‘मां बहन’ तो आप सबकी है, एक भावुक नोट शेयर एक्ट्रेस तृप्ति डिमरी ने की फैंस से अपील
मुंबई, 5 जून (आईएएनएस)। अभिनेत्री तृप्ति डिमरी ने अपनी ब्लैक कॉमेडी फिल्म ‘मां बहन’ को अपने करियर के सबसे खास अनुभवों में से एक बताया है। उन्होंने अपनी सह-कलाकारों माधुरी दीक्षित नेने और धारणा दुर्गा के लिए एक भावुक नोट भी साझा किया। साथ ही कहा कहा कि यह एक अभिनेता के रूप में उनके लिए सीखने और नए प्रयोग करने का बेहतरीन अवसर रहा।
तृप्ति डिमरी ने फिल्म की शूटिंग के दौरान की कई तस्वीरें शेयर कीं। इनमें सेट के पीछे के पल और माधुरी, धारणा और निर्देशक सुरेश त्रिवेणी के साथ बिताए गए मजेदार पलों की झलक भी शामिल थी।
कैप्शन में उन्होंने लिखा, ''यह फिल्म हमेशा मेरे दिल में एक बेहद खास जगह बनाए रखेगी। हर दिन कुछ नया लेकर आता था। ढेर सारी हंसी, अचानक बने खूबसूरत पल और ऐसी यादें, जिन्होंने सेट पर बिताए हर दिन को सचमुच संजोकर रखने लायक बना दिया।"
तृप्ति डिमरी ने लिखा कि यह उनके लिए एक शानदार प्रयोग था, जिसने उन्हें एक अभिनेता के रूप में नए अनुभव दिए और नई चीजें खोजने में मदद की।
तृप्ति ने लिखा, ''सुरेश त्रिवेणी एक बेहतरीन निर्देशक हैं, जो पूरी स्पष्टता और विज़न के साथ काम को आगे बढ़ाते हैं। उनके साथ काम करना मेरे लिए सौभाग्य की बात थी।''
तृप्ति डिमरी ने लिखा, ''माधुरी दीक्षित के साथ काम करना बहुत खुशी की बात थी, वे बेहद ग्रेसफुल, गर्मजोशी से भरी और एक बेहतरीन कलाकार हैं। उनके साथ स्क्रीन शेयर करना मेरे लिए सम्मान की बात थी।''
लेखक पूजा तोलानी के बारे में उन्होंने कहा कि वे हमेशा उनके साथ रहीं और अभिनय को बेहतर बनाने में मदद की।
अपनी को-स्टार धारणा दुर्गा के बारे में तृप्ति ने लिखा कि ऑनस्क्रीन लड़ाई के बावजूद ऑफस्क्रीन उनके बीच बहुत प्यार और गर्मजोशी थी।
उन्होंने लिखा कि अब 'मां बहन' आखिरकार आप सबकी है। उम्मीद है आप इसे उतना ही पसंद करेंगे जितना हमने इसे बनाते समय किया।”
'मां बहन' को सुरेश त्रिवेणी ने निर्देशित किया है और यह नेटफ्लिक्स पर स्ट्रीम हो रही है। इसमें माधुरी दीक्षित नेने, धारणा दुर्गा और रवि किशन अहम भूमिकाओं में हैं। इनके साथ गीताांजलि कुलकर्णी, अरुणोदय सिंह और शार्दुल भारद्वाज भी शामिल हैं।
फिल्म की कहानी रेखा नाम की एक मां के इर्द-गिर्द घूमती है, जो पहले से ही अपनी जिंदगी संभाल रही होती है, लेकिन अचानक उसकी रसोई में एक लाश मिलने से उसकी जिंदगी पूरी तरह बदल जाती है। अपनी दो बेटियों जया (जिम्मेदार बेटी) और सुषमा (बिंदास बेटी) के साथ मिलकर वह इस मुश्किल स्थिति से निकलने की कोशिश करती है और पड़ोसियों से सच्चाई छिपाने के लिए हरसंभव प्रयास करती है।
--आईएएनएस
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