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ट्रंप ने नाटो को 'कागजी शेर' कहा, सहयोगियों पर सवाल उठाए

वाशिंगटन, 28 मार्च (आईएएनएस)। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नाटो की कड़ी आलोचना करते हुए उसे "कागजी शेर" बताया और सवाल उठाया कि क्या वाशिंगटन को उन सहयोगियों का बचाव जारी रखना चाहिए, जो उनके अनुसार जरूरत के समय अमेरिका का समर्थन करने में विफल रहे।
ट्रंप ने नाटो को 'कागजी शेर' कहा, सहयोगियों पर सवाल उठाए

वाशिंगटन, 28 मार्च (आईएएनएस)। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नाटो की कड़ी आलोचना करते हुए उसे "कागजी शेर" बताया और सवाल उठाया कि क्या वाशिंगटन को उन सहयोगियों का बचाव जारी रखना चाहिए, जो उनके अनुसार जरूरत के समय अमेरिका का समर्थन करने में विफल रहे।

मियामी में फ्यूचर इन्वेस्टमेंट इनिशिएटिव प्रायोरिटी समिट में बोलते हुए ट्रंप ने कहा कि जब अमेरिका को सबसे ज्यादा जरूरत थी, तब गठबंधन ने उसका साथ नहीं दिया।

ट्रंप ने गठबंधन के प्रति अमेरिकी प्रतिबद्धताओं पर पुनर्विचार का सुझाव दिया। उन्होंने कहा, "अगर वे हमारे लिए मौजूद नहीं हैं, तो हम उनके लिए क्यों मौजूद रहेंगे?" उन्होंने नाटो की प्रतिक्रिया को "एक बहुत बड़ी गलती" बताया।

ट्रंप ने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों समेत प्रमुख यूरोपीय नेताओं के साथ हुई बातचीत का जिक्र करते हुए कहा कि समर्थन की पेशकश सैन्य कार्रवाई समाप्त होने के बाद ही आई। उन्होंने मैक्रों के हवाले से कहा, "युद्ध खत्म होते ही हम जहाज भेजेंगे।" ट्रंप ने आगे कहा, "मुझे युद्ध खत्म होने के बाद उनकी जरूरत नहीं है।"

ट्रंप ने ब्रिटेन की प्रतिक्रिया की भी आलोचना करते हुए कहा कि विमानवाहक पोत कई हफ्तों बाद ही उपलब्ध कराए जाएंगे। ट्रंप ने देरी से मिल रहे समर्थन का मजाक उड़ाते हुए कहा, "जब युद्ध खत्म हो जाएगा, तब हम वहां मौजूद होंगे।"

राष्ट्रपति ने जर्मनी की आलोचना करते हुए उनके नेतृत्व के इस बयान का जिक्र किया कि यह संघर्ष उनकी चिंता का विषय नहीं है। उन्होंने कहा, "यह हमारा युद्ध नहीं है, हमें इससे कोई लेना-देना नहीं है," इस टिप्पणी का क्रेडिट जर्मनी के चांसलर को दिया।

ट्रंप ने कहा कि समर्थन की कमी ने नाटो के बारे में उनके पुराने विचार को और मजबूत किया है। उन्होंने कहा, "मैंने हमेशा कहा है कि नाटो एक कागज़ी शेर है, हम नाटो की मदद करते हैं, लेकिन वे हमारी कभी मदद नहीं करेंगे।"

ट्रंप ने कहा, "इससे अमेरिका को बहुत पैसा मिलेगा, क्योंकि हम नाटो पर हर साल सैकड़ों अरब डॉलर खर्च करते हैं।" यह संकेत देते हुए कि भविष्य में अमेरिका की प्रतिबद्धताओं पर पुनर्विचार किया जा सकता है।

हालांकि, ट्रंप ने कई मध्य पूर्वी देशों के समर्थन की प्रशंसा करते हुए कहा कि वे नाटो सदस्यों की तुलना में अमेरिका के साथ अधिक मजबूती से खड़े रहे। उन्होंने कहा, "वे नाटो से भी अधिक मजबूती से खड़े रहे," और यह भी जोड़ा कि वाशिंगटन को "उन देशों से जबरदस्त समर्थन मिला जो नाटो क्षेत्र में नहीं थे।"

--आईएएनएस

ओपी/एएस

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