तमिलनाडु में उलेमा और रिलीजियस वर्कर्स से टू-व्हीलर योजना के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए
चेन्नई, 31 मई (आईएएनएस)। मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के नेतृत्व वाली तमिलनाडु सरकार ने पात्र उलेमा और धार्मिक कार्यकर्ताओं (रिलीजियस वर्कर्स) से रियायती टू-व्हीलर योजना के लिए आवेदन मांगे हैं। इस योजना के तहत नए वाहन की खरीद पर 50,000 रुपए तक की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी।
इस पहल का उद्देश्य धार्मिक कार्यकर्ताओं की आवागमन क्षमता में सुधार करना और उन्हें अपने सामुदायिक और धार्मिक दायित्वों को अधिक प्रभावी ढंग से निभाने में सक्षम बनाना है।
रविवार को जारी एक बयान में, चेन्नई जिला कलेक्टर रश्मी सिद्धार्थ जागड़े ने कहा कि यह योजना तमिलनाडु उलेमा और अन्य कार्मिक कल्याण बोर्ड के माध्यम से कार्यान्वित की जा रही है और राज्य भर की मस्जिदों और इस्लामी संस्थानों में सेवारत विभिन्न धार्मिक कार्यकर्ताओं के लिए खुली है।
इस योजना के लाभार्थियों में आलिम, पेश-इमाम, अरबी शिक्षक, मुअज़्ज़िन, मस्जिद कर्मचारी और अन्य पात्र धार्मिक पदाधिकारी शामिल हैं जो धार्मिक और सामुदायिक सेवाओं में सक्रिय रूप से लगे हुए हैं।
आवेदकों की आयु 18 से 60 वर्ष के बीच होनी चाहिए और उन्हें कल्याण बोर्ड द्वारा निर्धारित पात्रता मानदंडों को पूरा करना चाहिए। कलेक्टर के अनुसार, इस योजना का उद्देश्य उन धार्मिक कार्यकर्ताओं की परिवहन संबंधी कठिनाइयों को कम करना है जो अक्सर नमाज पढ़ाने, धार्मिक कक्षाएं संचालित करने, सामुदायिक कार्यक्रमों में भाग लेने और विभिन्न क्षेत्रों में आध्यात्मिक मार्गदर्शन प्रदान करने जैसे कर्तव्यों के निर्वाह के लिए व्यापक यात्रा करते हैं।
इस कार्यक्रम के तहत, पात्र लाभार्थियों को नए दोपहिया वाहन की खरीद पर 50,000 रुपए तक की सब्सिडी मिल सकती है। सरकार का मानना है कि निजी परिवहन की बेहतर सुविधा से धार्मिक कार्यकर्ताओं को अपने गंतव्य तक अधिक कुशलता से पहुंचने में मदद मिलेगी और स्थानीय समुदायों की सेवा करने की उनकी क्षमता में वृद्धि होगी।
इच्छुक आवेदकों को सलाह दी जाती है कि वे अपने-अपने जिला पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक कल्याण कार्यालयों से निर्धारित आवेदन पत्र प्राप्त कर लें। भरे हुए फॉर्म सभी आवश्यक सहायक दस्तावेजों के साथ निर्धारित समय सीमा के भीतर जमा करने होंगे।
कलेक्टर ने कहा कि इस योजना के लिए आवेदन 30 जून, 2026 तक स्वीकार किए जाएंगे और उन्होंने पात्र उलेमाओं और धार्मिक कार्यकर्ताओं से इस अवसर का लाभ उठाने का आग्रह किया। रियायती दोपहिया वाहन योजना तमिलनाडु सरकार के व्यापक कल्याणकारी उपायों का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य लक्षित सहायता कार्यक्रमों के माध्यम से समाज के विभिन्न वर्गों का समर्थन करना है।
--आईएएनएस
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