Samachar Nama
×

सूडान संकट के समाधान के लिए अमेरिका और सहयोगी देशों ने नागरिक नेतृत्व वाली राजनीतिक प्रक्रिया का किया समर्थन

वॉशिंगटन, 8 जून (आईएएनएस)। अमेरिका और पश्चिमी, अफ्रीकी तथा अंतरराष्ट्रीय संगठनों के एक समूह ने सोमवार को सूडान में सूडानी नागरिकों के नेतृत्व में राजनीतिक संवाद शुरू करने का समर्थन किया। उनका कहना है कि केवल नागरिक नेतृत्व वाली सत्ता परिवर्तन प्रक्रिया ही देश में जारी विनाशकारी गृहयुद्ध को समाप्त कर स्थिरता बहाल कर सकती है।
सूडान संकट के समाधान के लिए अमेरिका और सहयोगी देशों ने नागरिक नेतृत्व वाली राजनीतिक प्रक्रिया का किया समर्थन

वॉशिंगटन, 8 जून (आईएएनएस)। अमेरिका और पश्चिमी, अफ्रीकी तथा अंतरराष्ट्रीय संगठनों के एक समूह ने सोमवार को सूडान में सूडानी नागरिकों के नेतृत्व में राजनीतिक संवाद शुरू करने का समर्थन किया। उनका कहना है कि केवल नागरिक नेतृत्व वाली सत्ता परिवर्तन प्रक्रिया ही देश में जारी विनाशकारी गृहयुद्ध को समाप्त कर स्थिरता बहाल कर सकती है।

सूडान संकट पर अदीस अबाबा में हुई बैठक के बाद जारी संयुक्त बयान में अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, इटली, अफ़्रीकी संघ, यूरोपीय संघ, संयुक्त राष्ट्र और अन्य साझेदारों ने कहा कि उनका मानना है कि "इस संकट का कोई सैन्य समाधान नहीं हो सकता" और सूडानी जनता की आकांक्षाओं को प्रतिबिंबित करने वाली समावेशी राजनीतिक प्रक्रिया की आवश्यकता है।

यह बयान 3 से 5 जून के बीच इथियोपिया की राजधानी अदीस अबाबा में आयोजित विचार-विमर्श के बाद जारी किया गया। इस बैठक में "क्विंटेट" समूह के सदस्य शामिल थे, जिनमें अफ्रीकी संघ, इंटरगवर्नमेंटल अथॉरिटी ऑन डेवलपमेंट, लीग ऑफ़ अरब स्टेट्स, यूरोपीय संघ और संयुक्त राष्ट्र शामिल हैं। इन संगठनों ने सूडान के विभिन्न राजनीतिक पक्षों के साथ चर्चा की।

संयुक्त बयान में सभी पक्षों ने सूडान के लिए "शांतिपूर्ण, लोकतांत्रिक और स्थिर भविष्य" के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। साथ ही देश की संप्रभुता, एकता और क्षेत्रीय अखंडता को बनाए रखने पर जोर दिया।

साझेदार देशों और संगठनों ने सूडान में बिगड़ती मानवीय स्थिति पर भी गहरी चिंता जताई। बयान में कहा गया कि जारी संघर्ष के कारण लाखों लोग विस्थापित हो चुके हैं, गंभीर खाद्य संकट का सामना कर रहे हैं और बुनियादी सेवाओं तक उनकी पहुंच सीमित हो गई है। इसके अलावा नागरिकों और बुनियादी ढांचे पर हमले लगातार जारी हैं।

बयान में कहा गया कि नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जानी चाहिए और तत्काल मानवीय युद्धविराम लागू कर स्थायी संघर्षविराम की दिशा में कदम उठाए जाने चाहिए।

समूह ने 15 अप्रैल को आयोजित सूडान पर बर्लिन सम्मेलन के निष्कर्षों का भी स्वागत किया। सम्मेलन में "बर्लिन प्रिंसिपल्स फॉर सूडान" को अपनाया गया था और नागरिक संगठनों ने युद्ध समाप्त करने तथा सूडानी नेतृत्व वाली राजनीतिक प्रक्रिया शुरू करने की मांग की थी।

संयुक्त बयान के अनुसार, इन पहलों से अंतरराष्ट्रीय समन्वय मजबूत हुआ है और स्थायी शांति स्थापित करने के लिए नागरिक नेतृत्व वाली प्रक्रिया को समर्थन मिला है।

साझेदारों ने कहा कि संघर्ष समाप्त करने और लोकतांत्रिक परिवर्तन सुनिश्चित करने के लिए नागरिक राजनीतिक प्रक्रिया को केंद्र में रखना आवश्यक है। उन्होंने समयबद्ध नागरिक नेतृत्व वाली संक्रमण प्रक्रिया का समर्थन करते हुए कहा कि इसकी प्रगति का आकलन तय मानकों के आधार पर किया जाएगा।

बयान में यह चेतावनी भी दी गई कि जो पक्ष नागरिक सत्ता हस्तांतरण की प्रक्रिया को कमजोर करने का प्रयास करेंगे, उनके खिलाफ अंतरराष्ट्रीय समुदाय उचित कदम उठा सकता है।

सभी साझेदारों ने अगले कुछ सप्ताह में व्यापक नागरिक नेतृत्व वाले संवाद की शुरुआत की योजना का समर्थन किया। इस प्रक्रिया में राजनीतिक दलों के अलावा नागरिक समाज, महिला संगठनों, युवा समूहों और सूडान के विभिन्न क्षेत्रों तथा समुदायों के प्रतिनिधियों को शामिल किया जाएगा।

बयान में कहा गया कि यह संवाद पारदर्शी, विश्वसनीय और किसी भी प्रकार के दबाव से मुक्त होना चाहिए। उम्मीद जताई गई कि यह प्रक्रिया आदर्श रूप से छह महीने के भीतर पूरी हो सकती है और इससे एक स्वतंत्र, नागरिक नेतृत्व वाली सरकार के गठन का स्पष्ट रास्ता तैयार होगा, जो वैधता, जवाबदेही और मानवाधिकारों के सम्मान पर आधारित होगी।

संयुक्त बयान में कहा गया कि ऐसी सरकार का गठन ही सूडान में संघर्ष को स्थायी रूप से समाप्त करने के लिए अनिवार्य है।

--आईएएनएस

डीएससी

Share this story

Tags