तृणमूल ने बंगाल के प्रवासी मजदूर की मौत के मामले में पुणे पुलिस के दावे को खारिज किया
कोलकाता, 12 फरवरी (आईएएनएस)। तृणमूल कांग्रेस ने गुरुवार को पुणे पुलिस के उस दावे को खारिज कर दिया, जिसमें कहा गया था कि पश्चिम बंगाल के एक प्रवासी मजदूर की मौत नशे में हुई झड़प में हुई थी। वहीं, पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी शुक्रवार को मृतक के पुरुलिया स्थित आवास पर जाने वाले हैं।
पुणे पुलिस ने गुरुवार सुबह पुरुलिया जिले के प्रवासी मजदूर सुखेन महतो की मौत के संबंध में एक बयान जारी कर कहा कि घटना के समय वह कथित तौर पर शराब के नशे में था।
पुलिस के अनुसार, महतो नशे की हालत में दो लोगों से झगड़ा कर बैठा था। महाराष्ट्र पुलिस ने कहा कि शुरुआती जांच से पता चलता है कि इसी झगड़े के बाद उसकी हत्या हुई। हालांकि, पश्चिम बंगाल की सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस ने इस बात को खारिज करते हुए आरोप लगाया कि पुलिस अपनी "इज्जत बचाने" के लिए ऐसा सिद्धांत पेश कर रही है।
हाल के महीनों में, महाराष्ट्र समेत भाजपा शासित कई राज्यों में पश्चिम बंगाल के प्रवासी श्रमिकों के उत्पीड़न के आरोप सामने आए हैं। लक्षित हमलों और हत्याओं के भी आरोप लगे हैं। टीएमसी ने दावा किया कि बंगाली भाषी प्रवासी श्रमिकों पर उनकी भाषा और पहचान के कारण हमले किए जा रहे हैं। पुणे घटना में मृतक के परिवार ने भी इसी तरह के आरोप लगाए हैं।
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी सोशल मीडिया पर इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए आरोप लगाया कि एक युवक को उसकी भाषा, पहचान और मूल के कारण प्रताड़ित करके मार डाला गया।
उनकी पोस्ट के बाद, पुणे पुलिस ने एक विस्तृत बयान जारी कर बताया कि यह घटना सोमवार रात को हुई थी। महतो एक स्थानीय कंपनी में कार्यरत थे। घटना वाले दिन, वह दोपहर लगभग 3 बजे काम पर जाने के लिए घर से निकले थे, लेकिन पुलिस के अनुसार, उन्होंने ड्यूटी पर रिपोर्ट नहीं की।
पुलिस का दावा है कि काम पर जाने के बजाय, महतो पुणे के कोरेगांव इलाके में नशे की हालत में घूम रहे थे।
पुणे के शिकरापुर पुलिस स्टेशन के इंस्पेक्टर दीपरातन गायकवाड़ ने बताया कि घटना वाले दिन महतो का कथित तौर पर नशे की हालत में दो लोगों से झगड़ा हुआ था।
अधिकारी ने कहा कि प्रारंभिक जांच में, हमें संदेह है कि उस झगड़े के बाद दो लोगों ने उनकी हत्या कर दी। हमारे पास सीसीटीवी फुटेज है जिसमें मृतक नशे की हालत में दो लोगों से बहस करते हुए दिख रहे हैं। हालांकि, वास्तविक हमला सीसीटीवी में कैद नहीं हुआ। बाद में, वह घटनास्थल के पास पड़े मिले। उनकी हत्या धारदार हथियार से की गई थी।
--आईएएनएस
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