कोलकाता में तीसरा नमस्ते दिवस मनाएगी सरकार, केंद्रीय मंत्री वीरेंद्र कुमार करेंगे स्वच्छता कर्मचारियों को सम्मानित
नई दिल्ली, 13 जुलाई (आईएएनएस)। केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री वीरेंद्र कुमार मंगलवार को कोलकाता में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में स्वच्छता कर्मचारियों को सम्मानित करेंगे। इस दौरान तीसरे राष्ट्रीय यंत्रीकृत स्वच्छता पारिस्थितिकी तंत्र (नमस्ते) दिवस भी मनाया जाएगा।
एक अधिकारी ने सोमवार को जारी बयान में बताया कि मुख्य कार्यक्रम पश्चिम बंगाल के कोलकाता स्थित रवींद्र सदन में आयोजित किया जाएगा। इस दौरान दिव्य कला मेले का भी आयोजन होगा। इस अवसर पर देशभर के शहरी स्थानीय निकायों (यूएलबी) में भी समानांतर कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
केंद्रीय मंत्री वीरेंद्र कुमार के अलावा कोलकाता में आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के भी शामिल होने की संभावना है। मंत्रियों, संसद सदस्यों, विधायकों, केंद्र और राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों, जिला प्रशासन के प्रतिनिधियों, राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी वित्त एवं विकास निगम (एनएसकेएफडीसी) और अन्य गणमान्य व्यक्तियों के भी इसमें भाग लेने की उम्मीद है।
नमस्ते दिवस के अवसर पर देशभर के शहरी स्थानीय निकाय (यूएलबी) स्वच्छता कर्मचारियों के कल्याण के लिए कई कार्यक्रम आयोजित करेंगे। इनमें कार्यस्थल पर सुरक्षा से जुड़ा प्रशिक्षण, स्वास्थ्य जांच शिविर, सरकारी योजनाओं और सुविधाओं की जानकारी, मशीनीकृत सफाई उपकरणों और सुरक्षा किट का प्रदर्शन तथा स्वच्छता कर्मचारियों के योगदान का सम्मान शामिल होगा।
नमस्ते दिवस उन स्वच्छता कर्मचारियों को सम्मान देने के लिए मनाया जाता है, जो सार्वजनिक स्वास्थ्य और पर्यावरण को स्वच्छ रखने में अहम भूमिका निभाते हैं। इनमें सीवर और सेप्टिक टैंक की सफाई करने वाले कर्मचारी, कचरा बीनने वाले और पूर्व मैनुअल स्कैवेंजर्स (हाथ से मैला ढोने का काम छोड़ चुके लोग) शामिल हैं।
बयान में कहा गया है कि यह आयोजन स्वच्छता कर्मचारियों की सुरक्षा, सम्मान और बेहतर आजीविका सुनिश्चित करने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को मजबूत करता है। इसके तहत मशीनीकृत सफाई को बढ़ावा देने, कौशल प्रशिक्षण देने, सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराने और स्थायी रोजगार के अवसर बढ़ाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
मंत्रालय ने कहा कि यह आयोजन पूरे देश में सुरक्षित, सम्मानजनक और सभी के लिए समान अवसर वाली स्वच्छता व्यवस्था को बढ़ावा देने की सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। साथ ही, इसका उद्देश्य लंबे समय से उपेक्षित स्वच्छता कर्मचारियों और उनके समुदायों के कल्याण को प्राथमिकता देना है।
बयान में कहा गया है कि यह दिवस स्वच्छता कर्मचारियों की सुरक्षा, सम्मान और बेहतर जीवन सुनिश्चित करने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को मजबूत करता है। इसके तहत मशीनीकृत सफाई को बढ़ावा देने, खतरनाक तरीके से होने वाली सफाई को खत्म करने, सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराने, कौशल प्रशिक्षण देने और स्थायी रोजगार के अवसर बढ़ाने पर जोर दिया जाता है।
नमस्ते दिवस सार्वजनिक रूप से स्वच्छता कर्मचारियों के अधिकारों और कल्याण के बारे में जागरूकता बढ़ाने, उनके योगदान के प्रति सम्मान को बढ़ावा देने और सभी के लिए एक सुरक्षित, समावेशी और गरिमापूर्ण स्वच्छता प्रणाली बनाने के राष्ट्र के संकल्प की पुष्टि करने का भी एक अवसर है।
सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग ने सफाई कर्मचारियों की गरिमा, सुरक्षा और सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ-साथ उनके सामाजिक और आर्थिक कल्याण को मजबूत करने के लिए 2023-24 में नमस्ते योजना शुरू की।
नमस्ते योजना का उद्देश्य स्वच्छता कार्यों में होने वाली मौतों को शून्य तक लाना; स्वच्छता कर्मचारियों और मानव मल के बीच सीधे संपर्क को समाप्त करना और यह सुनिश्चित करना है कि सभी सफाई कार्य सुरक्षा उपकरणों का उपयोग करके किए जाएं।
इस योजना का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सभी स्वच्छता कार्य प्रशिक्षित और कुशल कर्मचारियों द्वारा सुरक्षित तरीके से किए जाएं। इसके तहत आपातकालीन प्रतिक्रिया स्वच्छता इकाइयों (ईआरएसयू) को मजबूत किया जा रहा है, ताकि मशीनीकृत सफाई सेवाएं सुरक्षित और प्रभावी ढंग से उपलब्ध कराई जा सकें। साथ ही, स्वयं सहायता समूहों के गठन और उद्यमिता को बढ़ावा देकर स्वच्छता कर्मचारियों को आत्मनिर्भर बनाने पर भी जोर दिया जा रहा है।
--आईएएनएस
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