अमेरिकी सीनेटर ने तिब्बत का भविष्य सुरक्षित करने के लिए पेश किया कानून
वॉशिंगटन, 12 अगस्त (आईएएनएस)। अमेरिकी सीनेटरों के एक द्विदलीय समूह ने तिब्बत की निर्वासित सरकार के साथ जुड़ाव को और गहरा करने और यह सुनिश्चित करने के लिए एक कानून पेश किया कि 14वें दलाई लामा के बाद भी अमेरिकी समर्थन जारी रहे।
'अश्योरिंग द फ्यूचर ऑफ तिब्बत एक्ट' (तिब्बत के भविष्य को सुनिश्चित करने वाला कानून) केंद्रीय तिब्बती प्रशासन को तिब्बती लोगों का वैध प्रतिनिधि मानेगा। यह इस बात की भी पुष्टि करेगा कि तिब्बत-चीन विवाद का समाधान अमेरिका के रणनीतिक हित में है।
डेमोक्रेटिक सीनेटर जेफ मर्कले और रिपब्लिकन सीनेटर जिम रिस्क ने यह बिल पेश किया। सीनेटर जैकी रोसेन, टॉड यंग, टिम केन और रिक स्कॉट इसके मूल सह-प्रायोजक हैं।
मर्कले ने कहा, "तिब्बत के लोगों के मानवाधिकारों और बुनियादी सम्मान को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। हमारा द्विदलीय बिल एक स्पष्ट संदेश देता है कि अमेरिका इन बुनियादी आजादियों और भविष्य के वादे के लिए तिब्बत की लड़ाई में उसके साथ खड़ा रहेगा।"
उन्होंने आगे कहा, "जब तक पीपल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत तिब्बत के अधिकारों को नजरअंदाज करता रहेगा, अमेरिका तिब्बती लोगों का साथ नहीं छोड़ेगा।"
यह बिल अमेरिकी विदेश मंत्री को निर्देश देगा कि वे केंद्रीय तिब्बती प्रशासन के चुने हुए प्रमुख 'सिक्योंग' और अन्य नामित प्रतिनिधियों के साथ सबसे वरिष्ठ स्तर पर बातचीत करें।
इसके तहत वॉशिंगटन को संयुक्त राष्ट्र में प्रशासन के लिए ऑब्जर्वर का दर्जा और यूएन सिस्टम में बराबरी की पहुंच दिलाने की वकालत करनी होगी। इस प्रस्ताव में संबंधित अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं में इसे शामिल करने और इस कोशिश के लिए अमेरिकी सहयोगियों को एकजुट करने की बात भी कही गई है।
रिपब्लिकन सीनेटर जिम रिस्क ने कहा, "चीनी कम्युनिस्ट पार्टी ने तिब्बती संस्कृति, धर्म और भाषा को खत्म करने की कोशिश की है, साथ ही कई और गंभीर काम भी किए हैं। बीजिंग ने तिब्बत के साथ जो किया है, वही वे उन लोगों के साथ भी करना चाहते हैं जो सीसीपी का विरोध करते हैं।"
उन्होंने आगे कहा, "यह बिल तिब्बती लोगों का समर्थन करता है, जो चीन की तानाशाही का विरोध करने में अहम सहयोगी हैं और संयुक्त राष्ट्र में चीन के दुष्प्रभाव का मुकाबला करता है।"
इस कानून के तहत सिक्योंग (तिब्बती प्रशासन के प्रमुख) को उचित राजनयिक सम्मान दिया जाएगा। इसमें सरकार के प्रमुख को दी जाने वाली सुरक्षा के बराबर सुरक्षा प्रबंध भी शामिल हो सकते हैं। इसमें तिब्बती प्रशासन के अधिकारियों के लिए विशेषाधिकारों और छूट पर विचार करने की बात भी कही गई है।
इस प्रस्ताव में 'गाडेन फोड्रंग ट्रस्ट' को दलाई लामा को मान्यता देने वाली एकमात्र संस्था बताया गया है। इस प्रावधान का मकसद यह पक्का करना है कि मौजूदा दलाई लामा के बाद भी तिब्बती धार्मिक नेतृत्व के लिए अमेरिकी समर्थन जारी रहे।
'इंटरनेशनल कैंपेन फॉर तिब्बत' की प्रेसिडेंट तेनचो ग्यात्सो ने इस कदम का स्वागत किया और इसे जल्द से जल्द पास करने की अपील की।
उन्होंने कहा, "ऐसे समय में जब चीन तिब्बती पहचान को मिटाने की अपनी मुहिम तेज कर रहा है, यह बिल एक मजबूत संदेश देता है कि तिब्बती लोगों, उनके लोकतांत्रिक संस्थानों के अपने भविष्य को तय करने के अधिकार के लिए अमेरिका का समर्थन अटूट है।"
सीनेट का यह प्रस्ताव, 22 मई को डेमोक्रेटिक प्रतिनिधि जिम मैकगवर्न और रिपब्लिकन प्रतिनिधि माइकल मैककॉल द्वारा पेश किए गए हाउस बिल का ही एक साथी प्रस्ताव है। राष्ट्रपति के पास भेजे जाने से पहले, दोनों प्रस्तावों को अपने-अपने सदनों से एक ही रूप में पास होना जरूरी होगा।
कांग्रेस ने पिछले दशक में तिब्बत से जुड़े कई द्विदलीय (दोनों पार्टियों के समर्थन वाले) उपाय किए हैं, जिनमें 'रेसिप्रोकल एक्सेस टू तिब्बत एक्ट', 'तिब्बती पॉलिसी एंड सपोर्ट एक्ट' और 'रिज़ॉल्व तिब्बत एक्ट' शामिल हैं। आखिरी उपाय में तिब्बती आत्म-निर्णय का समर्थन किया गया था और शांतिपूर्ण समाधान के लिए चीनी अधिकारियों और दलाई लामा के बीच बातचीत की मांग की गई थी।
--आईएएनएस
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