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त्रिपुरा में बनेगा अंतरराष्ट्रीय स्किल सेंटर और विदेशी भाषा स्कूल: सीएम माणिक साहा

अगरतला, 3 फरवरी (आईएएनएस)। त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने मंगलवार को कहा कि राज्य सरकार युवाओं के लिए वैश्विक रोजगार के अवसर खोलने के उद्देश्य से एक अंतरराष्ट्रीय स्किल सेंटर और एक विदेशी भाषा स्कूल स्थापित करने की प्रक्रिया में है।
त्रिपुरा में बनेगा अंतरराष्ट्रीय स्किल सेंटर और विदेशी भाषा स्कूल: सीएम माणिक साहा

अगरतला, 3 फरवरी (आईएएनएस)। त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने मंगलवार को कहा कि राज्य सरकार युवाओं के लिए वैश्विक रोजगार के अवसर खोलने के उद्देश्य से एक अंतरराष्ट्रीय स्किल सेंटर और एक विदेशी भाषा स्कूल स्थापित करने की प्रक्रिया में है।

मुख्यमंत्री ने यह बात नीति आयोग के स्टेट सपोर्ट मिशन के तहत आयोजित तीसरी क्षेत्रीय कार्यशाला को संबोधित करते हुए कही, जो अगरतला के एक होटल में आयोजित हुई। उन्होंने कहा कि सुशासन केवल संस्थानों या प्रक्रियाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका असली उद्देश्य नागरिकों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार लाना और विकास को अंतिम पायदान तक पहुंचाना है।

मुख्यमंत्री ने कहा, “सुशासन का मूल उद्देश्य हर नागरिक के जीवन स्तर को बेहतर बनाना और यह सुनिश्चित करना है कि विकास अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे, जैसा कि हमारे प्रधानमंत्री बार-बार कहते हैं। स्टेट सपोर्ट मिशन भारत की संघीय शासन प्रणाली में एक महत्वपूर्ण बदलाव का प्रतीक है।”

माणिक साहा ने कहा कि यह मिशन केंद्र और राज्यों के बीच साझेदारी आधारित सहयोग को मजबूत करता है, जहां राज्यों को केवल क्रियान्वयन एजेंसी नहीं, बल्कि भारत की विकास यात्रा में समान भागीदार के रूप में देखा जाता है।

उन्होंने कहा कि स्टेट सपोर्ट मिशन के माध्यम से नीति आयोग ने राज्यों को अपने स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ ट्रांसफॉर्मेशन को सशक्त बनाने में मदद की है, जो नीति निर्माण, परिणामों की निगरानी और विभिन्न क्षेत्रों के बीच समन्वय में अहम भूमिका निभाते हैं। यह मिशन राज्यों के दीर्घकालिक दृष्टिकोण को ‘विकसित भारत 2047’ के राष्ट्रीय लक्ष्य से जोड़ने में सहायक है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि विभिन्न राज्य और केंद्र शासित प्रदेश अपने-अपने सामाजिक-आर्थिक और प्रशासनिक हालात के अनुसार स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ ट्रांसफॉर्मेशन के विकास के अलग-अलग चरणों में हैं। इसी विविधता को ध्यान में रखते हुए नीति आयोग ने क्षेत्रीय कार्यशालाओं की परिकल्पना की है, ताकि आपसी सीख, विचारों का आदान-प्रदान और साझा समाधान संभव हो सके।

उन्होंने कहा कि पूर्वी और पूर्वोत्तर राज्यों के लिए तीसरी क्षेत्रीय कार्यशाला की मेजबानी त्रिपुरा को सौंपना इस बात का संकेत है कि नीति आयोग को इस क्षेत्र की बढ़ती नीतिगत क्षमता और राष्ट्रीय सुधार विमर्श में योगदान देने की तत्परता पर भरोसा है।

--आईएएनएस

डीएससी

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