सेक्रेटरी जनरल की दौड़ में यूएनसीटीएडी प्रमुख आगे बढ़ीं, स्थायी सदस्य तय करेंगे भविष्य
संयुक्त राष्ट्र, 30 सितंबर (आईएएनएस)। सेक्रेटरी-जनरल एंटोनियो गुटेरेस की जगह लेने के लिए दावेदारों के समर्थन का पता लगाने के लिए सुरक्षा परिषद के सदस्यों के बीच हुए अनौपचारिक पोल में यूएनसीटीएडी की प्रमुख रेबेका ग्रिनस्पैन ने अपनी बढ़त और मजबूत कर ली है। यह जानकारी इस गुप्त प्रक्रिया पर नजर रखने वाले सूत्रों से मिली है।
गुयाना की पूर्व विदेश मंत्री कैरोलिन रोड्रिग्स-बिर्केट, जो एक पोल में आगे थीं, मंगलवार को हुए सात उम्मीदवारों के चौथे पोल में भी दूसरे स्थान पर बनी रहीं।
वीटो पावर वाले पांच स्थायी सदस्यों की बात ही आखिरी मानी जाएगी।
इस महीने काउंसिल के प्रेसिडेंट और फ्रांस के स्थायी प्रतिनिधि जेरोम बोनाफोंट ने बताया कि पोल हो गया है, लेकिन उन्होंने कहा कि तय प्रक्रिया के तहत वे नतीजे नहीं बता सकते।
हालांकि, नतीजे लीक हो गए और '1 फॉर 8 बिलियन' (1एफ8बी), जो निष्पक्ष और खुले चुनाव के लिए कैंपेन करने वाला ग्रुप है, और यूएन की खबरें कवर करने वाली मीडिया साइट 'पास ब्लू' के आंकड़ों से पता चला कि कोस्टा रिका की ग्रिनस्पैन को 15 सदस्यों वाली काउंसिल में 10 पॉजिटिव, तीन नेगेटिव और दो न्यूट्रल वोट मिले।
यह आंकड़ा दो सप्ताह पहले हुए पिछले 'स्ट्रॉ पोल' (अनौपचारिक वोटिंग) की तुलना में उनके लिए एक पॉजिटिव वोट ज्यादा था।
सभी सात उम्मीदवारों ने पिछले हफ्ते जनरल असेंबली के हाई-लेवल वीक के दौरान लॉबिंग की, जहां इस बात पर जोर था कि यूएन की कमान किसी महिला को सौंपी जानी चाहिए, क्योंकि पिछले 80 सालों से इसकी अगुवाई पुरुष ही करते आए हैं।
1991 में जेवियर पेरेज डी कुएलर के पद छोड़ने के बाद से 35 सालों तक इस पद पर कोई लैटिन अमेरिकी नहीं रहा है, और कैरिबियन समेत इस महाद्वीप के कई लोगों का कहना है कि अब उनकी बारी है।
इससे ग्रिनस्पैन और रोड्रिग्स-बिर्केट, दोनों को बढ़त मिलती है।
काउंसिल के पास उम्मीदवार चुनने के लिए सिर्फ तीन महीने हैं, और अगर कोई नतीजा नहीं निकलता है, तो उन्हें यह तय करना होगा कि 1 जनवरी से लेकर किसी उम्मीदवार पर सहमति बनने तक यूएन कौन चलाएगा।
गुटेरेस ने कहा है कि नए साल की आधी रात को अपना कार्यकाल खत्म होने के बाद वे एक दिन भी ज्यादा पद पर नहीं रहेंगे।
यूएन चार्टर के तहत, काउंसिल इस पद के लिए उम्मीदवार चुनती है और मंजूरी के लिए जनरल असेंबली को भेजती है।
यह एक तरह की औपचारिकता है, और असेंबली ने हमेशा काउंसिल के नॉमिनी को मंजूरी दी है।
यह पता नहीं चल पाया कि क्या किसी स्थायी सदस्य ने गुप्त मतदान में ग्रिनस्पैन या रोड्रिग्स-बिर्केट को नेगेटिव वोट दिया था। रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने पिछले सप्ताह एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में संकेत दिया कि मॉस्को को उम्मीदवार उपयुक्त नहीं लगे और दूसरे उम्मीदवार भी सामने आ सकते हैं।
बोनाफॉन्ट ने कहा कि उन्होंने रंग-कोड वाले मतपत्रों का इस्तेमाल नहीं किया, जिनका इस्तेमाल स्ट्रॉ पोलिंग के एडवांस स्टेज में स्थायी सदस्यों के वोटों को अलग-अलग पहचानने के लिए किया जाता है।
असली चुनाव में, काउंसिल के सदस्य हर उम्मीदवार के लिए 'एनकरेज' (समर्थन), 'डिस्कैरेज' (विरोध) और 'नो ओपिनियन' (कोई राय नहीं) पर निशान लगाते हैं, और ये क्रमशः सकारात्मक, नकारात्मक और तटस्थ राय के बराबर होते हैं।
रोड्रिग्स-बिर्केट ने तीसरे स्ट्रॉ पोल में मिले आठ सकारात्मक, छह नकारात्मक और एक तटस्थ वोट बनाए रखे, जबकि दूसरे पोल में वह आगे थीं।
अर्जेंटीना के रहने वाले इंटरनेशनल एटॉमिक एनर्जी एजेंसी के डायरेक्टर-जनरल राफेल ग्रॉसी तीसरे स्थान पर रहे।
उनके बाद ओलारा ओतुन्नू रहे, जो यूएन के पूर्व अंडर-सेक्रेटरी-जनरल और युगांडा के विदेश मंत्री रह चुके हैं और काउंसिल के प्रेसिडेंट के तौर पर भी काम कर चुके हैं। सेनेगल के पूर्व प्रेसिडेंट मैकी साल, जिन्हें अपने देश का समर्थन हासिल नहीं है, उनके बाद आए।
जनरल असेंबली की पूर्व प्रेसिडेंट और इक्वाडोर की विदेश मंत्री मारिया फर्नांडा एस्पिनोसा और अमेरिका और फ्रांस में इक्वाडोर की पूर्व राजदूत इवोन ए-बाकी आखिरी दो स्थानों पर रहीं।
--आईएएनएस
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