Samachar Nama
×

तमिलनाडु में विवाह सहायता योजनाओं के लिए ऑनलाइन आवेदन अनिवार्य

चेन्नई, 14 फरवरी (आईएएनएस)। तमिलनाडु सरकार ने कल्याणकारी योजनाओं को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। तमिलनाडु सरकार ने विवाह सहायता योजनाओं के लिए आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन करना अनिवार्य कर दिया है। अब इन योजनाओं के तहत लाभ पाने के लिए आवेदकों को केवल डिजिटल माध्यम से ही आवेदन करना होगा।
तमिलनाडु में विवाह सहायता योजनाओं के लिए ऑनलाइन आवेदन अनिवार्य

चेन्नई, 14 फरवरी (आईएएनएस)। तमिलनाडु सरकार ने कल्याणकारी योजनाओं को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। तमिलनाडु सरकार ने विवाह सहायता योजनाओं के लिए आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन करना अनिवार्य कर दिया है। अब इन योजनाओं के तहत लाभ पाने के लिए आवेदकों को केवल डिजिटल माध्यम से ही आवेदन करना होगा।

सरकार के इस फैसले से मैनुअल आवेदन प्रणाली समाप्त हो जाएगी और बिचौलियों की भूमिका भी खत्म होगी। इससे पूरे राज्य में एक समान, समयबद्ध और पारदर्शी प्रक्रिया सुनिश्चित होने की उम्मीद है। यह सुधार वर्ष 2023 में शुरू की गई 'सिंपलगव' पहल का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल बनाना और नागरिकों को डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से सरकारी सेवाओं तक आसान पहुंच देना है।

राज्य सरकार द्वारा गठित एक समिति ने विभिन्न विवाह सहायता योजनाओं की कार्यप्रणाली की समीक्षा की थी। समिति की सिफारिशों के आधार पर कई महत्वपूर्ण बदलाव लागू किए गए हैं। नए नियमों के अनुसार अब सभी पात्र योजनाओं के लिए आवेदन विवाह संपन्न होने के बाद ही स्वीकार किए जाएंगे।

यह नई व्यवस्था डॉ. धर्माम्बाल अम्मैयार स्मृति विधवा पुनर्विवाह सहायता योजना, अन्नई थेरेसा स्मृति विवाह सहायता योजना, ई.वी.आर. मणिअम्मैयार स्मृति विवाह सहायता योजना, और डॉ. मुथुलक्ष्मी रेड्डी स्मृति अंतरजातीय विवाह सहायता योजना सहित कई प्रमुख योजनाओं पर लागू होगी।

सरकार के आदेश के अनुसार, विवाह की तिथि से छह महीने के भीतर आवेदन जमा करना अनिवार्य होगा। ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया को सुचारू रूप से लागू करने के लिए तमिलनाडु ई-गवर्नेंस एजेंसी को ई-सेवा केंद्रों और अन्य निर्धारित डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।

आवेदन निस्तारण के लिए स्पष्ट समयसीमा भी तय की गई है। पंजीकृत विवाह से जुड़े आवेदन 20 दिनों के भीतर निपटाए जाएंगे, जबकि अपंजीकृत विवाह के मामलों में 30 दिनों का समय लगेगा। अधिकारियों के अनुसार, अपंजीकृत विवाह में अतिरिक्त सत्यापन प्रक्रिया के कारण अधिक समय निर्धारित किया गया है।

सरकार का मानना है कि पूरी तरह ऑनलाइन व्यवस्था लागू होने से देरी कम होगी, प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी और लाभार्थियों को आवेदन की स्थिति ट्रैक करने की सुविधा मिलेगी। यह कदम डिजिटल शासन, जवाबदेही और नागरिक केंद्रित सेवा वितरण की दिशा में राज्य की प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जिससे पात्र लाभार्थियों तक आर्थिक सहायता बिना बाधा और समय पर पहुंच सकेगी।

--आईएएनएस

वीकेयू/एएस

Share this story

Tags