तमिलनाडु: निकाय चुनाव से पहले टीवीके-डीएमके के बीच जुबानी जंग तेज
चेन्नई, 7 जून (आईएएनएस)। तमिलनाडु में आगामी स्थानीय निकाय चुनावों से पहले सत्तारूढ़ तमिलगा वेत्री कझगम (टीवीके) और विपक्षी द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) के बीच राजनीतिक टकराव तेज हो गया है। दोनों दलों के नेता एक-दूसरे पर तीखे हमले कर रहे हैं और चुनावी नतीजों को लेकर खुली चुनौती दे रहे हैं।
विवाद की शुरुआत उस आरोप से हुई, जिसमें कहा गया कि ग्रेटर चेन्नई कॉर्पोरेशन की मेयर प्रिया ने हाल ही में एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान टीवीके विधायक पल्लवी का अपमान किया। यह मामला जल्द ही बड़े राजनीतिक विवाद में बदल गया और दोनों दलों के वरिष्ठ नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गए।
राज्य के लोक निर्माण विभाग मंत्री आधव अर्जुन ने डीएमके नेतृत्व पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि पार्टी ने लोकतांत्रिक तरीके से चुने गए जनप्रतिनिधि का अपमान किया है।
उन्होंने कहा कि टीवीके अब तक संयम बरतती रही है, लेकिन अपने विधायकों का अपमान बर्दाश्त नहीं करेगी। डीएमके नेतृत्व और उदयनिधि स्टालिन को चुनौती देते हुए उन्होंने दावा किया कि स्थानीय निकाय चुनावों में डीएमके को करारी हार का सामना करना पड़ेगा।
आधव अर्जुना ने कहा कि राज्य के नगर निगमों में डीएमके एक भी मेयर पद जीतने में सफल नहीं होगी। चेन्नई का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि पार्टी के लिए अपना प्रभाव बनाए रखना भी मुश्किल होगा और उसे चुनाव में शर्मनाक स्थिति का सामना करना पड़ सकता है।
मंत्री के बयान पर डीएमके के संगठन सचिव आर.एस. भारती ने तुरंत पलटवार किया। उन्होंने आधव अर्जुन की चुनौती को खारिज करते हुए उनके राजनीतिक कद पर सवाल उठाए।
भारती ने कहा कि आधव अर्जुन की हैसियत ऐसी नहीं है कि वे डीएमके अध्यक्ष एम.के. स्टालिन या वरिष्ठ नेता उदयनिधि स्टालिन को चुनौती दें।
तमिलनाडु के राजनीतिक इतिहास का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि 1984 के विधानसभा चुनाव में तत्कालीन मुख्यमंत्री एम.जी. रामचंद्रन के नेतृत्व में एआईएडीएमके का दबदबा था, लेकिन 1986 के स्थानीय निकाय चुनावों में डीएमके गठबंधन ने अधिकांश नगरपालिकाओं में जीत हासिल की थी।
उन्होंने कहा कि स्थानीय निकाय चुनावों के नतीजे अक्सर विधानसभा चुनावों से अलग होते हैं और डीएमके को पूरा भरोसा है कि जब भी चुनाव होंगे, पार्टी मजबूत प्रदर्शन करेगी।
इस दौरान आर.एस. भारती ने कहा कि यदि टीवीके चुनाव में एक भी मेयर पद जीतने में सफल हो जाती है, तो वह अपनी मूंछ का एक हिस्सा मुंडवा देंगे। दोनों दलों के बीच बढ़ती इस जुबानी जंग से साफ संकेत मिल रहे हैं कि तमिलनाडु में स्थानीय निकाय चुनावों से पहले राजनीतिक सरगर्मियां चरम पर पहुंचने वाली हैं।
--आईएएनएस
एएमटी/एएस

