जम्मू-कश्मीर में पीएम सूर्य घर योजना के तहत 46 हजार से अधिक रूफटॉप सोलर यूनिट स्थापित
श्रीनगर, 8 अक्टूबर (आईएएनएस)। जम्मू-कश्मीर में प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत अब तक 46 हजार से अधिक आवासीय छतों पर रूफटॉप सोलर यूनिट स्थापित किए जा चुके हैं। केंद्र शासित प्रदेश ने योजना के तहत अपने निर्धारित लक्ष्य का 55.24 प्रतिशत हासिल कर लिया है।
मुख्य सचिव अटल डुल्लू की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में पावर डेवलपमेंट डिपार्टमेंट के अतिरिक्त मुख्य सचिव अश्वनी कुमार ने बताया कि जम्मू-कश्मीर में 31 मार्च 2027 तक 83,500 आवासीय रूफटॉप सोलर यूनिट लगाने का लक्ष्य निर्धारित है। इसके मुकाबले अब तक 46,133 यूनिट स्थापित की जा चुकी हैं। यह उपलब्धि राष्ट्रीय स्तर पर योजना की 50.80 प्रतिशत प्रगति से अधिक है।
कश्मीर पावर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (केपीडीसीएल) के प्रबंध निदेशक महमूद अहमद शाह ने बताया कि कुल स्थापित यूनिट में से 17,809 जम्मू पावर डिस्ट्रीब्यूशन कॉरपोरेशन लिमिटेड (जेपीडीसीएल) के क्षेत्रों में लगाई गई हैं। इनकी कुल क्षमता 62.69 मेगावाट है। वहीं, केपीडीसीएल के क्षेत्रों में 28,324 रूफटॉप सोलर यूनिट स्थापित की गई हैं, जिनकी क्षमता 102.55 मेगावाट है। इस तरह जम्मू-कश्मीर में रूफटॉप सोलर की कुल स्थापित क्षमता 165.24 मेगावाट हो गई है।
बैठक में बताया गया कि योजना के तहत अब तक लाभार्थियों के खातों में 344.14 करोड़ रुपये की केंद्रीय सब्सिडी और 13 करोड़ रुपये की केंद्र शासित प्रदेश की सब्सिडी जमा की जा चुकी है।
मुख्य सचिव अटल डुल्लू ने स्थापना की गति को प्रभावित करने वाली बाधाओं को दूर करने के लिए पावर डेवलपमेंट डिपार्टमेंट और संबंधित कार्यान्वयन एजेंसियों को निर्देश दिए। उन्होंने विशेष रूप से बैंक वित्तपोषण, अधिकृत विक्रेताओं की उपलब्धता और उनके वितरण, मीटरिंग तथा पावर परचेज एग्रीमेंट (पीपीए) को जल्द पूरा करने पर ध्यान देने को कहा।
बैंक ऋण आवेदनों के बड़ी संख्या में खारिज होने पर भी मुख्य सचिव ने चिंता जताई। उन्होंने बिजली वितरण कंपनियों को निर्देश दिया कि वे खारिज किए गए सभी ऋण मामलों को संबंधित बैंकों के समक्ष उठाएं और उनके समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाएं।
सरकारी भवनों के सोलराइजेशन की भी बैठक में समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि कुल 12,994 सरकारी भवनों को सोलराइज करने का लक्ष्य रखा गया है, जिनमें से 8,850 भवनों को अब तक सोलराइज किया जा चुका है। इनकी संयुक्त क्षमता 95.64 मेगावाट है।
इनमें प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना और हाइब्रिड परियोजनाओं के तहत 4,793 भवन शामिल हैं, जिनकी कुल क्षमता 41.50 मेगावाट है। इसके अलावा चल रहे कार्यक्रम के तहत 4,057 सरकारी भवनों को सोलराइज किया गया है, जिनकी क्षमता 54.14 मेगावाट है।
अधिकारियों ने बताया कि शेष परियोजनाएं भी अलग-अलग चरणों में हैं। करीब 1,300 भवनों के लिए सामग्री पहुंचाई जा चुकी है, जबकि 943 स्थलों पर काम चल रहा है। वहीं, 1,901 अन्य भवनों के लिए सर्वे का काम जारी है।
प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना केंद्र सरकार की प्रमुख योजना है, जिसका उद्देश्य घरों की छतों पर सौर पैनल लगाकर आवासीय उपभोक्ताओं को बिजली के क्षेत्र में राहत देना और देश में स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देना है। योजना के तहत पात्र परिवारों को हर महीने 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली का लाभ मिल सकता है।
केंद्र सरकार ने देशभर में एक करोड़ परिवारों को योजना से लाभान्वित करने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए 75,021 करोड़ रुपये के बजट को मंजूरी दी गई है। रूफटॉप सोलर सिस्टम की क्षमता के आधार पर केंद्र सरकार की वित्तीय सहायता सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजी जाती है।
--आईएएनएस
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