Samachar Nama
×

तमिलनाडु भाजपा ने डीएमके सरकार पर जारी किया ‘रिपोर्ट कार्ड’, विफलताओं का आरोप

चेन्नई, 21 फरवरी (आईएएनएस)। तमिलनाडु इकाई की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने सत्तारूढ़ द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) सरकार के खिलाफ ‘पीपुल्स वर्डिक्ट रिपोर्ट कार्ड’ जारी किया है। इसमें 2021-2026 के कार्यकाल के दौरान शासन, भ्रष्टाचार और चुनावी वादों को पूरा न करने को लेकर राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
तमिलनाडु भाजपा ने डीएमके सरकार पर जारी किया ‘रिपोर्ट कार्ड’, विफलताओं का आरोप

चेन्नई, 21 फरवरी (आईएएनएस)। तमिलनाडु इकाई की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने सत्तारूढ़ द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) सरकार के खिलाफ ‘पीपुल्स वर्डिक्ट रिपोर्ट कार्ड’ जारी किया है। इसमें 2021-2026 के कार्यकाल के दौरान शासन, भ्रष्टाचार और चुनावी वादों को पूरा न करने को लेकर राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं।

रिपोर्ट को तमिलनाडु भाजपा अध्यक्ष नैनार नागेंद्रन ने पेश किया। इसमें मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन के नेतृत्व वाली डीएमके सरकार के प्रदर्शन का आकलन महंगाई, रोजगार, कानून-व्यवस्था, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और महिलाओं की सुरक्षा जैसे प्रमुख क्षेत्रों में किया गया है।

भाजपा के अनुसार, डीएमके ने 2021 के विधानसभा चुनाव से पहले 505 चुनावी वादे किए थे, लेकिन उनमें से केवल सीमित संख्या में वादों को ही पूरी तरह या पर्याप्त रूप से लागू किया गया है। पार्टी ने राज्य सरकार के इस दावे को भी चुनौती दी कि अधिकांश वादे पूरे कर लिए गए हैं। भाजपा का आरोप है कि कई वादे आंशिक रूप से लागू हुए हैं या अब तक पूरे नहीं किए गए हैं।

रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि राज्य सरकार बढ़ती कीमतों पर प्रभावी नियंत्रण करने, युवाओं के लिए पर्याप्त रोजगार सृजित करने और सार्वजनिक सुरक्षा तंत्र को मजबूत करने में विफल रही है। साथ ही कानून-व्यवस्था की स्थिति में गिरावट और आर्थिक प्रबंधन में कमजोरी के कारण निवेश प्रभावित होने और विकास संभावनाओं पर असर पड़ने का भी दावा किया गया है।

भाजपा ने शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्रों में सार्वजनिक बुनियादी ढांचे की स्थिति पर भी चिंता जताई है। पार्टी का आरोप है कि सेवा वितरण और ढांचागत विकास में कई खामियां बनी हुई हैं।

भ्रष्टाचार के मुद्दे पर भाजपा ने व्यवस्थागत अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उन टिप्पणियों का उल्लेख किया, जिनमें उन्होंने तमिलनाडु में कथित “वंशवादी राजनीति” की आलोचना की थी। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा पहले लगाए गए “20 प्रतिशत भ्रष्टाचार प्रीमियम” के आरोप का भी जिक्र किया गया है, जिसे डीएमके लगातार खारिज करती रही है।

भाजपा ने डीएमके के कांग्रेस के साथ गठबंधन की भी आलोचना करते हुए अतीत के राजनीतिक विवादों और शासन से जुड़े मुद्दों का हवाला दिया।

वहीं, सत्तारूढ़ डीएमके ने इन सभी आरोपों को बार-बार खारिज किया है और कहा है कि उसका “द्रविड़ मॉडल” सामाजिक न्याय, कल्याणकारी योजनाओं के विस्तार और समावेशी विकास को प्राथमिकता देता है।

यह रिपोर्ट 2026 के तमिलनाडु विधानसभा चुनावों से पहले तेज हो रही राजनीतिक गतिविधियों के बीच जारी की गई है। भाजपा नेताओं का कहना है कि यह दस्तावेज राज्यभर में जनसंपर्क कार्यक्रमों और जनता से संवाद के आधार पर तैयार किया गया है।

चुनावों से पहले राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के तेज होने के साथ ही शासन और जवाबदेही का मुद्दा आने वाले महीनों में तमिलनाडु की राजनीति के केंद्र में रहने की संभावना है।

--आईएएनएस

डीएससी

Share this story

Tags