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एआईएडीएमके संकट: तमिलनाडु स्पीकर ने पलानीस्वामी व 4 बागी विधायकों को बुलाया

एआईएडीएमके संकट: तमिलनाडु स्पीकर ने पलानीस्वामी व 4 बागी विधायकों को बुलाया
एआईएडीएमके संकट: तमिलनाडु स्पीकर ने पलानीस्वामी व 4 बागी विधायकों को बुलाया

चेन्नई, 26 जुलाई (आईएएनएस)। तमिलनाडु विधानसभा अध्यक्ष जेसीडी प्रभाकर ने एआईएडीएमके के महासचिव और विपक्ष के नेता एडप्पाडी के. पलानीस्वामी और संविधान की दसवीं अनुसूची के तहत अयोग्यता कार्यवाही का सामना कर रहे चार पूर्व एआईएडीएमके विधायकों को दलबदल मामले में आगे स्पष्टीकरण के लिए 30 जुलाई को अपने समक्ष पेश होने के लिए तलब किया है।

तमिलनाडु विधानसभा सचिवालय द्वारा जारी एक विज्ञप्ति के अनुसार, अध्यक्ष ने पूर्व एआईएडीएमके विधायकों मरगथम कुमारवेल (मदुरंथगम), पी. सत्यबामा (धरपुरम), एस. जयकुमार (पेरुंदुरई) और एसाक्की सुबाया (अंबासमुद्रम) को सुबह 11 बजे से दोपहर 12:30 बजे के बीच व्यक्तिगत रूप से उनके समक्ष पेश होने का निर्देश दिया है। प्रत्येक को सुनवाई के लिए 30 मिनट का समय दिया गया है।

पलानीस्वामी को भी कार्यवाही के दौरान उपस्थित रहने के लिए कहा गया है ताकि वे अपनी याचिका पर अतिरिक्त स्पष्टीकरण दे सकें।

यह कार्यवाही सी. जोसेफ विजय के नेतृत्व वाली टीवीके सरकार के गठन के बाद हुए विश्वास मत के तुरंत बाद 13 मई को पलानीस्वामी द्वारा दायर अयोग्यता याचिका के संदर्भ में शुरू हुई है।

विश्वास प्रस्ताव के दौरान, एआईएडीएमके के 25 विधायकों ने एआईएडीएमके नेतृत्व द्वारा जारी पार्टी व्हिप का उल्लंघन करते हुए नई सरकार के समर्थन में मतदान किया।

इसके बाद, पलानीस्वामी ने 25 में से 21 विधायकों के इस कदम को माफ कर दिया। हालांकि, शेष चार सदस्य—मरगथम कुमारवेल, पी. सत्यबामा, एस. जयकुमार और एसाक्की सुबाया—ने बाद में विधानसभा से इस्तीफा दे दिया और सत्तारूढ़ टीवीके में शामिल हो गए, जिसके चलते पार्टी नेतृत्व ने दलबदल विरोधी कानून के तहत उनके खिलाफ अयोग्यता की कार्यवाही जारी रखी।

जांच के तहत, चारों पूर्व विधायक दो अलग-अलग मौकों पर अध्यक्ष के समक्ष पेश हो चुके हैं। उन सुनवाईयों के दौरान, उन्होंने विश्वास प्रस्ताव के दौरान पार्टी व्हिप के खिलाफ मतदान करने के अपने निर्णय के संबंध में मौखिक और लिखित दोनों स्पष्टीकरण प्रस्तुत किए।

उनके स्पष्टीकरण के बाद, अध्यक्ष ने पूर्व विधायकों द्वारा दिए गए स्पष्टीकरणों से उत्पन्न मुद्दों पर पलानीस्वामी से और स्पष्टीकरण मांगा।

इसके बाद एआईएडीएमके प्रतिनिधियों ने पार्टी नेता का लिखित जवाब विधानसभा सचिवालय में प्रस्तुत किया।

सुनवाई के इस नवीनतम दौर में, अध्यक्ष द्वारा दलबदल विरोधी कार्यवाही में आगे की कार्रवाई तय करने से पहले दोनों पक्षों द्वारा दिए गए स्पष्टीकरणों की जांच करने की उम्मीद है।

जांच के परिणाम पर बारीकी से नजर रखी जा रही है, क्योंकि इसके एआईएडीएमके और सत्ताधारी टीवीके सरकार दोनों के लिए महत्वपूर्ण राजनीतिक और कानूनी निहितार्थ हो सकते हैं।

--आईएएनएस

एमएस/

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