों तक, हर स्तर से भाजपा को सत्ता से बाहर किया जाना चाहिए।
शहरी विकास एवं आवास राज्य मंत्री प्रतिमा बागरी ने गुरुवार को आईएएनएस के एक सवाल का जवाब देते हुए कहा कि अनियमितताओं का पता लगाने के लिए उचित पर्यवेक्षण और नियमित निगरानी जरूरी है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने पहले भी ऐसे मामलों में कार्रवाई की है और आगे भी गलत कामों के खिलाफ उचित कदम उठाती रहेगी।
--आईएएनएस
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