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मणिपुर के नागा गांव में दो वॉलंटियर्स की हत्या का आरोप, आदिवासी संगठनों ने कुकी उग्रवादियों को ठहराया जिम्मेदार

मणिपुर के नागा गांव में दो वॉलंटियर्स की हत्या का आरोप, आदिवासी संगठनों ने कुकी उग्रवादियों को ठहराया जिम्मेदार
मणिपुर के नागा गांव में दो वॉलंटियर्स की हत्या का आरोप, आदिवासी संगठनों ने कुकी उग्रवादियों को ठहराया जिम्मेदार

इंफाल, 14 अगस्त (आईएएनएस)। मणिपुर के कांगपोकपी जिले के लांगका गांव में भारी हथियारों से लैस उग्रवादियों ने दो नागा विलेज वॉलंटियर्स की हत्या कर दी और दो अन्य को घायल कर दिया।

शुक्रवार को पुलिस अधिकारी ने बताया कि मारे गए नागा विलेज वॉलंटियर्स (जो किसान भी थे) की पहचान विरिलियांगबो चावांग (35) और काविदिनांग अबोनमाई (54) के तौर पर हुई है, जबकि घायल लोगों में मालियांगजिनांग अबोनमाई (50) और नामथियुलुंगबो प्रिनमाई (45) हैं।

पुलिस के मुताबिक, नागा आदिवासियों का गांव 'लांगका' कांगपोकपी-तामेंगलोंग जिले के पास स्थित है। तांगखुल नागा लॉन्ग (टीएनएल) की वर्किंग कमेटी और लियांगमाई नागा काउंसिल, मणिपुर (एलएनसी-एम) समेत कई नागा आदिवासी संगठनों ने इस घटना की कड़ी निंदा की और हमले के पीछे कुकी उग्रवादियों का हाथ होने का आरोप लगाया।

हत्याओं के विरोध में एलएनसी-एम ने मणिपुर के सभी लियांगमाई नागा-बहुल इलाकों में तत्काल प्रभाव से और अनिश्चित काल के लिए पूरी तरह से बंद की घोषणा की।

संगठन ने कहा कि पीड़ितों के साथ एकजुटता दिखाते हुए सभी दुकानें, बाजार, सरकारी और गैर-सरकारी कार्यालय, संस्थान और गैरजरूरी गतिविधियां बंद रहेंगी। बंद के दौरान आपातकालीन और जरूरी सेवाओं, जैसे मेडिकल, फायर और अन्य आपातकालीन प्रतिक्रिया सेवाओं को छूट दी जाएगी।

टीएनएल ने बयान में दावा किया कि कुकी नेशनल फ्रंट (केएनएफ) और कुकी रिवोल्यूशनरी आर्मी (केआरए) समर्थित हथियारबंद कुकी कैडरों ने यह हमला किया, जिसमें दो निर्दोष किसान मारे गए और दो अन्य घायल हो गए।

नागा संगठन ने आरोप लगाया कि केएनएफ नेता जांगबोई किपजेन के नेतृत्व में केआरए कैडरों के साथ लगभग 50 कैडरों ने घात लगाकर गांव पर जानलेवा हमला किया।

टीएनएल ने कहा कि शुक्रवार को हुआ यह हथियारबंद हमला, 10 अगस्त को काइलेनजांग में खाली पड़े घरों को खुद कुकी लोगों द्वारा आग लगाने और इसके लिए झूठा आरोप नागाओं पर मढ़ने के कुछ दिनों बाद हुआ।

संगठन ने आगे कहा कि केएनएफ और केआरए (दोनों समूह केंद्र सरकार के साथ 'सस्पेंशन ऑफ ऑपरेशन्स' यानी एसओओ समझौते के तहत हैं) के कैडर नागाओं के खिलाफ बड़े पैमाने पर हथियारबंद हिंसा कर रहे हैं।

यह हिंसा तब शुरू हुई, जब मणिपुर के मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने हथियारबंद वॉलंटियर्स को अपने हथियार सरेंडर करने के लिए 15 दिन की समय-सीमा दी थी।

टीएनएल ने आरोप लगाया कि हथियारबंद कुकी समूह जानबूझकर और रणनीतिक रूप से स्थिति का फायदा उठाकर नागाओं को निशाना बना रहे हैं।

--आईएएनएस

डीके/एबीएम

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