तेलंगाना: डीजीपी की अपील के बाद 25 लाख के इनामी माओवादी देवजी ने 16 साथियों के साथ किया सरेंडर
हैदराबाद, 22 फरवरी (आईएएनएस)। नक्सलियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में तेलंगाना पुलिस को रविवार को बड़ी सफलता मिली है। शीर्ष माओवादी नेता थिप्परी तिरुपति उर्फ देवजी ने पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया।
थिप्परी तिरुपति का आत्मसमर्पण प्रतिबंधित कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (माओवादी) के लिए अब तक का सबसे बड़ा झटका है। देवजी प्रतिबंधित कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (माओवादी) का महासचिव था। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, रविवार को देवजी के साथ सोलह और माओवादियों ने भी आदिलाबाद जिले के आसिफाबाद जंगलों में पुलिस के सामने हथियार डाल दिए।
देवजी पिछले साल मई में छत्तीसगढ़ में सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में मारे गए नंबाला केशव राव उर्फ बसवराजू की हत्या के बाद से संगठन का नेतृत्व कर रहा था। हालांकि, पुलिस ने अभी तक आत्मसमर्पण की पुष्टि नहीं की है। आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों को सोमवार को मीडिया के सामने पेश किए जाने की संभावना है।
देवजी सबसे वांछित माओवादी नेताओं में से एक था। तेलंगाना के पेद्दापल्ली जिले का रहने वाला देवजी सीपीआई (माओवादी) के केंद्रीय समिति सदस्य था। उस पर 25 लाख का इनाम था। वह तेलंगाना के उन 17 माओवादी नेताओं में से एक था जो देशभर में सीपीआई (माओवादी) की विभिन्न समितियों में महत्वपूर्ण पदों पर थे। पिछले महीने, तेलंगाना के पुलिस महानिदेशक बी. शिवधर रेड्डी ने उससे आत्मसमर्पण करने की अपील की थी।
डीजीपी ने उसे आश्वासन दिया था कि सरकार द्वारा किए गए वादे के अनुसार उनका पुनर्वास किया जाएगा। इसके साथ ही तेलंगाना पुलिस ने 'अब और संघर्ष नहीं, अपने गांव से प्यार करो' के नारे के साथ उसे भूमिगत जीवन छोड़कर मुख्यधारा में लौटने की अपील की थी।
तेलंगाना पुलिस माओवादियों के आत्मसमर्पण करने के लिए कदम उठा रही है। वर्ष 2025 के दौरान कुल 576 माओवादियों ने तेलंगाना पुलिस के सामने आत्मसमर्पण किया था।
पिछले साल नवंबर में, देवजी की सुरक्षा टीम के कुछ सदस्य पड़ोसी आंध्र प्रदेश के पांच जिलों से गिरफ्तार किए गए थे। 18 नवंबर 2025 को हुईं गिरफ्तारियां अल्लूरी सीतारामाराजू जिले के जंगलों में हुई मुठभेड़ के कुछ घंटों बाद की गई थीं, जिसमें शीर्ष माओवादी कमांडर माडवी हिडमा, उसकी पत्नी राजे और चार अन्य मारे गए थे। हिडमा के मारे जाने के एक दिन बाद, उसी जिले में विस्फोटक विशेषज्ञ मेट्टुरी जोगा राव उर्फ टेक शंकर और छह अन्य सहित सात माओवादी मारे गए थे।
--आईएएनएस
सत्यम दुबे

