Samachar Nama
×

ट्राई ने व्हीकल-टू-एवरीथिंग कम्युनिकेशन के लिए नियामक ढांचे पर परामर्श पत्र जारी किया

नई दिल्ली, 30 अप्रैल (आईएएनएस)। भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने व्हीकल-टू-एवरीथिंग (वी2एक्स) कम्युनिकेशन के लिए नियामक ढांचे पर एक परामर्श पत्र जारी किया है। यह जानकारी गुरुवार को संचार मंत्रालय की ओर से दी गई।
ट्राई ने व्हीकल-टू-एवरीथिंग कम्युनिकेशन के लिए नियामक ढांचे पर परामर्श पत्र जारी किया

नई दिल्ली, 30 अप्रैल (आईएएनएस)। भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने व्हीकल-टू-एवरीथिंग (वी2एक्स) कम्युनिकेशन के लिए नियामक ढांचे पर एक परामर्श पत्र जारी किया है। यह जानकारी गुरुवार को संचार मंत्रालय की ओर से दी गई।

आधिकारिक बयान में कहा गया कि संचार मंत्रालय के दूरसंचार विभाग (डीओटी) ने एक दिसंबर 2025 को पत्र के माध्यम से ट्राई से वी2एक्स के लिए नियामक तंत्र पर ट्राई अधिनियम 1997 (संशोधित) के खंड 11(1)(ए) के तहत सिफारिशें प्रदान करने का अनुरोध किया है।

इस संबंध में, व्हीकल-टू-एवरीथिंग (वी2एक्स) कम्युनिकेशन के लिए विनियामक ढांचे पर एक परामर्श पत्र ट्राई की वेबसाइट पर उपलब्ध कराया गया है। हितधारकों से परामर्श पत्र में उठाए गए मुद्दों पर 28 मई, 2026 तक लिखित टिप्पणियां और 11 जून, 2026 तक प्रति-टिप्पणियां आमंत्रित की गई हैं।

मंत्रालय ने कहा कि टिप्पणियां या प्रति-टिप्पणियां इलेक्ट्रॉनिक रूप में ट्राई के सलाहकार (नेटवर्क, स्पेक्ट्रम और लाइसेंसिंग) अखिलेश कुमार त्रिवेदी को एडीवीएमएनएटदरेटट्राईडॉटगावडॉटइन पर भेज सकते हैं। वहीं, किसी अन्य जानकारी के लिए टेलीफोन नंबर +91-11-20907758 पर संपर्क किया जा सकता है।

व्हीकल-टू-एवरीथिंग (वी2एक्स) कम्युनिकेशन एक वायरलेस तकनीक है जो वाहनों को अन्य वाहनों (वी2वी), बुनियादी ढांचे (वी2आई), पैदल यात्रियों (वी2पी) और नेटवर्क (वी2एन) के साथ इंटरैक्ट करने में सक्षम बनाती है।

यह तकनीक सड़क सुरक्षा और यातायात दक्षता में सुधार करती है, साथ ही स्थान, गति और परिवेश पर वास्तविक समय डेटा साझा करके ऑटोनॉमस ड्राइविंग में सहायता करती है।

काउंटरपॉइंट रिसर्च की एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार, भारत कनेक्टेड कारों के लिए सबसे तेजी से बढ़ते बाजार के रूप में उभरा है, जिसने 2024 में 25 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि दर्ज की है।

इस तेजी से बढ़ते उपयोग का कारण घरेलू ऑटोमोबाइल निर्माताओं द्वारा अपने सभी वाहनों में कनेक्टिविटी सुविधाओं को एकीकृत करना है।

रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया है कि 2028 तक वैश्विक स्तर पर बेची जाने वाली आधी से अधिक कारों में 5जी कनेक्टिविटी होगी, जिससे न(वी2एक्स) संचार, तेज डेटा ट्रांसमिशन और ऑटोनॉमस ड्राइविंग क्षमताओं में वृद्धि होगी।

--आईएएनएस

एबीएस/

Share this story

Tags