तमिलनाडु सरकार का अंतरिम बजट ‘खोखला दस्तावेज’: भाजपा
चेन्नई, 17 फरवरी (आईएएनएस)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की तमिलनाडु इकाई ने राज्य सरकार के वर्ष 2026–27 के अंतरिम बजट पर तीखा हमला बोलते हुए इसे “खाली दस्तावेज” करार दिया है। पार्टी ने आरोप लगाया कि यह बजट सत्तारूढ़ डीएमके की वित्तीय कुप्रबंधन, अधूरे वादों और प्रशासनिक उदासीनता को दर्शाता है।
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष नैनार नागेंथ्रन ने बजट को निराशाजनक बताते हुए कहा कि विधानसभा में पेश किया गया दस्तावेज कोई ठोस वित्तीय रोडमैप नहीं, बल्कि “खोखले गौरव का पत्र” है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले पांच वर्षों में डीएमके सरकार ने जनता को बार-बार निराश किया है और अब लोग ऐसे “कमजोर प्रदर्शन” से हैरान नहीं होते।
उन्होंने दावा किया कि राज्य में राजनीतिक परिवर्तन निकट है।
वरिष्ठ भाजपा नेता तमिलिसाई सौंदरराजन ने बजट की सामग्री और प्रस्तुति के समय, दोनों पर सवाल उठाए। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि खुद को तर्कवादी बताने वाली सरकार ने अमावस्या के दिन बजट पेश किया।
उन्होंने इसे डीएमके का “आखिरी बजट” बताते हुए आरोप लगाया कि सरकार ने चुनावी वादे पूरे नहीं किए, टैक्स बढ़ाए और राज्य को कर्ज के बोझ तले दबा दिया, जबकि सार्वजनिक धन के उपयोग पर पारदर्शिता नहीं दिखाई।
भाजपा के राष्ट्रीय सामान्य परिषद सदस्य के अन्नामलाई ने भी सरकार पर जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव से पहले पेश यह बजट समाज के कई वर्गों की अनदेखी करता है, जैसे स्थायी नियुक्ति की मांग कर रहे सफाई कर्मचारी, समान वेतन की मांग करने वाले शिक्षक, सरकारी डॉक्टर और भर्ती में कथित अनियमितताओं के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे युवा।
अन्नामलाई ने राज्य की वित्तीय स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि आधिकारिक अनुमान के अनुसार 31 मार्च 2027 तक तमिलनाडु का कुल कर्ज 10.62 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है। उन्होंने सवाल उठाया कि इतना बड़ा कर्ज किन मदों में खर्च हुआ और राज्य का ऋण बोझ इतनी तेजी से क्यों बढ़ा।
उन्होंने कोयंबटूर और मदुरै मेट्रो रेल परियोजनाओं की संशोधित परियोजना रिपोर्ट में देरी का भी मुद्दा उठाया और आरोप लगाया कि राज्य सरकार केंद्र पर दोष मढ़ रही है। साथ ही, उन्होंने कूम और अड्यार नदियों की सफाई के लिए की गई घोषणाओं के बावजूद जमीनी स्तर पर सुधार न दिखने का भी सवाल उठाया।
हालांकि, डीएमके सरकार की ओर से भाजपा के आरोपों पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
--आईएएनएस
डीएससी

