त्रिपुरा शिक्षा विभाग ने कथित निजी कोचिंग के आरोप में 3 शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया
अगरतला, 23 अक्टूबर (आईएएनएस)। त्रिपुरा के स्कूल शिक्षा विभाग ने शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी-फर्स्ट और टीईटी-सेकेंड) की तैयारी करा रहे उम्मीदवारों को पेशेवर आचरण और निजी कोचिंग देने से संबंधित आरोपों के सिलसिले में तीन सरकारी स्कूल शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। अधिकारियों ने शुक्रवार को यहां यह जानकारी दी।
स्कूल शिक्षा विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि दक्षिण त्रिपुरा और सेपाहिजाला जिलों के जिला शिक्षा अधिकारियों (डीईओ) द्वारा जारी किए गए नोटिस में संबंधित शिक्षकों को नोटिस प्राप्त होने के तीन दिनों के भीतर लिखित स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है।
यदि आवश्यक हुआ तो लागू सेवा आचरण नियमों और निर्धारित प्रक्रियाओं के अनुसार आगे की विभागीय कार्रवाई पर विचार किया जाएगा।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, एक मामला दक्षिण त्रिपुरा के बेलोनिया में एक स्नातकोत्तर शिक्षक (पीजीटी) से संबंधित है। उन्हें कथित तौर पर सोशल मीडिया पर प्रसारित एक वीडियो के संबंध में कारण बताओ नोटिस प्राप्त हुआ है, जिसमें सरकारी कर्मचारियों पर लागू आचरण नियमों के अनुपालन पर सवाल उठाए गए हैं।
दो अन्य मामलों में, सेपाहिजाला जिले के एक स्नातक शिक्षक और दक्षिण त्रिपुरा के एक शिक्षक को कथित तौर पर टीईटी-फर्स्ट और टीईटी-सेकेंड के उम्मीदवारों के लिए निजी कोचिंग कक्षाएं, ट्यूशन सत्र और मॉक टेस्ट आयोजित करने के आरोप में कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं।
विभाग आगे की कार्रवाई तय करने से पहले शिक्षकों से स्पष्टीकरण मांग रहा है।
लागू सेवा नियमों के विशिष्ट प्रावधानों और आरोपों से संबंधित साक्ष्यों की सक्षम प्राधिकारी द्वारा जांच की जाएगी।
शिक्षकों को आरोपों का जवाब देने और अपने-अपने स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने का अवसर दिया गया है।
यदि उनके जवाब संतोषजनक नहीं पाए जाते हैं, तो विभाग लागू नियमों के अनुसार आगे की कार्रवाई शुरू करने पर विचार कर सकता है।
कानूनी रूप से उचित होने पर निलंबन सहित कोई भी अनुशासनात्मक कार्रवाई संबंधित सेवा नियमों और निर्धारित प्रक्रियाओं के अधीन होगी।
मामले फिलहाल कारण बताओ नोटिस के चरण में हैं, और नोटिस जारी करने मात्र से ही किसी प्रकार का कदाचार सिद्ध नहीं हो जाता।
परिणाम शिक्षकों द्वारा प्रस्तुत स्पष्टीकरणों, विभाग के पास उपलब्ध सामग्री और सक्षम प्राधिकारी द्वारा शुरू की गई किसी भी आगे की कार्रवाई पर निर्भर करेगा।
इस घटनाक्रम ने सरकारी कर्मचारियों के बीच पेशेवर आचरण और बाहरी रोजगार तथा निजी व्यावसायिक गतिविधियों से संबंधित सेवा नियमों के अनुपालन के मुद्दे पर नए सिरे से ध्यान आकर्षित किया है।
विभाग अन्य मामलों में भी उचित कार्रवाई पर विचार कर सकता है, जहां लागू नियमों के अनुसार उल्लंघन सिद्ध हो।
त्रिपुरा सरकार ने पहले लागू सेवा नियमों और विभागीय निर्देशों के अनुसार सरकारी शिक्षकों को निजी ट्यूशन या कोचिंग में शामिल होने से प्रतिबंधित कर दिया था।
--आईएएनएस
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