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सीट बंटवारे के मुद्दे और मांगों के पूरा न होने के चलते टीएनवीपी डीएमके गठबंधन से बाहर

चेन्नई, 22 मार्च (आईएएनएस)। विधानसभा चुनावों से पहले डीएमके-नेतृत्व वाले गठबंधन को एक बड़ा झटका देते हुए तमिलनाडु वाझ्वुरिमै पार्टी (टीएनवीपी) के संस्थापक-नेता टी. वेलमुरुगन ने रविवार को सीट-बंटवारे की व्यवस्था से असंतोष और सामाजिक न्याय से जुड़े प्रमुख मुद्दों पर राज्य सरकार की निष्क्रियता का हवाला देते हुए गठबंधन से बाहर होने की घोषणा की।
सीट बंटवारे के मुद्दे और मांगों के पूरा न होने के चलते टीएनवीपी डीएमके गठबंधन से बाहर

चेन्नई, 22 मार्च (आईएएनएस)। विधानसभा चुनावों से पहले डीएमके-नेतृत्व वाले गठबंधन को एक बड़ा झटका देते हुए तमिलनाडु वाझ्वुरिमै पार्टी (टीएनवीपी) के संस्थापक-नेता टी. वेलमुरुगन ने रविवार को सीट-बंटवारे की व्यवस्था से असंतोष और सामाजिक न्याय से जुड़े प्रमुख मुद्दों पर राज्य सरकार की निष्क्रियता का हवाला देते हुए गठबंधन से बाहर होने की घोषणा की।

वेलमुरुगन ने 2021 के विधानसभा चुनावों में कड्डालोर जिले की पनरुटी सीट से डीएमके के ‘राइजिंग सन’ चुनाव चिन्ह पर जीत हासिल की थी। इस बार वे कम से कम दो सीटों के आवंटन के साथ-साथ अलग पार्टी चिन्ह पर चुनाव लड़ने का अधिकार चाहते थे।

हालांकि, रिपोर्ट के अनुसार डीएमके ने उन्हें केवल एक सीट देने की पेशकश की, जिससे टीएनवीपी के भीतर असंतोष पैदा हो गया।

मतभेद तब और बढ़ गया जब वेलमुरुगन ने डीएमके नेतृत्व के सामने 10 सूत्रीय मांगों का एक सेट रखा और कहा कि उनकी पार्टी तभी गठबंधन में बने रहने पर विचार करेगी जब इन्हें स्वीकार कर लागू किया जाएगा।

मुख्य मांगों में वन्नियार समुदाय के लिए 10.5 प्रतिशत आंतरिक आरक्षण, राज्य सरकार की नौकरियों में 100 प्रतिशत तमिलों को प्राथमिकता और तमिलनाडु में जाति आधारित जनगणना कराना शामिल था।

गठबंधन से बाहर होने की घोषणा करते हुए वेलमुरुगन ने आरोप लगाया कि डीएमके सरकार ने विधानसभा के भीतर और बाहर उनकी पार्टी द्वारा उठाए गए मुद्दों को लगातार नजरअंदाज किया है।

उन्होंने पत्रकारों से कहा, “हमने सरकार के सामने कई मांगें रखीं लेकिन किसी को भी गंभीरता से नहीं लिया गया। सरकार बदल गई लेकिन जमीनी स्थिति वही बनी हुई है।”

उन्होंने डीएमके की आलोचना करते हुए कहा कि उसने जाति आधारित जनगणना कराने के लिए ठोस कदम नहीं उठाए और सामाजिक न्याय के प्रति उसकी प्रतिबद्धता पर सवाल उठाया।

उन्होंने कहा, “अब तक जो रहा है, वह प्रभुत्वशाली वर्गों का शासन रहा है। ऐसे में डीएमके कैसे दावा कर सकती है कि वह सामाजिक न्याय को कायम रख रही है?”

अपने भविष्य के राजनीतिक रुख को स्पष्ट करते हुए वेलमुरुगन ने बीजेपी-नेतृत्व वाले गठबंधन के साथ जाने की किसी भी संभावना से इनकार किया। इसके बजाय, उन्होंने कहा कि टीएनवीपी उन पार्टियों के साथ गठबंधन के विकल्प तलाशेगी जो उसकी मांगों को स्वीकार और लागू करने को तैयार हों।

उन्होंने कहा कि इस संबंध में बातचीत पहले से जारी है और गठबंधन पर अंतिम निर्णय जल्द ही घोषित किया जाएगा।

--आईएएनएस

पीएम

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