Samachar Nama
×

तमिलनाडु: तीन वर्ष के बच्चे पर हमले के बाद लावारिस कुत्तों का वैक्सीनेशन और नसबंदी अभियान तेज

तमिलनाडु: तीन वर्ष के बच्चे पर हमले के बाद लावारिस कुत्तों का वैक्सीनेशन और नसबंदी अभियान तेज
तमिलनाडु: तीन वर्ष के बच्चे पर हमले के बाद लावारिस कुत्तों का वैक्सीनेशन और नसबंदी अभियान तेज

चेन्नई, 27 जुलाई (आईएएनएस)। तमिलनाडु के तिरुपत्तूर जिले में हाल ही में तीन वर्ष के एन. ऋत्विक पर लावारिस कुत्तों के झुंड ने हमला कर दिया था। इस घटना के बाद से वेल्लोर, रानीपेट और तिरुवन्नामलाई जिलों की नगर निकायों की ओर से बड़े पैमाने पर सामुदायिक कुत्तों का टीकाकरण और नसबंदी अभियान तेज कर दिया गया है।

लोगों की सुरक्षा को बेहतर बनाने और लावारिस कुत्तों की आबादी को कंट्रोल करने के उद्देश्य से अभियान चलाया जा रहा है। सोशल मीडिया पर घटना का फुटेज वायरल हुआ था, जिसके बाद लोगों की चिंताएं बढ़ गई हैं।

स्थानीय प्रशासन को एनिमल बर्थ कंट्रोल और वैक्सीनेशन प्रोग्राम को मजबूत करने के लिए कहा गया। सरकार की ओर से चलाए जाने वाले इस अभियान का लोगों ने स्वागत किया है; उनका कहना है कि लगातार वैक्सीनेशन और नसबंदी से आवारा कुत्तों की आबादी धीरे-धीरे कम होगी और रहने की जगहें बच्चों और बुज़ुर्गों के लिए ज्यादा सुरक्षित हो जाएंगी।

यह प्रोग्राम एनिमल हस्बैंड्री डिपार्टमेंट, तमिलनाडु एनिमल वेलफेयर बोर्ड और नॉन-गवर्नमेंटल ऑर्गनाइजेशन मिलकर चला रहे हैं। वेल्लोर और तिरुवन्नामलाई कॉर्पोरेशन समेत बड़ी शहरी लोकल बॉडी पिछले एक महीने से हर शनिवार को वीकली वैक्सीनेशन और नसबंदी कैंप लगा रही हैं।

आधिकारिक आंकड़े के अनुसार, वेल्लोर जिले में लगभग 45,829 कम्युनिटी डॉग हैं, जिनमें से वेल्लोर कॉर्पोरेशन में 27,102 हैं। पेरनामबुट में 2,188 डॉग हैं, जबकि गुडियाथम में 1,973 हैं। 25 जुलाई तक, जिले भर में कुल 15,641 डॉग को वैक्सीन लगाई जा चुकी थी, जिसमें वेल्लोर कॉर्पोरेशन लिमिट के अंदर 7,496 डॉग शामिल हैं।

तिरुवन्नामलाई में डॉग के वैक्सीनेशन को प्राथमिकता दी गई है। शहर के लगभग 5,175 कम्युनिटी डॉग में से 4,000 से ज्यादा को पहले ही वैक्सीन लगाई जा चुकी है।

कुत्तों के नसबंदी की कोशिशों को और तेज करने के लिए कॉर्पोरेशन की ओर से 64 लाख रुपये की लागत से पहला डेडिकेटेड एनिमल बर्थ कंट्रोल (एसीबी) सेंटर बनाया जा रहा है।

जबकि, रानीपेट जिले में रानीपेट, शोलिंगहुर, वालाजाह, आरकोट, अरक्कोणम और मेलविशरम जैसे बड़े शहरों में लगभग 12,000 कम्युनिटी कुत्तों की पहचान की गई है। अकेले रानीपेट शहर में 5,787 कुत्ते हैं। अधिकारियों ने कहा कि जिले के पहचाने गए 60 प्रतिशत से ज्यादा कम्युनिटी कुत्तों को पहले ही वैक्सीन लगाई जा चुकी है क्योंकि यह कैंपेन शहरी लोकल बॉडीज में जारी है।

--आईएएनएस

एसडी/पीएम

Share this story

Tags