Samachar Nama
×

2014-15 से रेल दुर्घटनाओं में 90 प्रतिशत की गिरावट आई: अश्विनी वैष्णव

नई दिल्ली, 19 मार्च (आईएएनएस)। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने संसद को बताया कि भारतीय रेल से जुड़ी दुर्घटनाओं की संख्या में पिछले कुछ वर्षों में भारी गिरावट आई है, और गंभीर दुर्घटनाओं में लगभग 90 प्रतिशत की कमी आई है।
2014-15 से रेल दुर्घटनाओं में 90 प्रतिशत की गिरावट आई: अश्विनी वैष्णव

नई दिल्ली, 19 मार्च (आईएएनएस)। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने संसद को बताया कि भारतीय रेल से जुड़ी दुर्घटनाओं की संख्या में पिछले कुछ वर्षों में भारी गिरावट आई है, और गंभीर दुर्घटनाओं में लगभग 90 प्रतिशत की कमी आई है।

बुधवार को लोकसभा में लिखित जवाब में मंत्री ने कहा कि भारतीय रेल के लिए सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता बनी हुई है, और निरंतर उपायों से परिचालन सुरक्षा में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।

उन्होंने कहा कि गंभीर रेल दुर्घटनाओं की संख्या 2014-15 में 135 से घटकर 2025-26 (28 फरवरी तक) में मात्र 14 रह गई है।

मंत्री द्वारा साझा किए गए आंकड़ों से पता चला कि 2004-05 से 2013-14 के दौरान 1,711 गंभीर रेल दुर्घटनाएं हुईं, जिनमें 904 लोगों की मौत हुई और 3,155 लोग घायल हुए। 2014-15 से 2023-24 के बीच यह संख्या घटकर 678 दुर्घटनाएं रह गई, जिनमें 748 लोगों की मौत हुई और 2,087 लोग घायल हुए।

उनके अनुसार, 2024-25 में ऐसी 31 दुर्घटनाएं दर्ज की गईं, जिनमें 18 लोगों की मौत हुई और 92 लोग घायल हुए, जबकि 2025-26 (फरवरी तक) में 14 दुर्घटनाएं हुईं, जिनमें 16 लोगों की मौत हुई और 28 लोग घायल हुए।

वैष्णव ने यह भी बताया कि दुर्घटनाओं में कमी कई सुरक्षा पहलों का परिणाम है, जिनमें बेहतर ट्रैक रखरखाव, आधुनिक सिग्नलिंग सिस्टम और तकनीकी उन्नयन शामिल हैं।

सुरक्षा संबंधी गतिविधियों पर व्यय में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जो 2013-14 में 39,200 करोड़ रुपए से बढ़कर 2025-26 में 1,17,693 करोड़ रुपए हो गया है, और 2026-27 के लिए 1,20,389 करोड़ रुपए का अतिरिक्त आवंटन किया गया है।

मानवीय त्रुटि को कम करने के लिए, 6,665 स्टेशनों पर इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग सिस्टम स्थापित किए गए हैं, जबकि 10,153 से अधिक लेवल क्रॉसिंग गेटों पर इंटरलॉकिंग की व्यवस्था की गई है।

6,669 स्टेशनों पर ट्रैक सर्किटिंग लागू की गई है, जो विद्युत माध्यम से ट्रैक पर यात्रियों की उपस्थिति की पुष्टि करने में सहायक है।

रेल मंत्री ने यह भी बताया कि स्वदेशी रूप से विकसित स्वचालित ट्रेन सुरक्षा प्रणाली (एटीपी) 'कवच' को 2020 में राष्ट्रीय प्रणाली के रूप में अपनाया गया था। कवच के नवीनतम संस्करण को 1,452 किलोमीटर मार्गों पर लागू किया गया है, जिसमें दिल्ली-मुंबई और दिल्ली-हावड़ा जैसे प्रमुख व्यस्त मार्ग शामिल हैं।

वैष्णव ने कहा कि प्रौद्योगिकी और बुनियादी ढांचे में निरंतर निवेश से भारतीय रेलवे को सुरक्षा बढ़ाने और दुर्घटनाओं को कम करने में मदद मिल रही है।

--आईएएनएस

एमएस/

Share this story

Tags