एआई डेटा सेंटरों का विरोध करने वाले गंवा देंगे एक बड़ा आर्थिक अवसर : हॉवर्ड लटनिक
चैपल हिल (नॉर्थ कैरोलिना), 3 सितंबर (आईएएनएस)। अमेरिका के वाणिज्य मंत्री हॉवर्ड लटनिक ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) डेटा सेंटरों को लेकर कई गलत धारणाएं फैलाई जा रही हैं।
उन्होंने चेतावनी दी कि अगर कोई समुदाय या क्षेत्र आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) से जुड़े डेटा सेंटर बनाने का विरोध करता है, तो वह निवेश, रोजगार और कर (टैक्स) से मिलने वाले राजस्व जैसे बड़े आर्थिक अवसर खो सकता है। उनका कहना है कि डेटा सेंटरों को लेकर कई गलत धारणाएं फैलाई जा रही हैं।
नॉर्थ कैरोलिना के चैपल हिल में आयोजित जी20 इनोवेशन मिनिस्टीरियल के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में लटनिक ने एआई बुनियादी ढांचे के तेजी से विस्तार का समर्थन किया।
यह टिप्पणी तब आई जब एक पत्रकार ने बताया कि ऑरेंज काउंटी ने बड़े डेटा सेंटरों के निर्माण पर एक साल की रोक लगा दी है।
लटनिक ने कहा, "मुझे लगता है कि आपने सही मुद्दा उठाया। असल समस्या गलत जानकारी की है। अगर आप डेटा सेंटरों पर रोक लगाते हैं, तो अगला बड़ा अवसर आपके पास नहीं आएगा।"
उन्होंने कहा कि अमेरिका के कई अन्य क्षेत्र ऐसे प्रोजेक्ट्स का स्वागत करने के लिए तैयार हैं और वही निवेश और आर्थिक लाभ प्राप्त करेंगे।
उन्होंने कहा, "अगर आप इन परियोजनाओं का स्वागत करेंगे, तो आप जीतेंगे। और अगर नहीं करेंगे, तो ये अवसर कहीं और चले जाएंगे।"
लटनिक के अनुसार, डेटा सेंटरों में भविष्य के उन्नत एआई मॉडल काम करेंगे और यह स्थानीय समुदायों के लिए ज्ञान, नवाचार और नए आर्थिक अवसर लेकर आएंगे।
उन्होंने कहा, "ये उन्नत एआई मॉडल दुनिया भर के ज्ञान को हर अर्थव्यवस्था, हर समुदाय और हर इलाके तक पहुंचाने की क्षमता रखते हैं।"
वाणिज्य मंत्री ने उन दावों को भी खारिज किया कि डेटा सेंटरों के कारण बिजली महंगी हो जाएगी या स्थानीय संसाधनों पर अत्यधिक दबाव पड़ेगा। उन्होंने कहा कि डेटा सेंटरों की छवि बेवजह खराब की जा रही है। हमारे प्रतिद्वंद्वी हमें धीमा करना चाहते हैं, इसलिए ऐसी बातें फैलाई जा रही हैं। लटनिक का दावा है कि डेटा सेंटर बनाने वाली कंपनियां अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए खुद व्यवस्था करेंगी और स्थानीय अर्थव्यवस्था में भी योगदान देंगी।
लटनिक ने कहा कि एआई डेटा सेंटर बनाने वाली कंपनियों को स्थानीय लोगों के साथ अधिक संवाद करना चाहिए और उनकी चिंताओं को दूर करना चाहिए। उन्होंने कहा कि इन कंपनियों को लोगों को साफ-साफ बताना चाहिए कि वे बिजली की कीमतें नहीं बढ़ाएंगी।
लटनिक का मानना है कि जो क्षेत्र आज इन परियोजनाओं का विरोध कर रहे हैं, वे आने वाले वर्षों में पछता सकते हैं जब वे देखेंगे कि पड़ोसी क्षेत्रों को निवेश और आर्थिक लाभ मिल रहे हैं।
उन्होंने कहा, "एक साल, दो साल या पांच साल बाद जब हम पीछे मुड़कर देखेंगे, तो जो लोग कह रहे थे कि यहां डेटा सेंटर मत बनाओ, उन्हें महसूस होगा कि उन्होंने एक बड़ा आर्थिक अवसर गंवा दिया।"
--आईएएनएस
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