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हांगकांग में जोशुआ वोंग को 10 साल की सजा पर भड़के मानवाधिकार संगठन, कहा- असहमति की आवाज दबाने का जरिया बना कानून

हांगकांग में जोशुआ वोंग को 10 साल की सजा पर भड़के मानवाधिकार संगठन, कहा- असहमति की आवाज दबाने का जरिया बना कानून
हांगकांग में जोशुआ वोंग को 10 साल की सजा पर भड़के मानवाधिकार संगठन, कहा- असहमति की आवाज दबाने का जरिया बना कानून

हांगकांग, 5 नवंबर (आईएएनएस)। प्रमुख मानवाधिकार संगठनों ने हांगकांग के लोकतंत्र समर्थक कार्यकर्ता जोशुआ वोंग को 10 साल की जेल की सजा दिए जाने की कड़ी आलोचना की है। संगठनों का कहना है कि यह फैसला दिखाता है कि हांगकांग का राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसएल) राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा के बजाय विरोध की आवाज को दबाने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है।

एमनेस्टी इंटरनेशनल की उप-क्षेत्रीय निदेशक सारा ब्रूक्स ने कहा कि जोशुआ वोंग के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी है और यह नई सजा ऐसे समय सुनाई गई है, जब उनकी पिछली सजा पूरी होने के कुछ ही महीने बचे थे।

उन्होंने कहा, "सत्ता के सामने सच बोलने का साहस दिखाने के लिए जोशुआ वोंग की सराहना की जानी चाहिए, लेकिन हांगकांग में इसी वजह से उन्हें अपराधी बना दिया गया है। यह फैसला फिर साबित करता है कि राष्ट्रीय सुरक्षा कानून का इस्तेमाल असहमति को दंडित करने के लिए किया जा रहा है।"

ब्रूक्स ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की कि वह हांगकांग में वैध सामाजिक और राजनीतिक गतिविधियों को अपराध बनाने की इस प्रक्रिया को सामान्य स्थिति के रूप में स्वीकार न करे। उन्होंने दुनिया भर की सरकारों से मानवाधिकारों की रक्षा और केवल अपने अधिकारों का इस्तेमाल करने के कारण जेल में बंद लोगों की रिहाई की मांग उठाने को कहा।

उन्होंने हांगकांग प्रशासन से जोशुआ वोंग के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत हुई दोषसिद्धि को रद्द करने और उन सभी कानूनों को खत्म करने का आग्रह किया, जो अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार मानकों के खिलाफ हैं।

इस बीच, अमेरिका स्थित मानवाधिकार संगठन ह्यूमन राइट्स वॉच (एचआरडब्ल्यू) ने भी हांगकांग सरकार से जोशुआ वोंग को तुरंत और बिना किसी शर्त के रिहा करने की मांग की। संगठन ने हांगकांग हाई कोर्ट द्वारा सुनाई गई सजा को "क्रूर और अन्यायपूर्ण" बताया।

एचआरडब्ल्यू ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से वोंग और अन्य लोकतंत्र समर्थक कार्यकर्ताओं को दी गई सजाओं की आलोचना करने और हांगकांग में बढ़ते दमन के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर लक्षित प्रतिबंध लगाने की मांग की।

ह्यूमन राइट्स वॉच की एशिया निदेशक एलेन पियर्सन ने कहा, "बेबुनियाद आरोपों पर जोशुआ वोंग को दी गई कड़ी सजा क्रूर और अन्यायपूर्ण है। सामाजिक बदलाव के लिए काम करने वाले युवा किसी भी जीवंत समाज की ताकत होते हैं, लेकिन हांगकांग सरकार उन्हें जेल में डाल रही है।"

मानवाधिकार संगठनों की यह प्रतिक्रिया ऐसे समय आई है, जब हांगकांग हाई कोर्ट ने गुरुवार को जोशुआ वोंग को राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत विदेशी शक्तियों के साथ साजिश रचने का दोषी मानते हुए 10 साल कैद की सजा सुनाई।

यह उनका राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत दूसरा मामला है। उन पर जुलाई 2020 से नवंबर 2020 के बीच निर्वासन में रह रहे लोकतंत्र समर्थक कार्यकर्ता नाथन लॉ और अन्य लोगों के साथ मिलकर विदेशी देशों या संगठनों से हांगकांग या चीन के खिलाफ प्रतिबंध लगाने और अन्य शत्रुतापूर्ण कदम उठाने का आग्रह करने की साजिश रचने का आरोप है।

इससे पहले वर्ष 2024 में वोंग को "सरकार को कमजोर करने की साजिश" के मामले में 4 वर्ष 8 महीने की सजा सुनाई गई थी।

वह उन 45 विपक्षी नेताओं और कार्यकर्ताओं में शामिल थे, जिन्हें 2020 में आयोजित अनौपचारिक प्राइमरी चुनावों में भाग लेने के आरोप में जेल भेजा गया था। संयुक्त राष्ट्र के विशेषज्ञों का मानना था कि उन पर लगाए गए आरोप ऐसे कार्यों से जुड़े थे, जो अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार कानून के तहत संरक्षित हैं।

जोशुआ वोंग की पिछली सजा जनवरी अगले वर्ष पूरी होने वाली थी, लेकिन नए मामले में मिली 10 साल की सजा ने उनकी कानूनी मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।

--आईएएनएस

एएमटी/डीकेपी

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