कर्नाटक में स्टिंग ऑपरेशन पर सियासी बवाल, कुमारस्वामी ने 15 करोड़ के मामले में ईडी जांच की मांग की
रामनगर, 16 अक्टूबर (आईएएनएस)। केंद्रीय मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी ने शुक्रवार को मांग की कि कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री सिद्दारमैया को निशाना बनाकर किए गए एक स्टिंग ऑपरेशन के पीछे बड़ी रकम के कथित लेन-देन की जांच प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और आयकर विभाग से कराई जाए।
रामनगर जिले के बिदादी में मीडिया से बात करते हुए कुमारस्वामी ने कहा कि यह स्टिंग ऑपरेशन कर्नाटक में एक बड़ा राजनीतिक विवाद बन गया है। विपक्ष के नेता आर. अशोक के इस बयान का जिक्र करते हुए कि इस ऑपरेशन पर 10 से 15 करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं, उन्होंने कहा कि वित्तीय लेन-देन की गहन जांच होनी चाहिए।
उन्होंने कहा, "आप सिर्फ इसमें शामिल पैसों का हिसाब क्यों लगा रहे हैं? अगर सब कुछ सामने आ गया तो हमारे राज्य की गरिमा और प्रतिष्ठा पूरी तरह खत्म हो जाएगी। इसमें 15 करोड़ रुपए से ज्यादा का लेन-देन हुआ है। अगर ईडी इसमें दखल देती है, तो सच सामने आ जाएगा और यह भी पता चल जाएगा कि पैसों का लेन-देन कैसे हुआ।"
इससे पहले, कर्नाटक लोक सेवा आयोग (केपीएससी) द्वारा की गई भर्तियों में कथित अनियमितताओं को लेकर उम्मीदवारों के साथ एक खुली चर्चा के दौरान कुमारस्वामी ने सरकारी कर्मचारियों के कार्यकाल को मौजूदा 35 साल से घटाकर 10, 15 या 20 साल करने का प्रस्ताव रखा, ताकि ज्यादा उम्मीदवारों के लिए रोजगार के अवसर पैदा हो सकें।
उन्होंने कहा कि सरकारी नौकरी पाने वाला व्यक्ति आमतौर पर लगभग 35 साल तक काम करता है और अगर इस कार्यकाल को कम कर दिया जाए, तो दूसरों के लिए जगह खाली हो सकती है। उन्होंने कहा कि इस नए, छोटे कार्यकाल के बाद रिटायर होने वाले कर्मचारियों को पेंशन और रिटायरमेंट के अन्य लाभ मिलते रहने चाहिए।
उन्होंने कहा, "अगर आने वाले दिनों में मुझे मौका मिलता है तो मैं इस योजना को लागू करना चाहूंगा। मैं सोच रहा हूं कि युवाओं को रोजगार देने के लिए इस विचार को कैसे अमल में लाया जा सकता है। मेरी नजर में, हर परिवार में कम से कम एक सरकारी नौकरी होनी चाहिए। मैंने अपना यह विचार जनता के सामने रखा है और इस पर चर्चा होनी चाहिए।"
नवरात्रि के त्योहार का जिक्र करते हुए कुमारस्वामी ने कहा कि वह युवाओं के भविष्य के बारे में गंभीरता से सोच रहे हैं। उन्होंने जनता से इस प्रस्ताव पर चर्चा करने और अपनी राय साझा करने की अपील की।
उन्होंने बढ़ती बेरोजगारी पर चिंता जताई और आरोप लगाया कि सरकार योग्य उम्मीदवारों को नौकरी देने में विफल रही है। उन्होंने दावा किया कि केपीएससी, जो एक पारदर्शी और निष्पक्ष प्रक्रिया के जरिए सरकारी नौकरियों के लिए योग्य उम्मीदवारों का चयन करने के लिए जिम्मेदार है, अब भ्रष्टाचार का केंद्र बन गया है। कुमारस्वामी ने आरोप लगाया कि नौकरियों को पैसों के बदले बेचा जा रहा था और आयोग के अध्यक्ष, सदस्य तथा अधिकारी बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार में शामिल थे।
--आईएएनएस
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