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तमिलनाडु में महिलाओं की मुफ्त बस यात्रा योजना का दायरा बढ़ाने की तैयारी, रोजाना 1.59 करोड़ यात्रियों को मिल सकता है लाभ

तमिलनाडु में महिलाओं की मुफ्त बस यात्रा योजना का दायरा बढ़ाने की तैयारी, रोजाना 1.59 करोड़ यात्रियों को मिल सकता है लाभ
तमिलनाडु में महिलाओं की मुफ्त बस यात्रा योजना का दायरा बढ़ाने की तैयारी, रोजाना 1.59 करोड़ यात्रियों को मिल सकता है लाभ

चेन्नई, 6 जुलाई (आईएएनएस)। तमिलनाडु सरकार महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा योजना का दायरा बढ़ाने पर विचार कर रही है, ताकि इसमें राज्य की और अधिक बस सेवाओं को शामिल किया जा सके। अगर यह योजना लागू होती है, तो इससे हर दिन करीब 28 लाख अतिरिक्त महिला यात्रियों को फायदा मिल सकता है।

परिवहन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस प्रस्ताव पर कर्नाटक की ‘शक्ति योजना’ की तर्ज पर विचार किया जा रहा है। इस योजना के तहत महिलाओं को लगभग 26,000 सरकारी बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा मिलती है, लेकिन इसमें एयर-कंडीशंड, लग्जरी, प्रीमियम और नॉन-एसी स्लीपर बसें शामिल नहीं हैं।

अधिकारियों के अनुसार, अगर तमिलनाडु में भी ऐसा ही मॉडल लागू किया जाता है, तो महिलाओं के लिए मुफ्त यात्रा की सुविधा देने वाली बसों की संख्या मौजूदा 7,300 साधारण बसों से बढ़कर लगभग 15,400 हो जाएगी। इस बढ़े हुए नेटवर्क में तमिलनाडु राज्य परिवहन निगम के छह डिवीजनों की लगभग 7,600 मोफुसिल (ग्रामीण और अंतरजिला मार्गों पर चलने वाली) बसें और राज्य एक्सप्रेस परिवहन निगम की लगभग 500 सेमी स्लीपर बसें शामिल होंगी।

अभी रोजाना लगभग 70 लाख महिलाएं साधारण बसों में मुफ्त यात्रा का लाभ उठाती हैं। अधिकारियों का अनुमान है कि अगर मोफुसिल और नॉन-एसी एसईटीसी सेवाओं को भी इस योजना में शामिल किया जाता है, तो इनमें से लगभग 40 प्रतिशत यात्री इन सेवाओं का भी इस्तेमाल कर सकते हैं। इससे सरकारी बसों में मुफ्त यात्रा और किराए में छूट का लाभ लेने वाले यात्रियों की कुल संख्या मौजूदा 1.31 करोड़ से बढ़कर लगभग 1.59 करोड़ प्रतिदिन हो सकती है।

अधिकारियों ने साफ किया कि अभी यह तय नहीं हुआ है कि सिटी डीलक्स या अन्य श्रेणी की बसों को इस योजना में शामिल किया जाएगा या नहीं। परिवहन विभाग ने टीएनएसटीसी और एसईटीसी सेवाओं के आरक्षण डेटा का विश्लेषण शुरू कर दिया है, ताकि महिला यात्रियों द्वारा दिए जाने वाले औसत किराए का अनुमान लगाया जा सके और प्रस्तावित विस्तार के वित्तीय प्रभाव का आकलन किया जा सके।

इस स्कीम को लंबी दूरी की सेवाओं तक बढ़ाने से काम, पढ़ाई, इलाज, परिवार से मिलने और तीर्थयात्रा के लिए सफर करने वाली महिलाओं का यात्रा खर्च कम होने की उम्मीद है, लेकिन अधिकारियों का कहना है कि यह प्रस्ताव अभी शुरुआती चरण में है।

उन्होंने देखा कि साधारण बसों, जिनमें अक्सर रोजाना आने-जाने वाले यात्री सफर करते हैं और लंबी दूरी की सेवाओं, जिनमें यात्री आमतौर पर सिर्फ एक या दो बार ही यात्रा करते हैं, के बीच मांग के पैटर्न में काफी अंतर होता है।

तमिलनाडु के आठ राज्य परिवहन निगम लगभग 21,500 बसों का बेड़ा चलाते हैं, जिनमें से अभी करीब 19,100 बसें चल रही हैं और रोजाना 2.05 करोड़ से ज्यादा यात्री इनमें सफर करते हैं। राज्य किराए में छूट पर हर साल लगभग 5,380 करोड़ रुपए खर्च करता है। इसमें महिलाओं के लिए मुफ्त यात्रा योजना पर 3,600 करोड़ रुपए और छात्रों को दी जाने वाली छूट पर 1,780 करोड़ रुपए शामिल हैं।

तमिलनाडु योजना आयोग की एक स्टडी में पाया गया कि मौजूदा स्कीम महिलाओं को हर महीने औसतन 830 रुपए बचाने में मदद करती है।

--आईएएनएस

एसएचके/वीसी

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