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ईवीएम और एसआईआर पर सरकार को घेरा, उमंग सिंघार बोले- प्रदर्शनकारियों को 'भीड़' क्यों बता रही भाजपा?

ईवीएम और एसआईआर पर सरकार को घेरा, उमंग सिंघार बोले- प्रदर्शनकारियों को 'भीड़' क्यों बता रही भाजपा?
ईवीएम और एसआईआर पर सरकार को घेरा, उमंग सिंघार बोले- प्रदर्शनकारियों को 'भीड़' क्यों बता रही भाजपा?

भोपाल, 23 अक्टूबर (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने शुक्रवार को इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम), मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) और मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ हो रहे प्रदर्शनों को लेकर सरकार पर सवाल उठाए।

भोपाल में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उमंग सिंघार ने पूछा कि जब बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग उठ रही है तो सरकार इस पर जवाब क्यों नहीं दे रही। उन्होंने यह भी सवाल किया कि एसआईआर में कथित अनियमितताओं के विरोध में प्रदर्शन करने वाले लोगों को भाजपा 'भीड़' क्यों बता रही है।

उमंग सिंघार ने कहा कि नागरिकों को अपने अधिकारों और लोकतंत्र की रक्षा के लिए आवाज उठाने का पूरा हक है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस आम लोगों की आवाज का प्रतिनिधित्व करती है।

नेता प्रतिपक्ष ने मध्य प्रदेश सरकार के निवेश संबंधी दावों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि मुख्यमंत्री मोहन यादव की विदेश और अन्य यात्राओं के बाद जिन लाखों करोड़ रुपए के निवेश प्रस्तावों की घोषणा की जाती है, उनमें से वास्तव में कितने निवेश धरातल पर उतर पाए हैं।

उन्होंने सेमीकंडक्टर परियोजनाओं का जिक्र करते हुए पूछा कि ये परियोजनाएं कब शुरू होंगी और इनके जरिए कितने लोगों को रोजगार मिलेगा।

सिंघार ने कहा, "मुख्यमंत्री के दौरों के बाद बड़े निवेश के दावे किए जाते हैं, लेकिन यह भी स्पष्ट किया जाना चाहिए कि जमीन पर कितना निवेश वास्तव में आया है।"

उन्होंने राज्य सरकार से यह भी पूछा कि सरकारी पोर्टलों पर पंजीकृत 25 लाख से अधिक युवाओं को रोजगार देने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं और उन्हें रोजगार कब मिलेगा।

उमंग सिंघार ने शहरी क्षेत्रों के मास्टर प्लान तैयार करने की प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने आरोप लगाया कि इन योजनाओं को बनाने में अनियमितताएं हुई हैं और लोगों को आपत्तियां एवं सुझाव देने के लिए पर्याप्त समय नहीं दिया गया।

उन्होंने मांग की कि किसानों, व्यापारियों और नागरिक समाज के प्रतिनिधियों को अपनी राय रखने के लिए पर्याप्त समय दिया जाए तथा अंतिम रूप देने से पहले इस पर खुली चर्चा हो।

उन्होंने कहा, "मास्टर प्लान जनता की राय को ध्यान में रखकर बनाए जाने चाहिए और लोगों को आपत्ति एवं सुझाव दर्ज कराने का पर्याप्त अवसर मिलना चाहिए।"

सिंघार ने नगरीय निकायों की खरीद प्रक्रिया में भ्रष्टाचार का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार इस पर रोक लगाने में विफल रही है।

उन्होंने मुख्यमंत्री मोहन यादव से जवाब मांगते हुए पूछा कि क्या कथित भ्रष्टाचार उनकी संरक्षण में हो रहा है।

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि सरकार को इन सभी मुद्दों पर स्पष्ट जवाब देना चाहिए और जनता के सामने वास्तविक स्थिति रखनी चाहिए।

--आईएएनएस

एएमटी/डीकेपी

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