त्रिपुरा चिट फंड घोटाला मामला: 13 साल से फरार मुख्य आरोपी को सीबीआई ने कोलकाता से किया गिरफ्तार
अगरतला/कोलकाता, 13 मई (आईएएनएस)। त्रिपुरा चिट फंड घोटाला मामले में 13 साल से फरार मुख्य आरोपी संजीत चक्रवर्ती को सीबीआई ने कोलकाता से गिरफ्तार किया है। सीबीआई ने बुधवार को बताया कि इसके खिलाफ त्रिपुरा के दो चिट फंड मामलों में आरोपपत्र दायर किया गया था।
एजेंसी ने एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि आरोपी संजीत चक्रवर्ती, जो कोलकाता स्थित मेसर्स कॉस्मिक नेगोसिएटर्स प्राइवेट लिमिटेड के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक हैं, त्रिपुरा पुलिस द्वारा 2013 में एफआईआर दर्ज किए जाने के बाद से फरार था। इसे मंगलवार को कोलकाता से गिरफ्तार कर लिया गया है।
केंद्रीय जांच एजेंसी सीबीआई ने एक बयान में कहा कि डीएसपीई अधिनियम, 1946 के तहत त्रिपुरा और केंद्र सरकार की अधिसूचनाओं के बाद सीबीआई ने पहले इन मामलों को अपने हाथ में लिया था।
इसमें कहा गया है कि जांच के बाद, पहले मामले में आरोपी संजीत चक्रवर्ती और अन्य के खिलाफ 2015 में जनता से लगभग 7.48 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के आरोप में चार्जशीट दायर की गई थी। दूसरे मामले में आरोपी और अन्य के खिलाफ 2024 में जनता से लगभग 27.13 लाख रुपये की धोखाधड़ी के आरोप में चार्जशीट दायर की गई थी।
बयान में कहा गया है कि दोनों ही मामलों में, चक्रवर्ती को आरोपपत्र में फरार आरोपी के रूप में दिखाया गया था।
जानकारी के अनुसार आरोपी 2013 से ही छिपकर रह रहा था। लगातार प्रयासों के बाद मुखबिर की सूचना पर आरोपी संजीत चक्रवर्ती को पश्चिम बंगाल के कोलकाता में खोजा गया और सीबीआई ने उसे 12 मई को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपियों को कोलकाता स्थित संबंधित न्यायालय से पारगमन वारंट प्राप्त करने के बाद सक्षम न्यायालय के समक्ष पेश करने के लिए त्रिपुरा लाया जाएगा।
अधिकारियों ने बताया कि आगे की जांच जारी है।
इससे पहले, सीबीआई ने त्रिपुरा चिट फंड घोटाले के सिलसिले में असम, तमिलनाडु और महाराष्ट्र समेत कई राज्यों से कई लोगों को गिरफ्तार किया था। त्रिपुरा में हुए चिट फंड घोटालों ने पूर्वोत्तर राज्य को हिलाकर रख दिया है, क्योंकि कई अवैध चिट फंड कंपनियों ने विभिन्न विवादित पोंजी योजनाओं के तहत हजारों लोगों को ठगते हुए करोड़ों रुपये इकट्ठा किए। त्रिपुरा उच्च न्यायालय ने 2024 में चिट फंड कंपनियों द्वारा ठगे गए ग्राहकों को पैसा वापस करने के लिए एक योजना बनाने का आदेश दिया था।
--आईएएनएस
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