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तमिलनाडु चुनाव से पहले राहुल गांधी का दौरा, 'थलाइवा' के नारे के साथ हुआ जोरदार स्वागत

चेन्नई, 13 जनवरी (आईएएनएस)। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी मंगलवार को तमिलनाडु पहुंचे, जहां पार्टी कार्यकर्ताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया। लोग उन्हें 'थलाइवा' कहकर पुकार रहे थे। पार्टी आगामी विधानसभा चुनाव से पहले राज्य में अपनी भूमिका बढ़ाने की कोशिश कर रही है।
तमिलनाडु  चुनाव से पहले राहुल गांधी का दौरा, 'थलाइवा' के नारे के साथ हुआ जोरदार स्वागत

चेन्नई, 13 जनवरी (आईएएनएस)। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी मंगलवार को तमिलनाडु पहुंचे, जहां पार्टी कार्यकर्ताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया। लोग उन्हें 'थलाइवा' कहकर पुकार रहे थे। पार्टी आगामी विधानसभा चुनाव से पहले राज्य में अपनी भूमिका बढ़ाने की कोशिश कर रही है।

राहुल गांधी की यह यात्रा नीलगिरि जिले के गुदालुर में एक स्कूल के स्वर्ण जयंती समारोह में शामिल होने के लिए है। हालांकि कांग्रेस का कहना है कि यह यात्रा पूरी तरह से गैर-राजनीतिक है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में कहा जा रहा है कि इसका असली मकसद विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी की पकड़ मजबूत करना है।

तमिलनाडु कांग्रेस कमिटी (टीएनसीसी) ने एयरपोर्ट पर ताकत का प्रदर्शन किया। वहां समर्थकों ने राहुल गांधी के पोस्टर लहराए और उन्हें 'सर्वोच्च नेता' के रूप में पेश किया। यह सार्वजनिक प्रदर्शन इस बात का संकेत माना जा रहा है कि कांग्रेस राज्य सरकार में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने के लिए गंभीर है।

कांग्रेस ने पिछले कुछ समय से द्रविड़ मुन्नेत्र कजगम (डीएमके) के नेतृत्व वाली राज्य सरकार में बड़ा रोल मांगना शुरू किया है, लेकिन उसके वरिष्ठ सहयोगी डीएमके ने इसे ठुकरा दिया है। खबरों के अनुसार कांग्रेस तमिलगा वेत्रि कज़गम (टीवीके) के साथ राजनीतिक विकल्प तलाश रही है ताकि उनकी राजनीतिक मांगों को बल मिल सके। हालांकि टीएनसीसी नेताओं ने ऐसी चर्चाओं से इनकार किया है, फिर भी 'थलाइवा' के नारे को राहुल गांधी को राज्य की राजनीति में एक केंद्रीय नेता के रूप में पेश करने की कोशिश माना जा रहा है।

पिछले हफ्ते इंडिया ब्लॉक के दोनों दलों के बीच तनाव बढ़ा है। कांग्रेस कम से कम 40 सीटें मांग रही है और औपचारिक गठबंधन सरकार के ढांचे के लिए दबाव बना रही है। फिलहाल कांग्रेस के पास 234 सदस्यीय विधानसभा में सिर्फ 17 विधायक हैं। डीएमके नेताओं ने इस मांग को सिरे से खारिज कर दिया है।

राज्य मंत्री आई. पेरियासामी ने कहा कि तमिलनाडु में परंपरागत रूप से एक ही दल की सरकार होती है और मुख्यमंत्री एमके स्टालिन इस नीति को जारी रखने के पक्ष में हैं। उन्होंने साफ किया कि गठबंधन सरकार की संभावना नहीं है।

सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस की सीट शेयरिंग समिति ने डीएमके नेतृत्व को बताया कि पार्टी कार्यकर्ता राज्य में अपने विजन को साकार करने के लिए हकदार हिस्सेदारी चाहते हैं। डीएमके ने जवाब में कहा कि इस तरह की व्यवस्था राजनीतिक अस्थिरता ला सकती है।

राहुल गांधी मंगलवार को जिले स्तर के पार्टी पदाधिकारियों से भी मिलेंगे और आगामी महीनों के लिए कांग्रेस की चुनाव रणनीति पर चर्चा करेंगे। यह स्पष्ट है कि कांग्रेस तमिलनाडु में अपनी उपस्थिति बढ़ाने और आगामी विधानसभा चुनाव में बड़ा प्रभाव डालने के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है।

--आईएएनएस

पीआईएम/वीसी

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