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टीएमसी को झटका, सांसद काकोली घोष ने सभी पदों से दिया इस्तीफा

कोलकाता, 27 मई (आईएएनएस)। तृणमूल कांग्रेस की वरिष्ठ नेता और चार बार की सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने बुधवार को पार्टी के सभी संगठनात्मक पदों से तत्काल प्रभाव से इस्तीफा दे दिया।
टीएमसी को झटका, सांसद काकोली घोष ने सभी पदों से दिया इस्तीफा

कोलकाता, 27 मई (आईएएनएस)। तृणमूल कांग्रेस की वरिष्ठ नेता और चार बार की सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने बुधवार को पार्टी के सभी संगठनात्मक पदों से तत्काल प्रभाव से इस्तीफा दे दिया।

बारासात से सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने अपना इस्तीफा पत्र तृणमूल कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष सुब्रत बख्शी को भेजा।

अपने पत्र में उन्होंने लिखा, “बेहद पीड़ा और चिंता के साथ मैं अखिल भारतीय तृणमूल महिला कांग्रेस की चेयरपर्सन समेत पार्टी के सभी संगठनात्मक पदों, समितियों और जिम्मेदारियों से इस्तीफा दे रही हूं।”

उन्होंने अप्रत्यक्ष रूप से लोकसभा में पार्टी के मौजूदा मुख्य सचेतक कल्याण बनर्जी पर निशाना साधा, जिन्होंने उनकी जगह यह पद संभाला था।

काकोली घोष दस्तीदार ने कहा कि जब एक महिला सांसद के प्रति किसी “अशिक्षित और अभद्र” पार्टी सांसद के व्यवहार को रोका नहीं जा सकता और पार्टी के वरिष्ठ नेतृत्व से सहयोग व सहानुभूति नहीं मिलती, तब किसी पद पर बने रहने का कोई मतलब नहीं रह जाता।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पार्टी नेतृत्व द्वारा कुछ नेताओं पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों को दबाने की कोशिशों से वह बेहद आहत हैं।

अपने पत्र में उन्होंने कोलकाता के आर.जी. कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में अगस्त 2024 में एक जूनियर महिला डॉक्टर के साथ हुई दुष्कर्म और हत्या की घटना पर पार्टी नेतृत्व के रवैये को लेकर भी निराशा जताई।

हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि वह तृणमूल कांग्रेस की सामान्य सदस्य बनी रहेंगी।

उनका यह कदम ऐसे समय आया है जब एक दिन पहले ही उन्होंने मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी की अध्यक्षता में हुई प्रशासनिक समीक्षा बैठक में बारासात की सांसद के रूप में हिस्सा लिया था।

इससे पहले काकोली घोष दस्तीदार बारासात में तृणमूल कांग्रेस की जिला अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे चुकी हैं।

बताया जा रहा है कि पार्टी नेतृत्व से उनकी नाराजगी पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद बढ़ी, जब ममता बनर्जी ने उन्हें हटाकर लोकसभा में पार्टी का मुख्य सचेतक बदल दिया था।

उस समय उन्होंने सोशल मीडिया पर एक भावुक पोस्ट भी किया था, जिसमें लिखा था, “1976 से उन्हें जानती हूं, 1984 से साथ चल रही हूं। चार दशक की वफादारी का यही इनाम मिला।”

--आईएएनएस

डीएससी

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