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नकली फिल्म कंपनियों के जरिए अमेरिका में मानव तस्करी नेटवर्क चलाता था पाकिस्तानी नागरिक

वॉशिंगटन, 1 मई (आईएएनएस)। अमेरिका के न्याय विभाग के अनुसार, एक पाकिस्तानी नागरिक ने एक अंतरराष्ट्रीय मानव तस्करी नेटवर्क चलाने का खुलासा किया। वह नकली फिल्म प्रोडक्शन कंपनियों के जरिए लोगों को अमेरिका में लाने का काम करता था।
नकली फिल्म कंपनियों के जरिए अमेरिका में मानव तस्करी नेटवर्क चलाता था पाकिस्तानी नागरिक

वॉशिंगटन, 1 मई (आईएएनएस)। अमेरिका के न्याय विभाग के अनुसार, एक पाकिस्तानी नागरिक ने एक अंतरराष्ट्रीय मानव तस्करी नेटवर्क चलाने का खुलासा क‍िया। वह नकली फिल्म प्रोडक्शन कंपनियों के जरिए लोगों को अमेरिका में लाने का काम करता था।

अदालत के दस्तावेजों के अनुसार, सियालकोट के रहने वाले 49 साल के अब्बास अली हैदर ने माना कि वह कई वर्षों से एक नेटवर्क को चला रहा था, जो पाकिस्तानी लोगों को लैटिन अमेरिका के रास्ते अमेरिका-मेक्सिको बॉर्डर तक पहुंचाता था।

सरकारी वकीलों के मुताबिक, हैदर ने 'डायमंड टीवी वर्ल्ड प्रोडक्शंस' और 'मल्टीमीडिया एडवरटाइजिंग लिमिटेड' नाम की दो नकली कंपनियां बनाई थीं। इन कंपनियों के जरिए वह लोगों के लिए बिजनेस ट्रैवल के नाम पर वीजा दिलवाता था।

सितंबर 2019 से सितंबर 2023 के बीच, उसने लोगों को इक्वाडोर, क्यूबा और कोलंबिया जाने के लिए वीजा दिलवाए। ये लोग कागजों में फिल्म प्रोजेक्ट पर काम करने वाले कर्मचारी बनकर जाते थे, लेकिन असल में उनका मकसद अमेरिका पहुंचना होता था।

अधिकारियों के अनुसार, इसके बाद उन्हें अमेरिका के दक्षिणी बॉर्डर तक ले जाया जाता था, जहां से वे गैरकानूनी तरीके से कैलिफोर्निया, टेक्सास और एरिजोना में दाखिल होते थे। हैदर हर व्यक्ति से इस सफर के लिए करीब 40,000 डॉलर तक वसूलता था।

जुलाई 2025 में मैक्सिको से अमेरिका लाए जाने के बाद, हैदर ने गैरकानूनी तरीके से लोगों को अमेरिका लाने और इससे पैसा कमाने की साजिश का दोष कबूल कर लिया।

उसकी सजा 30 जुलाई को तय होगी। उसे कम से कम तीन साल और ज्यादा से ज्यादा दस साल तक की जेल हो सकती है। आखिरी सजा फेडरल कोर्ट का जज तय करेगा, जो अमेरिका के कानून और बाकी जरूरी बातों को ध्यान में रखेगा।

इस मामले की जानकारी जस्टिस डिपार्टमेंट, एरिजोना के यूएस अटॉर्नी ऑफिस और होमलैंड सिक्योरिटी इन्वेस्टिगेशंस के अधिकारियों ने दी।

जांच में अमेरिका की कई एजेंसियों ने मिलकर काम किया, जिनमें बॉर्डर पेट्रोल, एफबीआई, कस्टम्स एंड बॉर्डर प्रोटेक्शन और इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एनफोर्समेंट शामिल हैं। मैक्सिको की एजेंसियों ने भी गिरफ्तारी और प्रत्यर्पण (एक्सट्राडिशन) में मदद की।

--आईएएनएस

एवाई/एबीएम

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